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दाखिले हुए नहीं, कैसे बंद करोगे स्कूल
bureau
Updated Sat, 28 May 2016 12:46 AM IST
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शिक्षा विभाग की भी हद है। एक ओर स्कूलों में दाखिले के लिए 23 जून तक की आखिरी तारीख निर्धारित करता है। वहीं दूसरी ओर उन स्कूलों की लिस्ट मांग रहा है, जहां पर 9वीं से 12वीं के एनरोलमेंट 100 या उससे कम है। बताया जा रहा है कि उन स्कूलों को बंद किया जाएगा जिनमें 20 से कम एनरोलमेंट हैं।
पिछले दिनों आए शिक्षामंत्री के बयान के बाद से यह चर्चा पूरी तरह से जोर पकड़ चुकी हैं। हालांकि देखने वाली बात यह है कि जब तक स्कूलों में दाखिले ही पूरे नहीं होते, तब तक उनकी एनरोलमेंट की सूची बनवाने का क्या फायदा। दाखिलों की समयावधि पूरी होने के बाद ही पता चल सकेगा कि कितने स्कूलों में कितने बच्चे हैं।
अभी तो वैसे भी दाखिलों के लिए पूरे एक महीने का समय बाकी है। इस बारे में विभागीय अधिकारी भी बात तो कर रहे हैं, लेकिन दबी जुबान में। सूत्रों की मानें तो जिलास्तर पर अधिकारी उच्चाधिकारियों से आए निर्देशों की पालना कर सूची तैयार कर भेज चुके हैं। जिसमें ऐसे 90 स्कूलों की लिस्ट तैयार की गई है।
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90 की सूची, 75 हाईस्कूल
शिक्षा विभाग के निदेशालय की ओर से फॉर्मेट में जिले के उन स्कूलों की सूची मांगी गई थी, जिनमें 9वीं से 12वीं तक कक्षा लगती है और एनरोलमेंट 100 या उससे कम हो। फार्मेट में 0, 1 से 20, 20 से 60 और 61 से 100 एनरोलमेंट के कॉलम के नीचे स्कूलों की संख्या और ब्यौरा देना था। जिला शिक्षा विभाग की ओर से फार्मेट में कुल 90 स्कूल दिखाए गए हैं। इसमें से 75 हाईस्कूल हैं और 15 सीनियर सेकेंडरी विद्यालय हैं।
पिछले साल सभी कक्षाओं के 535
पिछले वर्ष के आंकड़ों की बात करें तो यू-डाइस से पता चलता है कि वर्ष 2015-16 में कुल 535 स्कूल ऐसे थे, जिनमें 100 से कम एनरोलमेंट थे। इसमें से भी 0 एनरोलमेंट वाले 4, 1 से 20 एनरोलमेंट वाले 36, 21 से 60 एनरोलमेंट वाले 228 और 61 से 100 एनरोलमेंट वाले 277 स्कूल थे। हालांकि यह आंकड़ों प्राइमरी, हाई और सीनियर सभी स्कूलों का है।
23 तक होने हैं दाखिले, 11वीं के हुए हैं शुरू
बता दें कि कुछ समय पहले ही प्रदेश सरकार की ओर से निर्देश पाने के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों में दाखिलों का अंतिम समय 23 जून तक बढ़ा दिया गया था। इतना ही नहीं अभी हाल ही में 10वीं कक्षा का रिजल्ट आया है। रिजल्ट के बाद ही 11वीं के लिए विद्यार्थियों ने दाखिले लेने शुरू किए हैं। अनुमान के अनुसार 11वीं के लिए अभी तक 10 प्रतिशत बच्चें ही दाखिला ले पाए हैं।
पूरी तरह से प्रभावित होगी गिनती
कम एनरोलमेंट वाले स्कूलों की जिस तरह से विभाग पहचान में जुटा है यह सारा काम पूरी तरह से प्रभावित होगा। जानकारों की मानें तो 23 जून तक 1 माह में अगर 10 बच्चों का भी औसत दाखिला लगाएं तो सभी आंकड़ें बदल जाएंगे। अगर सरकार 20 से कम एनरोलमेंट वाले स्कूल बंद करना चाहती है तो उनकी पहचान दाखिले खत्म होने के बाद की जाए। अगर मौजूदा स्थिति के अनुसार फैसला ले लिया गया तो कुछ स्कूल बेकार में ही बंद हो जाएंगे।
अध्यापक भी असमंजस में, दाखिलों के लिए दौड़ शुरू
जब से पता चला है कि 20 एनरोलमेंट से कम वाले स्कूलों को बंद किया जाएगा तो स्कूलों में अध्यापक वर्ग के लिए असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। जो अध्यापक अपने चहेते स्थल पर बैठे थे और ऐसे स्कूलों में था जब बच्चों की संख्या कम है। उन अध्यापकों ने अपने स्तर पर ही दाखिलों के लिए दौड़ भी लगानी शुरू कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्कूलों के अध्यापकों एवं अन्य स्टाफ ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर दाखिलों के लिए बैठकें करनी शुरू कर दी हैं।
उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुसार लिस्ट तैयार की गई है। 23 जून दाखिलों की अंतिम तिथि है। 11वीं के दाखिले अभी शुरू ही हुए हैं। 23 तारीख के बाद स्कूलों की स्थिति में काफी बदलाव संभव हैं।
-जिलेसिंह, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत।
पिछले दिनों आए शिक्षामंत्री के बयान के बाद से यह चर्चा पूरी तरह से जोर पकड़ चुकी हैं। हालांकि देखने वाली बात यह है कि जब तक स्कूलों में दाखिले ही पूरे नहीं होते, तब तक उनकी एनरोलमेंट की सूची बनवाने का क्या फायदा। दाखिलों की समयावधि पूरी होने के बाद ही पता चल सकेगा कि कितने स्कूलों में कितने बच्चे हैं।
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अभी तो वैसे भी दाखिलों के लिए पूरे एक महीने का समय बाकी है। इस बारे में विभागीय अधिकारी भी बात तो कर रहे हैं, लेकिन दबी जुबान में। सूत्रों की मानें तो जिलास्तर पर अधिकारी उच्चाधिकारियों से आए निर्देशों की पालना कर सूची तैयार कर भेज चुके हैं। जिसमें ऐसे 90 स्कूलों की लिस्ट तैयार की गई है।
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90 की सूची, 75 हाईस्कूल
शिक्षा विभाग के निदेशालय की ओर से फॉर्मेट में जिले के उन स्कूलों की सूची मांगी गई थी, जिनमें 9वीं से 12वीं तक कक्षा लगती है और एनरोलमेंट 100 या उससे कम हो। फार्मेट में 0, 1 से 20, 20 से 60 और 61 से 100 एनरोलमेंट के कॉलम के नीचे स्कूलों की संख्या और ब्यौरा देना था। जिला शिक्षा विभाग की ओर से फार्मेट में कुल 90 स्कूल दिखाए गए हैं। इसमें से 75 हाईस्कूल हैं और 15 सीनियर सेकेंडरी विद्यालय हैं।
पिछले साल सभी कक्षाओं के 535
पिछले वर्ष के आंकड़ों की बात करें तो यू-डाइस से पता चलता है कि वर्ष 2015-16 में कुल 535 स्कूल ऐसे थे, जिनमें 100 से कम एनरोलमेंट थे। इसमें से भी 0 एनरोलमेंट वाले 4, 1 से 20 एनरोलमेंट वाले 36, 21 से 60 एनरोलमेंट वाले 228 और 61 से 100 एनरोलमेंट वाले 277 स्कूल थे। हालांकि यह आंकड़ों प्राइमरी, हाई और सीनियर सभी स्कूलों का है।
23 तक होने हैं दाखिले, 11वीं के हुए हैं शुरू
बता दें कि कुछ समय पहले ही प्रदेश सरकार की ओर से निर्देश पाने के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूलों में दाखिलों का अंतिम समय 23 जून तक बढ़ा दिया गया था। इतना ही नहीं अभी हाल ही में 10वीं कक्षा का रिजल्ट आया है। रिजल्ट के बाद ही 11वीं के लिए विद्यार्थियों ने दाखिले लेने शुरू किए हैं। अनुमान के अनुसार 11वीं के लिए अभी तक 10 प्रतिशत बच्चें ही दाखिला ले पाए हैं।
पूरी तरह से प्रभावित होगी गिनती
कम एनरोलमेंट वाले स्कूलों की जिस तरह से विभाग पहचान में जुटा है यह सारा काम पूरी तरह से प्रभावित होगा। जानकारों की मानें तो 23 जून तक 1 माह में अगर 10 बच्चों का भी औसत दाखिला लगाएं तो सभी आंकड़ें बदल जाएंगे। अगर सरकार 20 से कम एनरोलमेंट वाले स्कूल बंद करना चाहती है तो उनकी पहचान दाखिले खत्म होने के बाद की जाए। अगर मौजूदा स्थिति के अनुसार फैसला ले लिया गया तो कुछ स्कूल बेकार में ही बंद हो जाएंगे।
अध्यापक भी असमंजस में, दाखिलों के लिए दौड़ शुरू
जब से पता चला है कि 20 एनरोलमेंट से कम वाले स्कूलों को बंद किया जाएगा तो स्कूलों में अध्यापक वर्ग के लिए असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। जो अध्यापक अपने चहेते स्थल पर बैठे थे और ऐसे स्कूलों में था जब बच्चों की संख्या कम है। उन अध्यापकों ने अपने स्तर पर ही दाखिलों के लिए दौड़ भी लगानी शुरू कर दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्कूलों के अध्यापकों एवं अन्य स्टाफ ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर दाखिलों के लिए बैठकें करनी शुरू कर दी हैं।
उच्चाधिकारियों के निर्देशों के अनुसार लिस्ट तैयार की गई है। 23 जून दाखिलों की अंतिम तिथि है। 11वीं के दाखिले अभी शुरू ही हुए हैं। 23 तारीख के बाद स्कूलों की स्थिति में काफी बदलाव संभव हैं।
-जिलेसिंह, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत।