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हरियाणा की धरती दो साल में 11 बार हिली, सोनीपत ढ़ाई महीने में दूसरी बार रहा केंद्र बिंदू
Updated Mon, 02 Jul 2018 12:48 AM IST
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हरियाणा की धरती दो साल में 11 बार हिली, सोनीपत ढाई महीने में दूसरी बार रहा केंद्र
अंकित चौहान/रविंद्र कौशिक
सोनीपत। भूकंप का केंद्र बिंदू अब ज्यादातर हरियाणा ही रहने लगा है। यही कारण है कि केवल दो साल में 11 बार हरियाणा के केंद्र बिंदू से धरती हिली है। इसमें भी सोनीपत, झज्जर, रोहतक को ज्यादा संवेदनशील माना जाता है और यह आंकड़े भी बताते हैं कि 11 में 9 बार भूकंप का केंद्र बिंदू यह तीन जिले ही रहे हैं। वहीं सोनीपत ढाई महीने में दूसरी बार भूकंप का केंद्र बिंदू बना है और इस कारण ही हरियाणा के यह जिले जोन 4 में आते हैं, जहां ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप आने का खतरा रहता है।
भूकंप आने पर हरियाणा के केंद्र बिंदू रहने का आंकड़ा देखा जाए तो सबसे ज्यादा पांच बार झज्जर केंद्र बिंदू रहा है। उसके बाद सोनीपत व रोहतक दो-दो बार भूकंप के केंद्र बिंदू पिछले दो साल में रहे हैं। जबकि महेंद्रगढ़ एक बार भूकंप का केंद्र बिंदू रहा तो हरियाणा-राजस्थान का बार्डर भी एक बार भूकंप का केंद्र बिंदू रहा। लेकिन रोहतक के केंद्र बिंदू से अभी तक सबसे ज्यादा 5 तीव्रता वाला भूकंप आया है। इस तरह प्रदेश में झज्जर, सोनीपत व रोहतक को भूकंप के मामले में सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है।
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अंकित चौहान/रविंद्र कौशिक
सोनीपत। भूकंप का केंद्र बिंदू अब ज्यादातर हरियाणा ही रहने लगा है। यही कारण है कि केवल दो साल में 11 बार हरियाणा के केंद्र बिंदू से धरती हिली है। इसमें भी सोनीपत, झज्जर, रोहतक को ज्यादा संवेदनशील माना जाता है और यह आंकड़े भी बताते हैं कि 11 में 9 बार भूकंप का केंद्र बिंदू यह तीन जिले ही रहे हैं। वहीं सोनीपत ढाई महीने में दूसरी बार भूकंप का केंद्र बिंदू बना है और इस कारण ही हरियाणा के यह जिले जोन 4 में आते हैं, जहां ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप आने का खतरा रहता है।
भूकंप आने पर हरियाणा के केंद्र बिंदू रहने का आंकड़ा देखा जाए तो सबसे ज्यादा पांच बार झज्जर केंद्र बिंदू रहा है। उसके बाद सोनीपत व रोहतक दो-दो बार भूकंप के केंद्र बिंदू पिछले दो साल में रहे हैं। जबकि महेंद्रगढ़ एक बार भूकंप का केंद्र बिंदू रहा तो हरियाणा-राजस्थान का बार्डर भी एक बार भूकंप का केंद्र बिंदू रहा। लेकिन रोहतक के केंद्र बिंदू से अभी तक सबसे ज्यादा 5 तीव्रता वाला भूकंप आया है। इस तरह प्रदेश में झज्जर, सोनीपत व रोहतक को भूकंप के मामले में सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जाता है।
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