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एसएमओ और चिकित्सक पर ल गाया दुर्व्यवहार का आरोप
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शहर के वार्ड नंबर 7 निवासी सुशील शारदा ने कालांवाली के एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग और सीएचसी के चिकित्सक डॉ. रवि कुमार पर दुर्व्यवहार करने और कोरोना वैक्सीन न लगाने के आरोप लगाए हैं। इसकी शिकायत सुशील शारदा ने प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से की है। बुजुर्ग दंपती का आरोप है कि वे शुगर व हार्ट के मरीज हैं। अनुरोध करने पर भी एसएमओ और चिकित्सक ने उन्हें वैक्सीन नहीं लगाई।
शहरवासी सुशील शारदा ने बताया कि उनकी उम्र करीब 55 वर्ष है और वे शुगर और हार्ट के मरीज हैं। पत्नी रविकांता भी बीपी और थायराइड की मरीज हैं। सरकार की ओर से चलाए जा रहे कोरोना वैक्सीनेशन अभियान से प्रेरित होकर 12 मार्च को कालांवाली के सीएचसी केंद्र में वैक्सीन लगाने गए थे। इस दौरान एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग ने चिकित्सक डॉ. रवि को दोनों की रिपोर्ट चेक करने के लिए कहा। कुछ समय पश्चात डॉ. रवि कुमार से कोरोना का टीका न लगाने का कारण पूछा तो एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग तैश में आ गए और हम दोनों की रिपोर्ट फेंककर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे।
यह बोले एसएमओ
वहीं एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग ने सभी आरोपों को झूठा व निराधार बताते हुए कहा कि सरकार की ओर से शुगर-कैंसर जैसी कुछ बीमारियों वाले मरीजों को ही कोरोना का टीका लगाने के आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन शिकायतकर्ता व उसकी पत्नी को कोई बीमारी नहीं है, लेकिन वे कोरोना का टीका लगाने की जिद कर रहे थे। वे सरकार के आदेशों के बिना किसी को टीका कैसे लगाए।
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शहरवासी सुशील शारदा ने बताया कि उनकी उम्र करीब 55 वर्ष है और वे शुगर और हार्ट के मरीज हैं। पत्नी रविकांता भी बीपी और थायराइड की मरीज हैं। सरकार की ओर से चलाए जा रहे कोरोना वैक्सीनेशन अभियान से प्रेरित होकर 12 मार्च को कालांवाली के सीएचसी केंद्र में वैक्सीन लगाने गए थे। इस दौरान एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग ने चिकित्सक डॉ. रवि को दोनों की रिपोर्ट चेक करने के लिए कहा। कुछ समय पश्चात डॉ. रवि कुमार से कोरोना का टीका न लगाने का कारण पूछा तो एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग तैश में आ गए और हम दोनों की रिपोर्ट फेंककर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे।
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यह बोले एसएमओ
वहीं एसएमओ डॉ. भूषण गर्ग ने सभी आरोपों को झूठा व निराधार बताते हुए कहा कि सरकार की ओर से शुगर-कैंसर जैसी कुछ बीमारियों वाले मरीजों को ही कोरोना का टीका लगाने के आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन शिकायतकर्ता व उसकी पत्नी को कोई बीमारी नहीं है, लेकिन वे कोरोना का टीका लगाने की जिद कर रहे थे। वे सरकार के आदेशों के बिना किसी को टीका कैसे लगाए।
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