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लग्जरी कारें लूटने वाले गिरोह का भंडाफोड़, चार गिरफ्तार
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एसटीएफ के हत्थे चढ़े लग्जरी कार लूट व चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य टीम के साथ।
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। एसटीएफ ने लग्जरी कार लूटने और चोरी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लूट व चोरी के वाहनों के फर्जी कागजात तैयार कर उन्हें बेच देते थे। गिरफ्तार आरोपी चरखी दादरी के गांव कोलवास का निरंजन, हिसार के गांव मय्यड़ का डाक्टर नवनीत उर्फ सोनू, सोनीपत के गांव पिपली खेड़ा का प्रदीप उर्फ सैंडी व रोहतक के मोरखेड़ी गांव का अजय हैै।
डीएसपी राहुल देव ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि एसटीएफ की टीम मंगलवार देर रात को मुरथल क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि लग्जरी कार लूट व चोरी करने के गिरोह के सदस्य भिगान के पास किसी को कार बेचने आने वाले हैं। जिस पर तुरंत एसटीएफ ने कार्रवाई की। पुलिस ने वहां से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी व लूटी गई चार गाड़ियों को भी बरामद किया है। हालांकि अभी यह पता लगी लग सका है कि गाड़ी कहां से चोरी की गई थी या लूटी गई। आरोपी निरंजन, डाक्टर नवनीत उर्फ सोनू, प्रदीप उर्फ सैंडी व अजय है। आरोपी कुख्यात विकास भदाना, प्रदीप पिपली व डाक्टर सुनील गैंग के सदस्य हैं। बताया है कि सोनीपत पुलिस का 50 हजार इनामी विकास भदाना व 10 हजार का इनामी पिपली का प्रदीप इस गैंग को चला रहे थे। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो फॉरच्यूनर, क्रेटा और स्कॉर्पियो व फर्जी कागजात और अवैध देशी पिस्तौल व 10 कारतूस बरामद किए हैं। फिलहाल एसटीएफ ने चारों को पांच दिन के रिमांड पर लिया है।
विकास और प्रदीप चोरी व लूटकर लाते थे गाड़ियां
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि विकास व प्रदीप तथा अन्य साथी गाड़ियों को चोरी कर या लूटकर लाते थे। वह तो सिर्फ उनके जाली कागजात तैयार करते थे। साथ ही चेसिस नंबर व रजिस्ट्रेशन नंबर में फेरबदल करते थे। जिसके बाद जाली कागजात के आधार पर आगे गाड़ियों को बेच देते थे। एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी लूट, चोरी व फाइनेंस कराई गई गाड़ियों के इंजन व चेसिस नंबर बदल कर उनके फर्जी कागज तैयार करवाते थे। बाद में गाड़ी को आरटीओ कार्यालय से पास करवा कर सस्ते दामों में बेच देते थे। कागजात पूरे होने के चलते खरीदने वाले को ज्यादा शक भी नहीं होता था। आरोपी 50 लाख रुपये तक की गाड़ी को मार्केट रेट से आधे रेट पर मुहैया करवा देते थे।
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रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर का एक नंबर बदल देते थे
डीएसपी राहुल देव ने बताया कि आरोपी गाड़ी के चेसिस नंबर का एक अक्षर बदल देते थे। जिससे कोई जब नंबर एनसीआरबी की साइट पर डालकर चेक करता था तो नॉट फाउंड आ जाता था। जिससे खरीदने वाला समझता था कि गाड़ी चोरी की नहीं हैं। वह कंप्यूटर से ही लोन ली गई गाड़ी की जाली एनओसी बना लेते थे। जिसके बाद लोग झांसे में आकर उसे खरीद लेते थे। जबकि बैंक मेें लोन की कोई किस्त जमा नहीं कराई जाती थी।
सीआईए हिसार की टीम पर कर चुके हैं हमला
गिरफ्तार आरोपी नवनीत अपने साथी के साथ 12 जुलाई को सीआईए हिसार पर भी हमला कर चुका है। आरोपियों की सूचना पर पकड़ने की टीम के सदस्यों को गाड़ी से टक्कर मार कर आरोपी भाग निकले थे। निरंजन एक मामले में जमानत पर आने के बाद से फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित है।
सुरेंद्र ने बेच दिए थे 300 ट्रैक्टर
पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगनाओं में शामिल आरोपी सुनील ने 300 नए ट्रैक्टर चोरी कर बेच दिए थे। जिसके बाद से गिरोह के सदस्य उसे डॉक्टर कहने लगे। एसटीएफ का दावा है कि गिरोह के मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार करने के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ सकेगा। चोरी व लूट का आंकड़ा 100 गाड़ियों तक हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि गिरफ्तारी के बाद होगी। नवनीत उर्फ सोनू भी वाहन लूट और चोरियों में एक्सपर्ट होने की वजह से डॉक्टर नाम से चर्चित है।
गिरफ्तार आरोपी मुरथल के भिगान के पास एक गाड़ी का सौदा करने के लिए आए थे। टीम की उन पर पहले से नजर थी। टीम ने मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। मामले में गिरोह के सरगनाओं की तलाश की जा रही है।
राहुल देव, डीएसपी, एसटीएफ।
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डीएसपी राहुल देव ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि एसटीएफ की टीम मंगलवार देर रात को मुरथल क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान सूचना मिली कि लग्जरी कार लूट व चोरी करने के गिरोह के सदस्य भिगान के पास किसी को कार बेचने आने वाले हैं। जिस पर तुरंत एसटीएफ ने कार्रवाई की। पुलिस ने वहां से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चोरी व लूटी गई चार गाड़ियों को भी बरामद किया है। हालांकि अभी यह पता लगी लग सका है कि गाड़ी कहां से चोरी की गई थी या लूटी गई। आरोपी निरंजन, डाक्टर नवनीत उर्फ सोनू, प्रदीप उर्फ सैंडी व अजय है। आरोपी कुख्यात विकास भदाना, प्रदीप पिपली व डाक्टर सुनील गैंग के सदस्य हैं। बताया है कि सोनीपत पुलिस का 50 हजार इनामी विकास भदाना व 10 हजार का इनामी पिपली का प्रदीप इस गैंग को चला रहे थे। पुलिस अब उनकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो फॉरच्यूनर, क्रेटा और स्कॉर्पियो व फर्जी कागजात और अवैध देशी पिस्तौल व 10 कारतूस बरामद किए हैं। फिलहाल एसटीएफ ने चारों को पांच दिन के रिमांड पर लिया है।
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विकास और प्रदीप चोरी व लूटकर लाते थे गाड़ियां
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि विकास व प्रदीप तथा अन्य साथी गाड़ियों को चोरी कर या लूटकर लाते थे। वह तो सिर्फ उनके जाली कागजात तैयार करते थे। साथ ही चेसिस नंबर व रजिस्ट्रेशन नंबर में फेरबदल करते थे। जिसके बाद जाली कागजात के आधार पर आगे गाड़ियों को बेच देते थे। एसटीएफ की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपी लूट, चोरी व फाइनेंस कराई गई गाड़ियों के इंजन व चेसिस नंबर बदल कर उनके फर्जी कागज तैयार करवाते थे। बाद में गाड़ी को आरटीओ कार्यालय से पास करवा कर सस्ते दामों में बेच देते थे। कागजात पूरे होने के चलते खरीदने वाले को ज्यादा शक भी नहीं होता था। आरोपी 50 लाख रुपये तक की गाड़ी को मार्केट रेट से आधे रेट पर मुहैया करवा देते थे।
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रजिस्ट्रेशन और चेसिस नंबर का एक नंबर बदल देते थे
डीएसपी राहुल देव ने बताया कि आरोपी गाड़ी के चेसिस नंबर का एक अक्षर बदल देते थे। जिससे कोई जब नंबर एनसीआरबी की साइट पर डालकर चेक करता था तो नॉट फाउंड आ जाता था। जिससे खरीदने वाला समझता था कि गाड़ी चोरी की नहीं हैं। वह कंप्यूटर से ही लोन ली गई गाड़ी की जाली एनओसी बना लेते थे। जिसके बाद लोग झांसे में आकर उसे खरीद लेते थे। जबकि बैंक मेें लोन की कोई किस्त जमा नहीं कराई जाती थी।
सीआईए हिसार की टीम पर कर चुके हैं हमला
गिरफ्तार आरोपी नवनीत अपने साथी के साथ 12 जुलाई को सीआईए हिसार पर भी हमला कर चुका है। आरोपियों की सूचना पर पकड़ने की टीम के सदस्यों को गाड़ी से टक्कर मार कर आरोपी भाग निकले थे। निरंजन एक मामले में जमानत पर आने के बाद से फरार चल रहा है। उसकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित है।
सुरेंद्र ने बेच दिए थे 300 ट्रैक्टर
पुलिस ने बताया कि गिरोह के सरगनाओं में शामिल आरोपी सुनील ने 300 नए ट्रैक्टर चोरी कर बेच दिए थे। जिसके बाद से गिरोह के सदस्य उसे डॉक्टर कहने लगे। एसटीएफ का दावा है कि गिरोह के मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार करने के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठ सकेगा। चोरी व लूट का आंकड़ा 100 गाड़ियों तक हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि गिरफ्तारी के बाद होगी। नवनीत उर्फ सोनू भी वाहन लूट और चोरियों में एक्सपर्ट होने की वजह से डॉक्टर नाम से चर्चित है।
गिरफ्तार आरोपी मुरथल के भिगान के पास एक गाड़ी का सौदा करने के लिए आए थे। टीम की उन पर पहले से नजर थी। टीम ने मौके से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पांच दिन के रिमांड पर लिया गया है। मामले में गिरोह के सरगनाओं की तलाश की जा रही है।
राहुल देव, डीएसपी, एसटीएफ।