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पंकज ने लापता होने से एक दिन पहले मां से कहा अधिकारी काम से बहुत खुश, चचेरे भाई से बोला 2
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गोहाना (सोनीपत)। गांव कोहला का रहने वाला पंकज सांगवान भी अरुणाचल प्रदेश की चीन सीमा के पास से लापता हुए भारतीय वायुसेना के विमान एएन-32 में सवार है। असम के जोरहाट एयरबेस से उड़ान भरने के बाद विमान अचानक लापता हो गया था। माता-पिता के इकलौते बेटे पंकज सांगवान (22) भारतीय वायुसेना के एयर ट्रैफिक सर्विस में तैनात हैं। उनके लापता होने से माता-पिता सहित परिजनों की आंखें नम हैं। परिजन व ग्रामीण मिलकर पंकज की सलामती की दुआ कर रहे हैं। पंकज ने लापता होने से एक दिन पहले ही अपनी मां से बातचीत में कहा था कि अधिकारी उसके काम से बहुत खुश हैं। साथ ही उसने अपने चचेरे भाई से फोन पर कहा था कि वह 28 जून घर आएगा।
पंकज के पिता धर्मबीर सांगवान की आंखों से भी आंसू थम नहीं रहे हैं। स्वयं को संभालते हुए उन्होंने बताया कि उनका इकलौता बेटा पंकज 1 जुलाई 2015 को वायुसेना में भर्ती हुआ था। वह इन दिनों असम के जोरहाट एयरबेस पर तैनात है। 3 जून को रात करीब 8 बजे एयर कमांडर ने फोन पर पंकज व अन्य कर्मियों के विमान समेत लापता होने की सूचना उन्हें दी थी। इसके बाद से ही परिवार के सदस्यों के साथ ग्रामीण भी उसके सलामत लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं। परिजन दिन में कई बार जोरहाट एयरबेस कार्यालय में फोन कर पंकज व अन्य कर्मियों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। अभी तक किसी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पंकज के लापता होने की सूचना से उनके दादा कपूर सिंह भी सदमे में हैं। घर पर पंकज के बारे में जानकारी लेने के लिए ग्रामीणों व अन्य रिश्तेदारों का तांता लग रहा है।
मां से कहा था अधिकारी उसके काम से बहुत खुश
पंकज सांगवान ने लापता होने से एक दिन पहले ही अपनी मां सुनीता से फोन पर लंबी बातचीत की थी। उसने करीब 40-45 मिनट बात करने के दौरान अपनी मां को कहा था कि उसके काम से अधिकारी बहुत खुश हैं। इतना कहने के बाद सुनीता का गला भर आया और उन्होंने इतना ही कहा कि पंकज सदा मेहनत व इमानदारी से अपना काम पूरा करता था। उसने ट्रेनिंग के समय भी 2500 जवानों में पहला स्थान प्राप्त किया था।
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चचेरे भाई से कहा 28 जून को आ रहा है घर
2 जून की सुबह ही पंकज ने अपने चचेरे भाई मोहित से भी फोन पर बातचीत की थी। उसने अपने भाई को बताया था कि 28 जून को वह छुट्टियों में घर आ रहा है। उसकी छुट्टियां मंजूर हो गई हैं। पंकज ने यह बात मां सुनीता को भी बताई थी, लेकिन अब विमान के साथ पंकज के लापता होने की सूचना मिलने के बाद से ही परिवार के सदस्य सदमे में हैं।
शादी से पहले उच्च अधिकारी करने की कहता पंकज
पंकज सांगवान की मां सुनीता कुमारी ने बताया कि जब भी वह तथा परिवार से सदस्य पंकज की शादी की बात करते थे तो वह मना कर देता था। वह एक ही बात कहता है कि वह पहले पढ़ाई कर बड़ा अधिकारी बनना चाहता है। पंकज की शादी को लेकर परिजनों के साथ रिश्तेदार व ग्रामीण भी उस पर दबाव बनाते रहते थे, लेकिन वह मना कर देता था।
मां बोलीं- सरकार बेटे समेत सभी को सकुशल लाने का करे प्रयास
सुनीता कुमारी ने कहा कि सरकार उसके बेटे को सही सलामत वापस लेकर आने के लिए ठोस पहल करे। सरकार को चाहिए कि वह विमान की तलाश को लेकर सभी संसाधन लगा दे। जिससे उसके बेटे के साथ अन्य लापता कर्मियों को सकुशल वापस लाया जा सके।
ग्रामीण परिवार को बंधा रहे ढांढस
पंकज की मां के साथ पिता व बहन की आंखें भी लगातार नम हो रही हैं। सभी पंकज व अन्य की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। पड़ोस की महिलाएं लगातार पंकज की मां व बहन को ढांढस बंधाने में लगी हैं।
दो दिन से गले से नहीं उतरा निवाला
जब परिजनों को 3 जून की शाम को पंकज सांगवान व अन्य कर्मियों के विमान समेत लापता होने का पता लगा था उसके बाद से परिजनों ने एक निवाला तक नहीं खाया। परिजनों का कहना है कि पंकज की सलामती की खबर मिलने के बाद ही वह कुछ खा सकेंगे।
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पंकज के पिता धर्मबीर सांगवान की आंखों से भी आंसू थम नहीं रहे हैं। स्वयं को संभालते हुए उन्होंने बताया कि उनका इकलौता बेटा पंकज 1 जुलाई 2015 को वायुसेना में भर्ती हुआ था। वह इन दिनों असम के जोरहाट एयरबेस पर तैनात है। 3 जून को रात करीब 8 बजे एयर कमांडर ने फोन पर पंकज व अन्य कर्मियों के विमान समेत लापता होने की सूचना उन्हें दी थी। इसके बाद से ही परिवार के सदस्यों के साथ ग्रामीण भी उसके सलामत लौटने की प्रार्थना कर रहे हैं। परिजन दिन में कई बार जोरहाट एयरबेस कार्यालय में फोन कर पंकज व अन्य कर्मियों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। अभी तक किसी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। पंकज के लापता होने की सूचना से उनके दादा कपूर सिंह भी सदमे में हैं। घर पर पंकज के बारे में जानकारी लेने के लिए ग्रामीणों व अन्य रिश्तेदारों का तांता लग रहा है।
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मां से कहा था अधिकारी उसके काम से बहुत खुश
पंकज सांगवान ने लापता होने से एक दिन पहले ही अपनी मां सुनीता से फोन पर लंबी बातचीत की थी। उसने करीब 40-45 मिनट बात करने के दौरान अपनी मां को कहा था कि उसके काम से अधिकारी बहुत खुश हैं। इतना कहने के बाद सुनीता का गला भर आया और उन्होंने इतना ही कहा कि पंकज सदा मेहनत व इमानदारी से अपना काम पूरा करता था। उसने ट्रेनिंग के समय भी 2500 जवानों में पहला स्थान प्राप्त किया था।
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चचेरे भाई से कहा 28 जून को आ रहा है घर
2 जून की सुबह ही पंकज ने अपने चचेरे भाई मोहित से भी फोन पर बातचीत की थी। उसने अपने भाई को बताया था कि 28 जून को वह छुट्टियों में घर आ रहा है। उसकी छुट्टियां मंजूर हो गई हैं। पंकज ने यह बात मां सुनीता को भी बताई थी, लेकिन अब विमान के साथ पंकज के लापता होने की सूचना मिलने के बाद से ही परिवार के सदस्य सदमे में हैं।
शादी से पहले उच्च अधिकारी करने की कहता पंकज
पंकज सांगवान की मां सुनीता कुमारी ने बताया कि जब भी वह तथा परिवार से सदस्य पंकज की शादी की बात करते थे तो वह मना कर देता था। वह एक ही बात कहता है कि वह पहले पढ़ाई कर बड़ा अधिकारी बनना चाहता है। पंकज की शादी को लेकर परिजनों के साथ रिश्तेदार व ग्रामीण भी उस पर दबाव बनाते रहते थे, लेकिन वह मना कर देता था।
मां बोलीं- सरकार बेटे समेत सभी को सकुशल लाने का करे प्रयास
सुनीता कुमारी ने कहा कि सरकार उसके बेटे को सही सलामत वापस लेकर आने के लिए ठोस पहल करे। सरकार को चाहिए कि वह विमान की तलाश को लेकर सभी संसाधन लगा दे। जिससे उसके बेटे के साथ अन्य लापता कर्मियों को सकुशल वापस लाया जा सके।
ग्रामीण परिवार को बंधा रहे ढांढस
पंकज की मां के साथ पिता व बहन की आंखें भी लगातार नम हो रही हैं। सभी पंकज व अन्य की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। पड़ोस की महिलाएं लगातार पंकज की मां व बहन को ढांढस बंधाने में लगी हैं।
दो दिन से गले से नहीं उतरा निवाला
जब परिजनों को 3 जून की शाम को पंकज सांगवान व अन्य कर्मियों के विमान समेत लापता होने का पता लगा था उसके बाद से परिजनों ने एक निवाला तक नहीं खाया। परिजनों का कहना है कि पंकज की सलामती की खबर मिलने के बाद ही वह कुछ खा सकेंगे।