{"_id":"581a36044f1c1b5e384373b1","slug":"smogg-fogg-mist-weather-transportation-asthama-health","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोगियों, वाहनों के लिए आफत बना स्मॉग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोगियों, वाहनों के लिए आफत बना स्मॉग
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Thu, 03 Nov 2016 12:22 AM IST
विज्ञापन
स्माॅग
- फोटो : Bureau
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दीपावली को पटाखे चलाने के साथ-साथ किसानों द्वारा जलाई गई पराली के कारण उठा धुआं 72 घंटे बाद भी नहीं हटा है। आसमान में चारों तरफ इतना धुआं पसरा हुआ है कि सूर्यदेव की रोशनी भी धरती पर पूरी नहीं पहुंच पा रही है। हालांकि सुबह व रात के समय हलकी धुंध के साथ मिक्स होकर धुआं और ज्यादा गहरा हो जाता है, जिससे 200 मीटर की दूरी के आगे कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार आसमान में गत तीन दिनों से छाया धुआं जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश की जनता के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। इस धुएं के कारण आंखों में जलन, सिर दर्द, मितली आना, जी घबराना व खांसी जैसे रोग लोगों को हो रहे हैं। इस धुएं की वजह से छोटे बच्चों व बुजुर्गों सहित दमा की बीमारी से पीड़ित लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि सरकार ने पराली जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया है और ऐसा करने वालों पर जुर्माना निर्धारित किया है, लेकिन किसानों द्वारा इसका विरोध जताने के लिए दीपावली से दो दिन पूर्व सामूहिक रूप से प्रदेश भर में पराली जलाने का निर्णय लिया था और इसी के तहत दीपावली की रात को प्रदेश भर के किसानों ने अपने खेतों में खड़ी धान की पराली को आग लगा दी थी, लेकिन जुर्माने से बचने के लिए इस आग का कारण आतिशबाजी की चिंगारियों को बताया जा रहा है।
विज्ञापन
किसानों ने अगली फसल उगाने के नाम पर पराली तो जला दी, लेकिन सामूहिक रूप से जलाई गई पराली से उठा धुआं तीन दिन बाद भी आसमान में छाया हुआ है, जिससे उनके साथ-साथ प्रदेश भर की जनता को परेशानी हो रही है। बताया जा रहा है कि सिरसा से करीब सौ किलो मीटर तक राजस्थान सीमा में भी इसी प्रकार का मौसम छाया हुआ है। मौसम के जानकारों का मानना है कि तेज हवा चलने से या बरसात आने से ही अब मौसम पूरी तरह से साफ होगा।