फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sitting on a pile of ammunition, 2,200 industry

बारूद के ढेर पर बैठे हैं 2200 उद्योग

Thu, 16 Jan 2014 11:06 PM IST
अमर उजाला गुड़गांव
अमर उजाला गुड़गांव Updated Thu, 16 Jan 2014 11:06 PM IST
विज्ञापन

तीन हजार एकड़ में फैले आईएमटी-मानेसर के 2,200 उद्योग बारूद के ढेर पर हैं। सिर्फ औद्योगिक यूनिटें ही नहीं यहां की ग्रुप हाउसिंग सोसायटी का भी यही हाल है। पिछले कुछ वर्षों से आग के कारण तकरीबन 50 फैक्ट्रियां जलकर पूरी तरह से राख हो चुकी हैं। उद्यमियों की मांग पर तीन वर्ष पूर्व फायर स्टेशन के लिए आईएमटी सेक्टर-8 में सवा एकड़ भूमि तो उपलब्ध करा दी लेकिन आज तक फायर स्टेशन नहीं बन सका।

विज्ञापन


उद्यमियों की शिकायत है कि सरकार ने जो जमीन फायर स्टेशन के लिए अलॉट की है वह मानकों के अनुरूप नहीं है। नेशनल बिल्डिंग कोड ऑफ इंडिया के अनुसार फायर स्टेशन के लिए न्यूनतम ढाई एकड़ जमीन की जरूरत होती है। हरियाणा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव किशन कपूर बताते हैं कि आईएमटी-मानेसर में फायर स्टेशन का न होना उद्योग जगत के लिए बहुत बड़ा बैक ड्रॉ है।
विज्ञापन


आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव मनोज त्यागी ने बताया कि फायर स्टेशन की आईएमटी-मानेसर में बहुत जरूरत है। ढाई एकड़ जमीन का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया गया। इसके बाद तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई। इसमें डीजीएम मानेसर एस्टेट, डीजीएम आईए और एसटीपी उद्योग विहार एचएसआईआईडीसी शामिल हैं। त्यागी ने बताया कि इस कमेटी ने अभी फायर स्टेशन का इस्टीमेट बना कर भेजा है। मगर फायर स्टेशन कहां बनेगा इसके लिए जमीन अभी तक तय नहीं हो पाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईराइज बिल्डिंग को भी खतरा
 आईएमटी-मानेसर में तकरीबन 50 ग्रुप हाउससिंग सोसायटी हैं। यहां नौ से 12 मंजिल बिल्डिंग की भी संख्या अच्छी खासी हैं। सेक्टर-1 में यह सबसे अधिक हैं। यही नहीं सेक्टर-8 में बहुमंजिला आईटी कैंपस भी है। इन सभी को आग से काफी खतरा है। अगर यहां आग लग जाए तो प्रशासन के पास कोई विकल्प नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed