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मौसम ने ली करवट रजाई की दुकानों पर आने लगे ग्राहक
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Wed, 22 Oct 2014 10:41 PM IST
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मौसम में बदलाव साथ ही सर्दी के दस्तक दे दी है। रात में इतनी सर्दी तो जरूर होना शुरू हो गई कि अब चादर से काम नहीं चलता।
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मौसम के इस बदलाव को देखते हुए शहर में रजाई भरने वालों की दुकानें शुरू हो गई हैं जिन पर लोग पहुंचने लगे हैं।
कई दिनों से खाली रजाई बनाने के कारीगर अब व्यस्त हो गए हैं। शहर की ऐसी ही 10 से 12 दुकानों पर रजाई के ग्राहक आने लगे हैं।
शहर की डबवाली रोड वार्ड तीन स्थित रजाईयां भरने वाले अब्दुल खान, जैतून बैगम, जावेद खान व आशीष नेे बताया कि पहले काम बहुत कम था, पर तीन-चार दिन से ग्राहकों का आना शुरू हो गया है।
इससे अब उनका कुछ काम निकलने लगा है। इस समय कपास का भाव 80 रुपये प्रति कि लोग्राम है और पिनाई का भाव 20 रुपये प्रति कि ग्रा है, जबकि धागा डालने का खर्च 50 से 70 रुपये प्रति रजाई है।
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मौसमी बीमारियों का भी असर
बदलते मौसम के कारण मौसमी बीमारियों ने भी अपने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। मौसम में हल्की सी ठंड बढ़ जाने से सर्दी, जुकाम, बुखार, नज़ला व गले की खराबी जैसे मौसमी रोगों ने अधिकांश घरों में डेरा डाल रखा है।
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छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. मदन जैन का कहना है कि मौसम के बदलाव के साथ मौसमी बीमारियाें का आना लाजिमी है। मौसमी बीमारियां सामान्यत: एक सप्ताह तक रहती है।
ऐसे मौसम में एयर कंडीशर, शीतल पेय व आईसक्रीम आदि से परहेज करना चाहिए, क्याेंकि बदलते मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होने की वजह से बीमारियां हावी हो जाती हैं।
बच्चों व वृद्धों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। बहुत से लोगों का शरीर काफी संवेदनशील होता है जो कि बदलते हुए मौसम के अनुरूप अपने आप को नहीं ढाल पाता जिससे की उन पर मौसमी बीमारियां हावी हो जाती हैं।