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प्राइवेट स्कूल संचालकों की बैठक में हंगामा, 35 अभिभावकों को किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Fri, 31 Mar 2017 12:04 AM IST
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अभिभावकों को गिरफ्तार करके ले जाती पुलिस
- फोटो : bureau
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प्राइवेट स्कूलों के दाखिला, एनुअल फीस व अन्य चार्ज की वसूली के खिलाफ अभिभावकों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है। यह गुस्सा वीरवार को उस समय फूट पड़ा जब प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारी एटलस रोड स्थित एक होटल में बैठक के लिए पहुंचे। इसका पता चलने पर काफी अभिभावक भी वहां पहुंच गए और स्कूल संचालकों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कई महिलाओं ने होटल के अंदर जाकर भी एसोसिएशन के पदाधिकारियों के सामने हंगामा किया। हंगामा बढ़ता देखकर सिविल लाइन थाना पुलिस पहुंच गई और 35 अभिभावकों को गिरफ्तार कर लिया गया।
डीईओ के नोटिस के बाद बढ़ा दबाव
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के विरोध में अभिभावक संघ की ओर से रोजाना हंगामा किया जा रहा है। इसको देखते हुए डीईओ की ओर से स्कूल संचालकों को कार्रवाई करने के लिए नोटिस जारी किया गया। दबाव बढ़ता देखकर ही प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों की ओर से एटलस रोड पर एक होटल में कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें वह अपनी बात रख सकें। इसके लिए एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मान, जिला प्रधान अजमेर सिंह, प्रदेश महासचिव ब्रह्म प्रकाश दहिया समेत कई अन्य स्कूल संचालक पहुंचे थे। इसका पता चलने पर अभिभावक संघ के संरक्षक विमल किशोर के नेतृत्व में काफी अभिभावक होटल के सामने पहुंच गए और वहां हंगामा शुरू कर दिया। कई महिलाओं ने होटल के अंदर जाकर स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के सामने हंगामा भी किया और उनकी पदाधिकारियों से नोकझोंक हुई, जिनको किसी तरह समझाकर वापस भेजा गया। वहीं होटल के सामने हंगामा बढ़ता हुआ देखकर सिविल लाइन थाना पुलिस पहुंच गई और उसने 35 अभिभावकों को गिरफ्तार कर लिया। पांच महिलाओं को थाने से छोड़ दिया गया, जबकि 30 लोगों को एसडीएम के सामने पेश किया गया, जिनको वहां से जमानत करानी पड़ी। इनमें विमल किशोर, अमित छाबड़ा, देवेन्द्र, सुनील, रवि, दीपक, रूस्तम, अमित, प्रवीन, देवेन्द्र खत्री, सतीश, अनुपम, नरेश, कंवल किशोर, ललित, ईस्तकार अहमद, राकेश, दीपक सोनी, हिमांशु, सतीश कौशिक, राहुल, नवीन, सचिन, विजय, भूपेश, सौरभ, अजय आर्या, संजीव, राकेश खट्टर, सुनील शामिल रहे। पुलिस भले ही इनको गिरफ्तार करके अपने साथ ले गई, लेकिन उसके बाद भी होटल के सामने अभिभावकों ने हंगामा बंद नहीं किया, जिसको देखते हुए स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुलिस को फोन करके बुलाया और पुलिस के साथ ही वह होटल से बाहर निकल सके। इस तरह प्राइवेट स्कूल संचालकों के खिलाफ दिनभर हंगामा चलता रहा।
नोटिस के खिलाफ स्कूल संचालक हुए एकजुट
अभिभावक संघ के प्राईवेट स्कूलों के बाहर आए दिन हंगामों को देखते हुए डीईओ जिले सिंह शर्मा ने कई स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि वह एनुअल, दाखिला व अन्य चार्ज नहीं वसूल सकते हैं और 134 ए के तहत उनको बच्चों को पढ़ाना होगा। इसके अलावा कोई भी स्कूल निजी प्रकाशक की किताब नहीं बेच सकता और उसे एनसीईआरटी की किताबें ही बेचनी होंगी। किताब व ड्रेस के लिए कोई भी स्कूल किसी एक दुकान या स्कूल के अंदर से खरीदने के लिए दबाव नहीं डाल सकते। इस तरह के नोटिस मिलने पर स्कूल संचालक बौखलाए हुए हैं और इसको लेकर ही लिटल एंजल्स में स्कूल संचालकों की एक मीटिंग हुई। उसमें डीईओ के इस तरह के नोटिस भेजने को गलत बताया गया कि नियम की जानकारी के बिना इस तरह के नोटिस जारी कर दिए गए है। वहीं पदाधिकारियों ने स्कूल संचालकों से यह भी कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी समझें और ऐसा कोई कृत्य नहीं करें, जिससे अभिभावकों को कोई परेशानी हो सके।
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एनुअल, दाखिला व अन्य चार्ज की वसूली बंद करें स्कूल : विमल किशोर
जिला अभिभावक संघ के संरक्षक विमल किशोर ने कहा कि वह उन अभिभावकों के लिए लड़ रहे हैं, जिनसे अवैध रूप से दाखिल, एनुअल व अन्य चार्ज स्कूल वाले वसूल रहे हैं। ऐसा कोई नियम नहीं है और स्कूल संचालक यह लेना बंद कर दें तो किसी तरह का हंगामा नहीं किया जाएगा। हर साल फीस बढ़ोतरी के नाम पर मोटी रकम भी बढ़ा दी जाती है जो पूरी तरह से गलत है। इनका विरोध हम करते रहेंगे, चाहे उसके लिए पुलिस कितनी बार भी पकड़े। पुलिस भी गलत का साथ देने में लगी है, जबकि लोगों से अवैध वसूली करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ ही मुकदमा होना चाहिए।
स्कूल गड़बड़ करेगा तो एसोसिएशन से बाहर कर देंगे : विजेंद्र मान
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मान ने कहा कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं कि कोई स्कूल ज्यादा रुपये अभिभावकों से वसूल रहा है या किसी पर ड्रेस व किताब किसी एक जगह से खरीदने का दबाव बना रहा है। इस तरह से कोई संचालक करता है तो एसोसिएशन उसके साथ नहीं है और उसे एसोसिएशन से बाहर कर दिया जाएगा, लेकिन डीईओ को इस तरह से नोटिस नहीं भेजने चाहिए जो नियम के अनुसार नहीं है। वहीं सरकार को 134 ए के तहत स्कूल में पढ़ाए जाने वाले बच्चों को पूरा रुपया दिया जाना चाहिए जो अभी तक नहीं दिया गया है।
होटल के बाहर हंगामा करने वालों को गिरफ्तार किया गया था। वह सड़क पर हंगामा कर रहे थे जो पूरी तरह से गलत है। उनको पकड़कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उनको जमानत मिल गई है।
-राव वीरेंद्र, एसएचओ सिविल लाइन
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डीईओ के नोटिस के बाद बढ़ा दबाव
प्राइवेट स्कूलों की मनमानी के विरोध में अभिभावक संघ की ओर से रोजाना हंगामा किया जा रहा है। इसको देखते हुए डीईओ की ओर से स्कूल संचालकों को कार्रवाई करने के लिए नोटिस जारी किया गया। दबाव बढ़ता देखकर ही प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों की ओर से एटलस रोड पर एक होटल में कार्यक्रम रखा गया था, जिसमें वह अपनी बात रख सकें। इसके लिए एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मान, जिला प्रधान अजमेर सिंह, प्रदेश महासचिव ब्रह्म प्रकाश दहिया समेत कई अन्य स्कूल संचालक पहुंचे थे। इसका पता चलने पर अभिभावक संघ के संरक्षक विमल किशोर के नेतृत्व में काफी अभिभावक होटल के सामने पहुंच गए और वहां हंगामा शुरू कर दिया। कई महिलाओं ने होटल के अंदर जाकर स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों के सामने हंगामा भी किया और उनकी पदाधिकारियों से नोकझोंक हुई, जिनको किसी तरह समझाकर वापस भेजा गया। वहीं होटल के सामने हंगामा बढ़ता हुआ देखकर सिविल लाइन थाना पुलिस पहुंच गई और उसने 35 अभिभावकों को गिरफ्तार कर लिया। पांच महिलाओं को थाने से छोड़ दिया गया, जबकि 30 लोगों को एसडीएम के सामने पेश किया गया, जिनको वहां से जमानत करानी पड़ी। इनमें विमल किशोर, अमित छाबड़ा, देवेन्द्र, सुनील, रवि, दीपक, रूस्तम, अमित, प्रवीन, देवेन्द्र खत्री, सतीश, अनुपम, नरेश, कंवल किशोर, ललित, ईस्तकार अहमद, राकेश, दीपक सोनी, हिमांशु, सतीश कौशिक, राहुल, नवीन, सचिन, विजय, भूपेश, सौरभ, अजय आर्या, संजीव, राकेश खट्टर, सुनील शामिल रहे। पुलिस भले ही इनको गिरफ्तार करके अपने साथ ले गई, लेकिन उसके बाद भी होटल के सामने अभिभावकों ने हंगामा बंद नहीं किया, जिसको देखते हुए स्कूल एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पुलिस को फोन करके बुलाया और पुलिस के साथ ही वह होटल से बाहर निकल सके। इस तरह प्राइवेट स्कूल संचालकों के खिलाफ दिनभर हंगामा चलता रहा।
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नोटिस के खिलाफ स्कूल संचालक हुए एकजुट
अभिभावक संघ के प्राईवेट स्कूलों के बाहर आए दिन हंगामों को देखते हुए डीईओ जिले सिंह शर्मा ने कई स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि वह एनुअल, दाखिला व अन्य चार्ज नहीं वसूल सकते हैं और 134 ए के तहत उनको बच्चों को पढ़ाना होगा। इसके अलावा कोई भी स्कूल निजी प्रकाशक की किताब नहीं बेच सकता और उसे एनसीईआरटी की किताबें ही बेचनी होंगी। किताब व ड्रेस के लिए कोई भी स्कूल किसी एक दुकान या स्कूल के अंदर से खरीदने के लिए दबाव नहीं डाल सकते। इस तरह के नोटिस मिलने पर स्कूल संचालक बौखलाए हुए हैं और इसको लेकर ही लिटल एंजल्स में स्कूल संचालकों की एक मीटिंग हुई। उसमें डीईओ के इस तरह के नोटिस भेजने को गलत बताया गया कि नियम की जानकारी के बिना इस तरह के नोटिस जारी कर दिए गए है। वहीं पदाधिकारियों ने स्कूल संचालकों से यह भी कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी समझें और ऐसा कोई कृत्य नहीं करें, जिससे अभिभावकों को कोई परेशानी हो सके।
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एनुअल, दाखिला व अन्य चार्ज की वसूली बंद करें स्कूल : विमल किशोर
जिला अभिभावक संघ के संरक्षक विमल किशोर ने कहा कि वह उन अभिभावकों के लिए लड़ रहे हैं, जिनसे अवैध रूप से दाखिल, एनुअल व अन्य चार्ज स्कूल वाले वसूल रहे हैं। ऐसा कोई नियम नहीं है और स्कूल संचालक यह लेना बंद कर दें तो किसी तरह का हंगामा नहीं किया जाएगा। हर साल फीस बढ़ोतरी के नाम पर मोटी रकम भी बढ़ा दी जाती है जो पूरी तरह से गलत है। इनका विरोध हम करते रहेंगे, चाहे उसके लिए पुलिस कितनी बार भी पकड़े। पुलिस भी गलत का साथ देने में लगी है, जबकि लोगों से अवैध वसूली करने वाले स्कूल संचालकों के खिलाफ ही मुकदमा होना चाहिए।
स्कूल गड़बड़ करेगा तो एसोसिएशन से बाहर कर देंगे : विजेंद्र मान
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मान ने कहा कि उनके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं कि कोई स्कूल ज्यादा रुपये अभिभावकों से वसूल रहा है या किसी पर ड्रेस व किताब किसी एक जगह से खरीदने का दबाव बना रहा है। इस तरह से कोई संचालक करता है तो एसोसिएशन उसके साथ नहीं है और उसे एसोसिएशन से बाहर कर दिया जाएगा, लेकिन डीईओ को इस तरह से नोटिस नहीं भेजने चाहिए जो नियम के अनुसार नहीं है। वहीं सरकार को 134 ए के तहत स्कूल में पढ़ाए जाने वाले बच्चों को पूरा रुपया दिया जाना चाहिए जो अभी तक नहीं दिया गया है।
होटल के बाहर हंगामा करने वालों को गिरफ्तार किया गया था। वह सड़क पर हंगामा कर रहे थे जो पूरी तरह से गलत है। उनको पकड़कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उनको जमानत मिल गई है।
-राव वीरेंद्र, एसएचओ सिविल लाइन