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दमघोंटू होने लगी हवा, स्मॉग से बढ़ने लगी सांस लेने में परेशानी

Tue, 27 Oct 2020 12:51 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2020 12:51 AM IST
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air pollition, smog, gt road
जीटी रोड पर मुरथल फ्लाईओवर के पास वातावरण में छाया स्मॉग। - फोटो : Sonipat
सोनीपत। दिल्ली-एनसीआर में शामिल सोनीपत में प्रदूषण बेहद खराब स्थिति में पहुंच गया है। सुबह-शाम स्मॉग छाने से लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। धुंध और उसमें शामिल धूल, धुएं के कणों के कारण सांस लेने में परेशानी होने लगी है। साथ ही गले में खराश व आंखों में जलन महसूस होने लगी है। सोमवार सुबह कई इलाकों में स्मॉग के कारण हवा दमघोंटू बनी रही। जीटी रोड पर सुबह स्मॉग के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी महसूस हुई।
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मौसम में सर्दी बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण का स्तर भी बढ़ने लगा है। सुबह-शाम तो स्मॉग छा जाता है। रात को इससे ज्यादा दिक्कत होती है। दिन में हवा चलने से मौसम थोड़ा साफ हो जाता है लेकिन यह समस्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स भी लगातार बढ़ रहा है। यह बेहद खराब स्तर पर जा चुका है। सर्दी बढ़ने के साथ ही प्रदूषण के स्तर में और इजाफा होने का अनुमान है।
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प्रदूषण के चलते घर में रहना ही बेहतर
बढ़ता प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। इसमें भी बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। धुंध के साथ अनेक प्रकार के प्रदूषित तत्व मिले होते हैं। यह शरीर में जाकर सांस से संबंधित रोग के कारण बनते हैं। इससे सांस की बीमारी के साथ आंखों में जलन भी होने लगती हैं। चिकित्सक स्मॉग में बाहर न निकलने की हिदायत देने लगे हैं। वह सुबह-शाम घूमने वालों को सावधानी बरतने की कह रहे हैं। साथ ही लोगों को अच्छी क्वालिटी का मास्क लगाने के लिए हिदायत दे रहे हैं।
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राई क्षेत्र में कबाड़ में लगी रहती है आग
राई क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र के पास कचरे में अक्सर आग लगी रहती है। जिसका धुआं काफी खतरनाक है। हाईवे पर भी निर्माण कार्य चल रहा है। जिसमें ओवरब्रिज निर्माण के लिए राखी का प्रयोग किया जा रहा है। यह भी प्रदूषण को बढ़ा रही है। जगह-जगह निर्माण सामग्री पड़ी रहने से भी हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है।
प्रदूषण मापक यंत्र दिनभर नहीं चला
जिले प्रदूषण मापने के लिए मुरथल स्थित विश्वविद्यालय के अंदर प्रदूषण मापक यंत्र लगाया गया है। सोमवार को वह यंत्र दिनभर नहीं चला। जिससे जिले में प्रदूषण के स्तर की जानकारी भी रिकार्ड नहीं हो सकी। प्रदूषण मापक यंत्र शहर के बाहर लगाए जाने के कारण उससे सटीक स्थिति का पता भी नहीं लग पाता।

वर्जन
प्रदूषण फैलाने वालों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। नगर निगम क्षेत्र में कूड़ा जलाने वालों पर नगर निगम की टीम जुर्माना लगा रही है। वहीं पराली जलाने वालों पर कृषि विभाग कार्रवाई कर रहा है। मेरी टीम भी लगातार प्रदूषण फैलाने वालों पर शिकंजा कस रही है। सोमवार को प्रदूषण मापक यंत्र नहीं चल पाने के चलते एक्यूआई को नहीं मापा जा सका। लोगों को बेहतर मास्क लगाने की सलाह भी दी जा रही है।
- भूपेंद्र सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
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