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Sirsa News: सिरसा का स्थायी रैन बसेरा बंद, स्टेशन के पास यात्री बस में बने अस्थायी में लोग गुजार रहे रात
Tue, 16 Jan 2024 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 16 Jan 2024 12:33 AM IST
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सिरसा में रेलवे स्टेशन के पास बस में बने अस्थायी रैैन बसेरे में सोते लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नगर परिषद का स्थायी रैन बसेरा भले ही लोगों के लिए शाम सात बजे के बाद बंद हो जा रहा है लेकिन स्टेशन के पास यात्री बस में बना अस्थायी रैन बसेरा लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। फरीदाबाद से लेकर लुधियाना तक से लोग आकर रैन बसेरे में रह रहे हैं।
स्थानीय संवाददाता ने सोमवार रात नगर के रैन बसेरों की पड़ताल की। नगर परिषद के स्थायी रैन बसेरे में शाम सात बजे ही ताले लगे मिले। 15 मिनट तक आवाज लगाने के बाद भी कोई बाहर नहीं आया तो आसपास के लोगों ने बताया कि सात बजे के बाद यहां यही हालात रहते हैं।
रेलवे स्टेशन के पास पुरानी बस में बनाए गए स्थायी रैन बसेरे में डेरा सच्चा सौदा के अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन करवाकर आए मरीज और उनके परिजन मिले। फरीदाबाद निवासी बृजेंद्र ने बताया कि उन्होंने सात दिन पहले ऑपरेशन करवाया था। उसके साथ उसका भतीजा कालू भी आया है। दोनों यहीं रह रहे हैं।
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लुधियाना निवासी अरुण कुमार ने बताया कि डेरा अस्पताल में ऑपरेशन करवाने के लिए वह अपने साथी इंदर कुमार को लाए थे। ऑपरेशन के बाद वह दोबारा जांच करवाने के लिए आए और यहां रेन बसेरे में ही रुक गए।
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सिरसा। नगर परिषद का स्थायी रैन बसेरा भले ही लोगों के लिए शाम सात बजे के बाद बंद हो जा रहा है लेकिन स्टेशन के पास यात्री बस में बना अस्थायी रैन बसेरा लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है। फरीदाबाद से लेकर लुधियाना तक से लोग आकर रैन बसेरे में रह रहे हैं।
स्थानीय संवाददाता ने सोमवार रात नगर के रैन बसेरों की पड़ताल की। नगर परिषद के स्थायी रैन बसेरे में शाम सात बजे ही ताले लगे मिले। 15 मिनट तक आवाज लगाने के बाद भी कोई बाहर नहीं आया तो आसपास के लोगों ने बताया कि सात बजे के बाद यहां यही हालात रहते हैं।
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रेलवे स्टेशन के पास पुरानी बस में बनाए गए स्थायी रैन बसेरे में डेरा सच्चा सौदा के अस्पताल में आंखों के ऑपरेशन करवाकर आए मरीज और उनके परिजन मिले। फरीदाबाद निवासी बृजेंद्र ने बताया कि उन्होंने सात दिन पहले ऑपरेशन करवाया था। उसके साथ उसका भतीजा कालू भी आया है। दोनों यहीं रह रहे हैं।
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लुधियाना निवासी अरुण कुमार ने बताया कि डेरा अस्पताल में ऑपरेशन करवाने के लिए वह अपने साथी इंदर कुमार को लाए थे। ऑपरेशन के बाद वह दोबारा जांच करवाने के लिए आए और यहां रेन बसेरे में ही रुक गए।