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सिविल अस्पताल में खुलेगी डायलिसिस यूनिट
ब्यूरो/अमर उजाला सोनीपत
Updated Sat, 17 Dec 2016 11:56 PM IST
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सर्जिकल वार्ड के पास की बिल्डिंग, जिसमें स्थापित होगी डायलिसिस यूनिट
- फोटो : Bureau
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शहर में स्थित सिविल अस्पताल को एम्स जैसी सुविधाएं देने की तैयारी की जा रही हैं। यहां अब डायलिसिस यूनिट खुलने का रास्ता साफ हो गया है। अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर सिटी स्कैन की तरह डायलिसिस यूनिट को खोलने के लिए जनवरी में काम शुरू होगा। सर्जिकल वार्ड के पास लगती बिल्डिंग को डीसीडीसी नामक निजी कंपनी को अस्पताल प्रशासन ने सौंप दिया गया है। डायलिसिस यूनिट के खुलने के बाद बाजार से सस्ती दरों पर मरीजों का उपचार किया जाएगा।
वर्तमान में डायलिसिस सेंटर की सुविधा रोहतक या दिल्ली के अस्पतालों में मिल रही है। जहां मरीज को एक बार डायलिसिस के लिए 1800 से लेकर 2500 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इससे जरूरतमंद आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को पैसों की कमी से भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिले में डायलिसिस के रोगियों की संख्या 1500 के करीब है। सिविल अस्पताल में अक्सर इलाज की सुविधा के अभाव में मरीजों को गंभीर हालत में रेफर कर दिया जाता है।
अगले माह जनवरी से अस्पताल में डायलिसिस यूनिट को स्थापित करने के लिए निजी कंपनी की ओर से काम शुरू किया जाएगा, जो कंपनी यह सुविधा यहां देगी वह इसी माह यहां पर मशीन इससे जुड़ी जरूरी उपकरणों का सेटअप करेगी। यूनिट के स्थापित होने के बाद मरीजों की बड़ी बचत तो होगी ही साथ में धक्के भी नहीं खाने पड़ेंगे।
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जगह अस्पताल की, मशीन, चिकित्सक और बेड कंपनी के
सोनीपत के सिविल अस्पताल में स्थापित होने वाली डायलिसिस यूनिट के संदर्भ में डीसीडीसी के साथ एमओयू साइन हो चुका है, जिसमें अस्पताल प्रशासन की ओर से सर्जिकल वार्ड में सिर्फ जगह दी गई है। इसके बदले कंपनी यहां करोड़ों की लागत से डायलिसिस मशीनें लगाएगी। साथ ही प्रशिक्षित स्टाफ और इनके रखरखाव का जिम्मा भी कंपनी का होगा। कंपनी और सरकार में गरीब मरीजों को मुफ्त सुविधाएं देने और अन्य मरीजों से बेहद कम खर्च वहन करने का भी समझौता हुआ है। कंपनी के अधिकारियों ने इसकी विजिट भी कर ली है। यूनिट के लगने के बाद बीपीएल, एससी, सरकारी पेंशन पात्रों का फ्री में इलाज होगा, जबकि जनरल वर्ग के लोगों को सस्ती दरें इलाज के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
सर्जिकल वार्ड में सौंपे गए हैं 12 कमरे, 10 बेड होंगे स्थापित
सर्जिकल वार्ड में डायलिसिस यूनिट को लगाने के लिए कंपनी को 12 कमरे सौंपे गए है, जिसमें से कमरा नं. 118, 119, 128 व 129 सिविल अस्पताल के पास रहेगा। यूनिट में कंपनी की ओर से 10 बेड स्थापित किए जाएंगे। जनवरी माह में यूनिट लगने का काम शुरू हो चुका है।
अलग से बिजली कनेक्शन के लिए किया अप्लाई
अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का संचालन करने के लिए बिजली की आवश्यकता है। 160 किलोवाट बिजली कनेक्शन के लिए कंपनी की ओर से बिजली निगम को अप्लाई किया जा चुका है।
अप्रैल तक शुरू होगी यूनिट
जनवरी माह के अंत तक सिविल अस्पताल में डायलिसिस यूनिट को लगाने की काम शुरू कर दिया जाएगा। मार्च या अप्रैल में इस यूनिट को संचालित किया जाएगा। यूनिट के स्थापित होने के बाद किडनी के मरीजों को भारी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
-डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन, सोनीपत
पीपीपी मॉडल पर होगी शुरुआत
सरकार का पूरा प्रयास है कि शहरवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सोनीपत में ही मिलें। इसके लिए कार्य जारी है। सीटी स्कैन के बाद अस्पताल में अब पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस यूनिट चालू की जा रही है।
राजीव जैन, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रमुख
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वर्तमान में डायलिसिस सेंटर की सुविधा रोहतक या दिल्ली के अस्पतालों में मिल रही है। जहां मरीज को एक बार डायलिसिस के लिए 1800 से लेकर 2500 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इससे जरूरतमंद आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को पैसों की कमी से भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जिले में डायलिसिस के रोगियों की संख्या 1500 के करीब है। सिविल अस्पताल में अक्सर इलाज की सुविधा के अभाव में मरीजों को गंभीर हालत में रेफर कर दिया जाता है।
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अगले माह जनवरी से अस्पताल में डायलिसिस यूनिट को स्थापित करने के लिए निजी कंपनी की ओर से काम शुरू किया जाएगा, जो कंपनी यह सुविधा यहां देगी वह इसी माह यहां पर मशीन इससे जुड़ी जरूरी उपकरणों का सेटअप करेगी। यूनिट के स्थापित होने के बाद मरीजों की बड़ी बचत तो होगी ही साथ में धक्के भी नहीं खाने पड़ेंगे।
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जगह अस्पताल की, मशीन, चिकित्सक और बेड कंपनी के
सोनीपत के सिविल अस्पताल में स्थापित होने वाली डायलिसिस यूनिट के संदर्भ में डीसीडीसी के साथ एमओयू साइन हो चुका है, जिसमें अस्पताल प्रशासन की ओर से सर्जिकल वार्ड में सिर्फ जगह दी गई है। इसके बदले कंपनी यहां करोड़ों की लागत से डायलिसिस मशीनें लगाएगी। साथ ही प्रशिक्षित स्टाफ और इनके रखरखाव का जिम्मा भी कंपनी का होगा। कंपनी और सरकार में गरीब मरीजों को मुफ्त सुविधाएं देने और अन्य मरीजों से बेहद कम खर्च वहन करने का भी समझौता हुआ है। कंपनी के अधिकारियों ने इसकी विजिट भी कर ली है। यूनिट के लगने के बाद बीपीएल, एससी, सरकारी पेंशन पात्रों का फ्री में इलाज होगा, जबकि जनरल वर्ग के लोगों को सस्ती दरें इलाज के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
सर्जिकल वार्ड में सौंपे गए हैं 12 कमरे, 10 बेड होंगे स्थापित
सर्जिकल वार्ड में डायलिसिस यूनिट को लगाने के लिए कंपनी को 12 कमरे सौंपे गए है, जिसमें से कमरा नं. 118, 119, 128 व 129 सिविल अस्पताल के पास रहेगा। यूनिट में कंपनी की ओर से 10 बेड स्थापित किए जाएंगे। जनवरी माह में यूनिट लगने का काम शुरू हो चुका है।
अलग से बिजली कनेक्शन के लिए किया अप्लाई
अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का संचालन करने के लिए बिजली की आवश्यकता है। 160 किलोवाट बिजली कनेक्शन के लिए कंपनी की ओर से बिजली निगम को अप्लाई किया जा चुका है।
अप्रैल तक शुरू होगी यूनिट
जनवरी माह के अंत तक सिविल अस्पताल में डायलिसिस यूनिट को लगाने की काम शुरू कर दिया जाएगा। मार्च या अप्रैल में इस यूनिट को संचालित किया जाएगा। यूनिट के स्थापित होने के बाद किडनी के मरीजों को भारी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
-डॉ. जेएस पूनिया, सिविल सर्जन, सोनीपत
पीपीपी मॉडल पर होगी शुरुआत
सरकार का पूरा प्रयास है कि शहरवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सोनीपत में ही मिलें। इसके लिए कार्य जारी है। सीटी स्कैन के बाद अस्पताल में अब पीपीपी मॉडल पर डायलिसिस यूनिट चालू की जा रही है।
राजीव जैन, भाजपा प्रदेश मीडिया प्रमुख