सोनीपत: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल कैद, दो बहनों से किया गया था घिनौना काम
सोनीपत में दो बहनों को इंसाफ मिल गया है। कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई है। मामले के अनुसार पहले बड़ी बहन से दुष्कर्म किया गया था। बाद में उसकी छोटी बहन को दूसरे आरोपी ने शिकार बनाया और उसके साथ पिटाई की। दोनों बहनें वारदात के समय घर पर अकेली थीं। मां मायके गई हुई थी और पिता दिल्ली में ड्यूटी पर थे। पुलिस ने दोनों आरोपी दबोचे थे।
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सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने नाबालिग के घर में घुसकर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद व 70 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। मामले में एक दोषी को पहले ही सजा दी जा चुकी है। मुरथल थाने के एक गांव की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी ने 3 अक्तूबर, 2018 को पुलिस को बताया था कि वह नौवीं तथा उसकी 13 वर्षीय बहन सातवीं कक्षा में पढ़ती है। उनकी मां 1 अक्तूबर, 2018 की शाम को अपने मायके चली गई। वहीं, पिता दिल्ली में ड्यूटी के लिए चले गए।
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बहन की पिटाई भी की थी दोषी ने
15 वर्षीय किशोरी ने बताया था कि उनके गांव में अपनी रिश्तेदारी में रह रहा पानीपत के समालखा का प्रमोद उर्फ चुचू रात को उनके घर में घुस गया था। आरोपी ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म कर दिया। 2 अक्तूबर को उनके गांव का रहने वाला व प्रमोद का दोस्त उनके घर में आया था और उसने उसकी छोटी बहन से दुष्कर्म किया था। आरोपी ने उसकी छोटी बहन के विरोध करने पर पिटाई भी थी। बाद में जब उनकी मां घर आई, तो लड़कियों ने उसे इस बारे में जानकारी दी थी।
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एक आरोपी निकला था नाबालिग
जिस पर लड़कियों के पिता के आने के बाद पुलिस में शिकायत दी गई थी। मुरथल थाना पुलिस ने 3 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को काबू कर लिया था। बाद में एक आरोपी की उम्र 18 साल से कम मिली थी। कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान प्रमोद को दोषी करार देकर सजा सुना दी गई थी। अब मामले में पीड़िता के गांव के रहने वाले आरोपी को भी सजा सुनाई गई है।