{"_id":"66b50d74820a9f52b40c3636","slug":"abhisheks-mother-surat-devi-said-i-will-feed-churma-and-hug-my-son-sonipat-news-c-17-1-roh1007-480390-2024-08-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: अभिषेक की मां सूरत देवी बोलीं- चूरमा खिलाकर बेटे को गले लगाऊंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: अभिषेक की मां सूरत देवी बोलीं- चूरमा खिलाकर बेटे को गले लगाऊंगी
Thu, 08 Aug 2024 11:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 08 Aug 2024 11:54 PM IST
विज्ञापन
सोनीपत के मयूर विहार में कांस्य पदक जीतने के बाद अभिषेक नैन परिजनों से बात करते हुए। संवाद
सोनीपत। पेरिस ओलंपिक में भारतीय हाॅकी टीम की स्पेन पर जीत में जिले के दो खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही। हाॅकी टीम के कांस्य पदक जीतने के बाद सुमित के गांव कुराड़ और अभिषेक नैन के मयूर विहार आवास पर वीरवार देर रात तक परिजनों ने जमकर जश्न मनाया। वहीं दोनों खिलाड़ियों के परिजनों को बधाई देने के लिए देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रही।
अभिषेक नैन की मां सूरत देवी ने बताया कि पूरे मुकाबले के दौरान धड़कनें बढ़ी हुई थीं। अभिषेक ने मुकाबले से पहले बात की थी। अभिषेक ने बहुत मेहनत की है। वह हमेशा हॉकी ही खेलता रहता था, आज बेटे ने नाम रोशन कर दिया। चूरमा खिलाकर बेटे को गले लगाऊंगी। पिता सत्यनारायण ने बताया कि पूरी टीम बेहतर खेली है। उम्मीद स्वर्ण पदक की थी, लेकिन यह पदक सोने से कम नहीं है।
गांव कुराड़ निवासी सुमित कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने नौ बार विरोधी टीम को गोल करने से रोका व मौका मिलने पर स्पेन की डी के घुसकर दो बार गोल दागने का प्रयास किया। उन्होंने अपने अनुभव का सही उपयोग करके मिडफील्ड में भी बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं मयूर विहार निवासी अभिषेक नैन ने मुकाबले में तीन बार गोल करने का प्रयास किया। अभिषेक नैन ने मुकाबले की शुरुआत में ही बेहतरीन तरीके से बॉल को तीन प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के बीच से निकाला और डी तक लेकर गए। उनके पास पर ही बॉल स्पेन के खिलाड़ी के पैर पर जा लगी। इसके बाद भारतीय टीम को पेनल्टी काॅर्नर मिला, जिसे भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने गोल में तब्दील किया। भारतीय टीम ने इस गोल के साथ कांस्य पदक जीत लिया। टीम की जीत के बाद गांव कुराड़ व मयूर विहार में खिलाड़ियों के घर पर परिजन मिठाई बांटकर खुशी मना रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अभिषेक नैन की मां सूरत देवी ने बताया कि पूरे मुकाबले के दौरान धड़कनें बढ़ी हुई थीं। अभिषेक ने मुकाबले से पहले बात की थी। अभिषेक ने बहुत मेहनत की है। वह हमेशा हॉकी ही खेलता रहता था, आज बेटे ने नाम रोशन कर दिया। चूरमा खिलाकर बेटे को गले लगाऊंगी। पिता सत्यनारायण ने बताया कि पूरी टीम बेहतर खेली है। उम्मीद स्वर्ण पदक की थी, लेकिन यह पदक सोने से कम नहीं है।
विज्ञापन
गांव कुराड़ निवासी सुमित कुमार ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने नौ बार विरोधी टीम को गोल करने से रोका व मौका मिलने पर स्पेन की डी के घुसकर दो बार गोल दागने का प्रयास किया। उन्होंने अपने अनुभव का सही उपयोग करके मिडफील्ड में भी बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं मयूर विहार निवासी अभिषेक नैन ने मुकाबले में तीन बार गोल करने का प्रयास किया। अभिषेक नैन ने मुकाबले की शुरुआत में ही बेहतरीन तरीके से बॉल को तीन प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों के बीच से निकाला और डी तक लेकर गए। उनके पास पर ही बॉल स्पेन के खिलाड़ी के पैर पर जा लगी। इसके बाद भारतीय टीम को पेनल्टी काॅर्नर मिला, जिसे भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने गोल में तब्दील किया। भारतीय टीम ने इस गोल के साथ कांस्य पदक जीत लिया। टीम की जीत के बाद गांव कुराड़ व मयूर विहार में खिलाड़ियों के घर पर परिजन मिठाई बांटकर खुशी मना रहे हैं।
विज्ञापन

सोनीपत के मयूर विहार में कांस्य पदक जीतने के बाद अभिषेक नैन परिजनों से बात करते हुए। संवाद