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Sonipat News: अपरा एकादशी कल, भगवान विष्णु मां लक्ष्मी की आराधना फलदायी
Thu, 22 May 2025 01:17 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 22 May 2025 01:17 AM IST
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सोनीपत। ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी भी कहा जाता है। अपरा एकादशी के दिन भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। इस दिन व्रत रखकर और भगवान श्री हरि व मां लक्ष्मी की आराधना करने से घर में सुख-शांति व समृद्धि का वास होता है।
आचार्य मनमोहन मिश्रा ने बताया कि पुराण के अनुसार अपरा एकादशी को मोक्ष का द्वार माना गया है। भगवान कृष्ण ने भी इस व्रत का बखान किया है।
जो मनुष्य भक्ति भाव से अपरा एकादशी का व्रत रखता है, उसे सभी पापों से मुक्ति मिलती है। वह भगवान श्री हरि व मां लक्ष्मी की कृपा से मोक्ष को प्राप्त करता है। उन्होंने बताया कि अपरा शब्द का अर्थ असीम है, इसलिए इस दिन व्रत रखने के फायदे भी असीम हैं।
आचार्य मनमोहन मिश्रा ने बताया कि ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 22 मई को रात 1:12 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 23 मई रात 10:29 बजे तक रहेगी।
ऐसे में उदयातिथि के अनुसार इस वर्ष अपरा एकादशी का व्रत 23 मई को रखा जाएगा। अगले दिन 24 मई को व्रत का पारण किया जाएगा।
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आचार्य मनमोहन मिश्रा ने बताया कि पुराण के अनुसार अपरा एकादशी को मोक्ष का द्वार माना गया है। भगवान कृष्ण ने भी इस व्रत का बखान किया है।
जो मनुष्य भक्ति भाव से अपरा एकादशी का व्रत रखता है, उसे सभी पापों से मुक्ति मिलती है। वह भगवान श्री हरि व मां लक्ष्मी की कृपा से मोक्ष को प्राप्त करता है। उन्होंने बताया कि अपरा शब्द का अर्थ असीम है, इसलिए इस दिन व्रत रखने के फायदे भी असीम हैं।
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आचार्य मनमोहन मिश्रा ने बताया कि ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 22 मई को रात 1:12 बजे प्रारंभ होकर अगले दिन 23 मई रात 10:29 बजे तक रहेगी।
ऐसे में उदयातिथि के अनुसार इस वर्ष अपरा एकादशी का व्रत 23 मई को रखा जाएगा। अगले दिन 24 मई को व्रत का पारण किया जाएगा।