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रामायण पाठ करने से दूर हो जाते हैं जीवन के सभी कष्ट : स्वामी बालयोगी
Mon, 16 Sep 2024 07:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 16 Sep 2024 07:40 AM IST
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फोटो 23- सोनीपत के बड़ा हलवाई हट्टा स्थित श्री ठाकुरद्वारा पंचायती मंदिर में श्री रामकथा के दौर
सोनीपत। बड़ा हलवाई हट्टा स्थित श्री ठाकुरद्वारा पंचायती मंदिर में श्रीराम ज्योतिषपीठ की ओर से श्री रामकथा ज्ञान महायज्ञ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तीसरे दिन अयोध्या से कथा व्यास स्वामी बालयोगी महाराज ने माता सती व मां पार्वती जन्म, तारकासुर का वध के प्रसंग का वर्णन किया।
स्वामी बालयोगी महाराज ने कहा कि रामायण पवित्र ग्रंथों में से एक है। इसमें रचित सभी गुण जीवन के लिए हितकारी हैं, जो मनुष्य को सत्य व सफलता के मार्ग से अवगत कराते हैं। रामायण का पाठ करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि माता सती के अंत के बाद हिमाचल प्रदेश में तारकासुर नामक राक्षस का जन्म हुआ। उसके जन्म के बाद सभी देवता घबरा जाते हैं। वहीं, हिमाचल व रानी मैना के यहां माता पार्वती का जन्म हुआ। नारद के कथा अनुसार जब मां पार्वती थोड़ी बड़ी हुईं तो वह भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए हजारों साल तपस्या करती हैं। इसके बाद माता पार्वती का शिव के साथ विवाह संपन्न होता है। दोनों की संतान ही तारकासुर राक्षस का अंत करती हैं। कथा में ओमप्रकाश, जगमेंद्र गहलावत, पंडित अमित शौनक, मेहताब खत्री, अमित कुच्छल, अखिल, मनोज गर्ग, टानू कुच्छल, सतीश गौतम, मोहन कुच्छल व मनीष गर्ग मौजूद रहे।
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स्वामी बालयोगी महाराज ने कहा कि रामायण पवित्र ग्रंथों में से एक है। इसमें रचित सभी गुण जीवन के लिए हितकारी हैं, जो मनुष्य को सत्य व सफलता के मार्ग से अवगत कराते हैं। रामायण का पाठ करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि माता सती के अंत के बाद हिमाचल प्रदेश में तारकासुर नामक राक्षस का जन्म हुआ। उसके जन्म के बाद सभी देवता घबरा जाते हैं। वहीं, हिमाचल व रानी मैना के यहां माता पार्वती का जन्म हुआ। नारद के कथा अनुसार जब मां पार्वती थोड़ी बड़ी हुईं तो वह भगवान शिव को पति के रूप में प्राप्त करने के लिए हजारों साल तपस्या करती हैं। इसके बाद माता पार्वती का शिव के साथ विवाह संपन्न होता है। दोनों की संतान ही तारकासुर राक्षस का अंत करती हैं। कथा में ओमप्रकाश, जगमेंद्र गहलावत, पंडित अमित शौनक, मेहताब खत्री, अमित कुच्छल, अखिल, मनोज गर्ग, टानू कुच्छल, सतीश गौतम, मोहन कुच्छल व मनीष गर्ग मौजूद रहे।
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