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बीमा क्लेम देने की मांग, किसानों ने साढ़े चार घंटे कृषि उपनिदेशक कार्यालय में धरना देकर की नारेबाजी
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कृषि उपनिदेशक कार्यालय में धरने पर बैठे किसान। संवाद
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। वर्ष 2020-21 के बकाया फसल बीमा क्लेम के लिए किसानों ने बुधवार को साढ़े चार घंटे कृषि उपनिदेशक कार्यालय में धरना दिया। इस दौरान किसानों ने सरकार व बीमा कंपनियों के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद अधिकारियों ने किसानों के साथ बैठक की। अधिकारियों ने 15 अगस्त तक मुआवजा जारी होने का आश्वासन दिया। किसानों ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 15 अगस्त तक मुआवजा राशि जारी नहीं होती तो वह कृषि विभाग उपनिदेशक कार्यालय में पक्का धरना लगाने को मजबूर होंगे।
बुधवार को सुबह 10.30 बजे भारतीय किसान एकता मंच के बैनर तले किसान कृषि उपनिदेशक कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। इसकी अध्यक्षता बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने की। मीडिया प्रभारी गुरलाल भंगू व किसान नेता लखविन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार बीमा कंपनी की मिलीभगत से किसानों को बीमा क्लेम देने में जानबूझकर देरी की जा रही है।
खरीफ-2020 में जिले के लगभग 111 गांवों का बीमा क्लेम अभी तक किसानों को नहीं मिला है, जिसमें 26 गांव ऐसे हैं, जहां बिल्कुल भी बीमा क्लेम नहीं आया है और 85 गांव ऐसे हैं, जहां जितना बीमा क्लेम बनता था उसे बहुत कम दिया गया है। इसके साथ-साथ खरीफ -2021 का लगभग 80 गांवों का बीमा क्लेम अभी बाकी है, जोकि करीब 92.5 करोड़ की राशि है। बीमा क्लेम के लिए किसानों को चक्कर कटवाए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीमा कंपनियों की जेबें भरने के लिए सरकार किसानों को लूट रही है। इस मौके पर अंग्रेज कोटली, गुरविंद्र बेदी, राकेश दहिया, विनोद मोचीवाली, विकास न्योल, सुभाष बचैर, मनजीत सिंह रानियां, कश्मीर सिंह वैदवाला, निहाल सिंह बाजेकां, निक्का सिंह फग्गू सहित मोरीवाला, पंजुआना, बेगू, छत्तरियां, घोड़ावाली, बेहरवाला खुर्द, झोतड़, चौबुर्जा, गिगोरानी, रघुआना, बचैर, थिराज, नाथूसरी चोपटा के किसान मौजूद रहे।
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बैठक में नहीं निकला हल, धरना स्थल पहुंच दिया आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान लखविंद्र सिंह ने कहा कि जब तक किसानों का बीमा क्लेम नहीं दिया जाता तब तक कृषि कार्यालय के बाहर किसानों का धरना जारी रहेगा। ऐसे में कृषि उपनिदेशक डॉ. बाबूलाल ने पहले किसानों के साथ बैठक की। जिसमें कोई हल नहीं निकल सका। इसके बाद कृषि उपनिदेशक धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों समस्या का जल्द हल करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने धरनारत किसानों को आश्वासन दिया कि 15 अगस्त तक क्लेम की राशि उनके खाते में डाल दी जाएगी। किसान नेताओं ने कहा कि यदि निर्धारित समय अवधि में क्लेेम राशि खातों में नहीं आई तो 16 अगस्त को कृषि विभाग के कार्यालय में पक्का धरना शुरू कर देंगे।
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बुधवार को सुबह 10.30 बजे भारतीय किसान एकता मंच के बैनर तले किसान कृषि उपनिदेशक कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। इसकी अध्यक्षता बीकेई अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने की। मीडिया प्रभारी गुरलाल भंगू व किसान नेता लखविन्द्र सिंह ने बताया कि सरकार बीमा कंपनी की मिलीभगत से किसानों को बीमा क्लेम देने में जानबूझकर देरी की जा रही है।
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खरीफ-2020 में जिले के लगभग 111 गांवों का बीमा क्लेम अभी तक किसानों को नहीं मिला है, जिसमें 26 गांव ऐसे हैं, जहां बिल्कुल भी बीमा क्लेम नहीं आया है और 85 गांव ऐसे हैं, जहां जितना बीमा क्लेम बनता था उसे बहुत कम दिया गया है। इसके साथ-साथ खरीफ -2021 का लगभग 80 गांवों का बीमा क्लेम अभी बाकी है, जोकि करीब 92.5 करोड़ की राशि है। बीमा क्लेम के लिए किसानों को चक्कर कटवाए जा रहे हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीमा कंपनियों की जेबें भरने के लिए सरकार किसानों को लूट रही है। इस मौके पर अंग्रेज कोटली, गुरविंद्र बेदी, राकेश दहिया, विनोद मोचीवाली, विकास न्योल, सुभाष बचैर, मनजीत सिंह रानियां, कश्मीर सिंह वैदवाला, निहाल सिंह बाजेकां, निक्का सिंह फग्गू सहित मोरीवाला, पंजुआना, बेगू, छत्तरियां, घोड़ावाली, बेहरवाला खुर्द, झोतड़, चौबुर्जा, गिगोरानी, रघुआना, बचैर, थिराज, नाथूसरी चोपटा के किसान मौजूद रहे।
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बैठक में नहीं निकला हल, धरना स्थल पहुंच दिया आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान लखविंद्र सिंह ने कहा कि जब तक किसानों का बीमा क्लेम नहीं दिया जाता तब तक कृषि कार्यालय के बाहर किसानों का धरना जारी रहेगा। ऐसे में कृषि उपनिदेशक डॉ. बाबूलाल ने पहले किसानों के साथ बैठक की। जिसमें कोई हल नहीं निकल सका। इसके बाद कृषि उपनिदेशक धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों समस्या का जल्द हल करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने धरनारत किसानों को आश्वासन दिया कि 15 अगस्त तक क्लेम की राशि उनके खाते में डाल दी जाएगी। किसान नेताओं ने कहा कि यदि निर्धारित समय अवधि में क्लेेम राशि खातों में नहीं आई तो 16 अगस्त को कृषि विभाग के कार्यालय में पक्का धरना शुरू कर देंगे।