{"_id":"667eefee59f18cf3c90e7b3d","slug":"accusation-of-controversy-on-dcrust-administration-sonipat-news-c-197-1-snp1004-120396-2024-06-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: डीसीआरयूएसटी प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: डीसीआरयूएसटी प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप
Fri, 28 Jun 2024 10:46 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 28 Jun 2024 10:46 PM IST
विज्ञापन
सोनीपत के लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते इनसो के छात्र नेता शुभम
सोनीपत। जननायक जनता पार्टी की छात्र इकाई इनसो के छात्र नेता शुभम नैन ने मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) में परीक्षाओं में धांधली व विश्वविद्यालय प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि छात्रों की हाजिरी को ऑनलाइन किया गया था। इसमें पारदर्शिता बढ़ाने की बात की गई थी, लेकिन पारदर्शिता के नाम पर बड़ी संख्या में छात्रों के साथ नाइंसाफी की गई है।
शुभम नैन ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान अधिकतर छात्रों की हाजिरी को गलत तरीके से काटा गया है। गत 5 जून को विश्वविद्यालय के कुलपति ने आश्वासन दिया था कि किसी भी बच्चे का भविष्य खराब नहीं किया जाएगा। अब हाजिरी कम होने के कारण कई विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाए। आरोप है कि दूसरी ओर प्रबंधन विभाग ने कम हाजिरी वाले बच्चों को परीक्षा में बैठाया है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि प्रबंधन विभाग के चेयरमैन व डीन को तुरंत प्रभाव से पदमुक्त किया जाए, अन्यथा उन्हें हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
विज्ञापन
शुभम नैन ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान अधिकतर छात्रों की हाजिरी को गलत तरीके से काटा गया है। गत 5 जून को विश्वविद्यालय के कुलपति ने आश्वासन दिया था कि किसी भी बच्चे का भविष्य खराब नहीं किया जाएगा। अब हाजिरी कम होने के कारण कई विद्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाए। आरोप है कि दूसरी ओर प्रबंधन विभाग ने कम हाजिरी वाले बच्चों को परीक्षा में बैठाया है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि प्रबंधन विभाग के चेयरमैन व डीन को तुरंत प्रभाव से पदमुक्त किया जाए, अन्यथा उन्हें हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।
विज्ञापन