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Sonipat News: बात करने के चंद मिनट बाद पता चला कि उजड़ गया सुहाग
Wed, 09 Apr 2025 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 09 Apr 2025 01:00 AM IST
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सोनीपत के राठधना-नरेला रोड स्थित एक्सप्रेस सिटी में सीवर सफाई के दौरान दो युवकों की मौत के बाद
सोनीपत। उत्तर प्रदेश के जिला इटावा से अभिषेक रोजगार के लिए सोनीपत आए थे। यहां एक्सप्रेस सिटी में काम कर परिवार के साथ भविष्य के नए सपने बुनने लगे थे। परिवार खुशी से चलाने लगे थे कि एक हादसे ने परिवार की खुशियां ही छीन लीं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था।
नागरिक अस्पताल में पहुंची उनकी पत्नी रूबी ने बताया कि हादसे से कुछ मिनट पहले ही पति अभिषेक से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा था कि सीवर जाम है और वह उसे खुलवाने जा रहे हैं। उसके कुछ देर बाद ही पता लगा कि पति बेसुध हो गए हैं। वह भागती हुई मौके पर पहुंची तो पति जमीन पर सीधे लेटे थे। उन्हें अस्पताल लेकर आए तो चिकित्सक कह रहे हैं कि पति नहीं रहे। रूबी की आंखों से आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे थे। उनके साथ पहुंची आसपास रहने वाली महिलाएं उन्हें ढाढ़स बंधाने में लगी थीं। उसके बावजूद वह लगातार रो रही थीं। रूबी कह रही थीं कि अंदर गैस बनी हुई थी, जिसके चलते दम घुटने से उनके पति की मौत हो गई।
नहीं दिए गए थे सुरक्षा उपकरण
घटनास्थल पर एकत्रित लोगों का कहना था कि दोनों युवकों को सीवर की सफाई करते समय सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे। इसी कारण वह हादसे का शिकार हो गए। अगर सुरक्षा उपकरण मिलते तो यह हादसा टल सकता था। सीवर की सफाई के दौरान मास्क, ग्लब्स और गैस मास्क जैसी सुरक्षा सामग्री मिलनी चाहिए थी, जिससे वह गैस के प्रभाव में आने से बच जाते।
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पिंटू को बचाने के लिए अभिषेक ने दी जान
हादसे का शिकार हुआ पिंटू फिलहाल एक होटल में काम करता था। वह सीवर सफाई का काम जानता था। वह सीवर सफाई करने पहले अंदर गया था। वह गैस के प्रभाव में आ गया। उसने वापस आने की कोशिश की, लेकिन निकल नहीं सका। इस पर वहां खड़े अभिषेक ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की तो वह भी गैस के प्रभाव में आ गया। जिससे दोनों की मौत हो गई। तीसरे युवक ने उन्हें बचाने का प्रयास किया था। उसकी भी हालत बिगड़ गई थी।
पहले भी हुए हादसे
12 जून, 2024 को सेप्टिक टैंक की सफाई को आए दो भाइयों की मौत हो गई थी। बाजीतपुर सबौली स्थित फैक्टरी में हादसा हुआ था।
खरखौदा क्षेत्र में सितंबर, 2022 में ट्रैक्टर चालक की लापरवाही से सेप्टिक टैंक में दो युवकों की जान गई थी।
बहालगढ़ रोड पर सिद्धार्थ कॉलोनी के पास मई, 2019 में बैंक्वेट हॉल में सीवर टैंक की सफाई के दौरान पिता-पुत्र व उनके पड़ोसी युवक की मौत हो गई थी।
कुंडली में अप्रैल, 2017 में सीवर के अंदर गए तीन मजदूरों की गैस के प्रभाव में आने से मौत हो गई थी।
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नागरिक अस्पताल में पहुंची उनकी पत्नी रूबी ने बताया कि हादसे से कुछ मिनट पहले ही पति अभिषेक से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा था कि सीवर जाम है और वह उसे खुलवाने जा रहे हैं। उसके कुछ देर बाद ही पता लगा कि पति बेसुध हो गए हैं। वह भागती हुई मौके पर पहुंची तो पति जमीन पर सीधे लेटे थे। उन्हें अस्पताल लेकर आए तो चिकित्सक कह रहे हैं कि पति नहीं रहे। रूबी की आंखों से आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे थे। उनके साथ पहुंची आसपास रहने वाली महिलाएं उन्हें ढाढ़स बंधाने में लगी थीं। उसके बावजूद वह लगातार रो रही थीं। रूबी कह रही थीं कि अंदर गैस बनी हुई थी, जिसके चलते दम घुटने से उनके पति की मौत हो गई।
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नहीं दिए गए थे सुरक्षा उपकरण
घटनास्थल पर एकत्रित लोगों का कहना था कि दोनों युवकों को सीवर की सफाई करते समय सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए थे। इसी कारण वह हादसे का शिकार हो गए। अगर सुरक्षा उपकरण मिलते तो यह हादसा टल सकता था। सीवर की सफाई के दौरान मास्क, ग्लब्स और गैस मास्क जैसी सुरक्षा सामग्री मिलनी चाहिए थी, जिससे वह गैस के प्रभाव में आने से बच जाते।
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पिंटू को बचाने के लिए अभिषेक ने दी जान
हादसे का शिकार हुआ पिंटू फिलहाल एक होटल में काम करता था। वह सीवर सफाई का काम जानता था। वह सीवर सफाई करने पहले अंदर गया था। वह गैस के प्रभाव में आ गया। उसने वापस आने की कोशिश की, लेकिन निकल नहीं सका। इस पर वहां खड़े अभिषेक ने उसे बाहर निकालने की कोशिश की तो वह भी गैस के प्रभाव में आ गया। जिससे दोनों की मौत हो गई। तीसरे युवक ने उन्हें बचाने का प्रयास किया था। उसकी भी हालत बिगड़ गई थी।
पहले भी हुए हादसे
12 जून, 2024 को सेप्टिक टैंक की सफाई को आए दो भाइयों की मौत हो गई थी। बाजीतपुर सबौली स्थित फैक्टरी में हादसा हुआ था।
खरखौदा क्षेत्र में सितंबर, 2022 में ट्रैक्टर चालक की लापरवाही से सेप्टिक टैंक में दो युवकों की जान गई थी।
बहालगढ़ रोड पर सिद्धार्थ कॉलोनी के पास मई, 2019 में बैंक्वेट हॉल में सीवर टैंक की सफाई के दौरान पिता-पुत्र व उनके पड़ोसी युवक की मौत हो गई थी।
कुंडली में अप्रैल, 2017 में सीवर के अंदर गए तीन मजदूरों की गैस के प्रभाव में आने से मौत हो गई थी।

सोनीपत के राठधना-नरेला रोड स्थित एक्सप्रेस सिटी में सीवर सफाई के दौरान दो युवकों की मौत के बाद