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हत्या के प्रयास के मामले में छह दोषियों को 5-5 साल की कैद
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ.प्रमिंद्र कौर की अदालत ने युवक को गोली मारने व उसके परिजनों पर हमला करने के मामले में सुनवाई करते हुए दो सगे भाइयों समेत छह आरोपियों को दोषी करार दिया है। सभी को पांच-पांच साल कैद की सजा सुनाई गई है। मामले में दो दोषियों पर 16000-16000 रुपये व चार अन्य पर 11000-11000 रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
विदित रहे कि 3 अप्रैल, 2015 को मोहाना थाना सोनीपत पुलिस ने गांव सलारपुर माजरा निवासी अनिल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया था। अनिल ने बताया था कि 1 अप्रैल, 2015 को मामूली कहासुनी के चलते उसके भतीजे सोनू के साथ गांव के सचिन व सिकंदर तथा अन्य ने झगड़ा कर दिया था। उन्होंने उसके भतीजे को पीट दिया था। जिस पर उन्होंने 2 अप्रैल, 2015 मोहाना थाना में शिकायत दी थी। जिस पर 2 अप्रैल की रात को सचिन, उसका भाई सिकंदर, अपने परिचितों गांव के ही आशीष, अशोक, गांव पिनाना के सोमवीर व रोहतक के गांव समचाना के बिजेंद्र तथा अन्य के साथ उनके घर के बाहर आ गए थे। वह लाठी-डंडों के साथ ही पिस्तौल लिए थे। इनमें सचिन व बिजेंद्र के पास पिस्तौल थी। उन्होंने आते ही उसके चाचा विरेंद्र व पिता बिजेंद्र पर हमला कर दिया था। जब वह बचाव को आया तो सचिन ने उसकी कमर में गोली मार दी थी। साथ ही हमलावरों ने उसकी ताई चांदो व भतेरी पर हमला कर दिया था। बाद में सचिन की मां अंग्रेजी भी डंडा लेकर आई थी। उसने भी हमला किया था। बाद में शोर मचाने पर हमलावर फरार हो गए थे। अनिल को पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने अनिल के बयान पर हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी धीरज कुमार की टीम ने आरोपी सिकंदर, सचिन, आशीष, सोमवीर, अशोक, बिजेंद्र व अंग्रेजो को काबू कर लिया था। मामले में एक अन्य आरोपी नाबालिग मिला था। पुलिस ने सचिन से वारदात में प्रयुक्त पिस्तौल व बिजेंद्र से तमंचा बरामद किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे प्रमिंद्र कौर की अदालत ने सचिन, उसके भाई सिकंदर, सोमवीर, बिजेंद्र, आशीष व अशोक को दोषी करार दिया है। सचिन व बिजेंद्र पर हत्या के प्रयास व अवैध शस्त्र अधिनियम में भी दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल कैद व 16000-16000 रुपये तथा सिकंदर, सोमवीर, आशीष व अशोक को हत्या के प्रयास का दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल कैद के साथ ही 11000-11000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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विदित रहे कि 3 अप्रैल, 2015 को मोहाना थाना सोनीपत पुलिस ने गांव सलारपुर माजरा निवासी अनिल की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया था। अनिल ने बताया था कि 1 अप्रैल, 2015 को मामूली कहासुनी के चलते उसके भतीजे सोनू के साथ गांव के सचिन व सिकंदर तथा अन्य ने झगड़ा कर दिया था। उन्होंने उसके भतीजे को पीट दिया था। जिस पर उन्होंने 2 अप्रैल, 2015 मोहाना थाना में शिकायत दी थी। जिस पर 2 अप्रैल की रात को सचिन, उसका भाई सिकंदर, अपने परिचितों गांव के ही आशीष, अशोक, गांव पिनाना के सोमवीर व रोहतक के गांव समचाना के बिजेंद्र तथा अन्य के साथ उनके घर के बाहर आ गए थे। वह लाठी-डंडों के साथ ही पिस्तौल लिए थे। इनमें सचिन व बिजेंद्र के पास पिस्तौल थी। उन्होंने आते ही उसके चाचा विरेंद्र व पिता बिजेंद्र पर हमला कर दिया था। जब वह बचाव को आया तो सचिन ने उसकी कमर में गोली मार दी थी। साथ ही हमलावरों ने उसकी ताई चांदो व भतेरी पर हमला कर दिया था। बाद में सचिन की मां अंग्रेजी भी डंडा लेकर आई थी। उसने भी हमला किया था। बाद में शोर मचाने पर हमलावर फरार हो गए थे। अनिल को पीजीआई रोहतक में भर्ती कराया गया था। पुलिस ने अनिल के बयान पर हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी धीरज कुमार की टीम ने आरोपी सिकंदर, सचिन, आशीष, सोमवीर, अशोक, बिजेंद्र व अंग्रेजो को काबू कर लिया था। मामले में एक अन्य आरोपी नाबालिग मिला था। पुलिस ने सचिन से वारदात में प्रयुक्त पिस्तौल व बिजेंद्र से तमंचा बरामद किया था।
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मामले की सुनवाई करते हुए एएसजे प्रमिंद्र कौर की अदालत ने सचिन, उसके भाई सिकंदर, सोमवीर, बिजेंद्र, आशीष व अशोक को दोषी करार दिया है। सचिन व बिजेंद्र पर हत्या के प्रयास व अवैध शस्त्र अधिनियम में भी दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल कैद व 16000-16000 रुपये तथा सिकंदर, सोमवीर, आशीष व अशोक को हत्या के प्रयास का दोषी करार देते हुए पांच-पांच साल कैद के साथ ही 11000-11000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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