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अनुमति की फांस में उलझकर रह गए नेता
ब्यूरो / अमर उजाला , सिरसा
Updated Wed, 08 Jun 2016 11:15 PM IST
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जाट आरक्षण की मांग को लेकर अन्य जिलों में धरना प्रदर्शन जारी है वहीं सिरसा में जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने आठ जून से रामपुरा ढिल्लो में धरना देने का ऐलान किया था पर धरने की अनुमति और रामपुरा ढिल्लों के ग्रामीणों के विरोध की फांस में नेता ऐसे उलझे की उन्हें मजबूरन बुधवार क ा धरना अस्थाई रूप से अस्थगित करना पड़ा। जाटों वीरवार को फिर से अपने समुदाय की बैठक बुलाई है साथ ही अनुमति के लिए शपथ पत्र तक तैयार किए हैं। इस बार धरना नाथूसरी चोपटा क्षेत्र के ही किसी गांव से शुरू किया जाएगा, जिसका नाम अभी तक उजागर नहीं किया है।
जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने पहले पांच जून से धरना देने का ऐलान किया था पर पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के कहने पर धरना आठ जून से रामपुरा ढिल्लो में करने की घोषणा की गई। उधर प्रशासन ने कहा कि जो भी युवा आंदोलन में शामिल होगा वह सरकारी नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। चोपटा के अधिकारियों ने गांव रामपुरा का मंगलवार का दौरा किया तो ग्रामीणों ने लिखकर दे दिया कि धरना गांव में नहीं होने देंगे। ऐसे में संघर्ष समिति के समक्ष असमंजस की स्थिति पैदा हो गई एक ओर प्रशासन ने अवकाश की बात कहकर अनुमति देेने से इंकार कर दिया तो दूसरी ओर रामपुरा ढिल्लो के ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि वे अपने गांव से धरना शुरू नहीं होने देंगे। बुधवार को समिति ने प्रशासन से धरने के लिए अनुमति लेने की पूरी तैयारी कर ली थी कि समिति के कोषाध्यक्ष की ताई का निधन हो गया। ऐसे मे सब उनके अंतिम संस्कार में चले गए। बताया गया कि वीरवार को समिति का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम के पास जाकर अनुमति के लिए आवेदन करेगा। हाईकोर्ट की शर्त के अनुसार समिति ने शपथ पत्र तक तैयार करवा लिए है। कोर्ट का आदेश है कि धरना प्रदर्शन के लिए केवल उन्हें ही अनुमति दी जाए जो इस बात का शपथ पत्र देेेंगे की धरना प्रदर्शन के दौरान अगर कोई नुकसान हुआ तो उसकी वे भरपाई करेंगे।
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने पहले पांच जून से धरना देने का ऐलान किया था पर पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के कहने पर धरना आठ जून से रामपुरा ढिल्लो में करने की घोषणा की गई। उधर प्रशासन ने कहा कि जो भी युवा आंदोलन में शामिल होगा वह सरकारी नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर सकेगा। चोपटा के अधिकारियों ने गांव रामपुरा का मंगलवार का दौरा किया तो ग्रामीणों ने लिखकर दे दिया कि धरना गांव में नहीं होने देंगे। ऐसे में संघर्ष समिति के समक्ष असमंजस की स्थिति पैदा हो गई एक ओर प्रशासन ने अवकाश की बात कहकर अनुमति देेने से इंकार कर दिया तो दूसरी ओर रामपुरा ढिल्लो के ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि वे अपने गांव से धरना शुरू नहीं होने देंगे। बुधवार को समिति ने प्रशासन से धरने के लिए अनुमति लेने की पूरी तैयारी कर ली थी कि समिति के कोषाध्यक्ष की ताई का निधन हो गया। ऐसे मे सब उनके अंतिम संस्कार में चले गए। बताया गया कि वीरवार को समिति का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम के पास जाकर अनुमति के लिए आवेदन करेगा। हाईकोर्ट की शर्त के अनुसार समिति ने शपथ पत्र तक तैयार करवा लिए है। कोर्ट का आदेश है कि धरना प्रदर्शन के लिए केवल उन्हें ही अनुमति दी जाए जो इस बात का शपथ पत्र देेेंगे की धरना प्रदर्शन के दौरान अगर कोई नुकसान हुआ तो उसकी वे भरपाई करेंगे।
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