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तेंदुलकर को क्लीन बोल्ड करना चाहता हूं, लेकिन वे अब क्रिकेट नहीं खेलते
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Fri, 05 Aug 2016 01:19 AM IST
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बरिंदर सरां
- फोटो : Bureau
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मैं, क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर को क्लीन बोल्ड करना चाहता हूं। लेकिन वे अब क्रिकेट नहीं खेलते। उनके खिलाफ गेंदबाजी न कर पाने की टीस हमेशा मन में रहेगी। यह कहना है अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर वरिंदर सरां का। वे मंगलवार को डबवाली में इस संवाददाता से विशेष बातचीत कर रहे थे।
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वरिंदर सरां ने बताया कि 12 अगस्त से ऑस्ट्रेलिया में ट्राई सीरिज शुरू होने जा रही है। जिसमें साउथ अफ्रीका तथा ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ भारत की ए टीम भी खेलने जाएगी। भारतीय टीम नमन ओझा की कप्तानी में जाएगी। दो टेस्ट मैच भी खेलेगी। यह पहली बार होगा जब टेस्ट मैच के लिए गुलाबी गेंद का प्रयोग होगा। इसलिए हाल ही में बंगलुरु में आयोजित कैंप में गुलाबी गेंद से विशेष तैयारी की गई है।
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मैं दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया की धरती पर खेलूंगा। चूंकि मैंने अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। डेब्यू मैच में मैंने तीन विकेट झटके थे। हालांकि ब्रिसबेन, क्वींसलैंड की विकेट काफी फ्लैट हैं। यहां कंगारू तथा अफ्रीकी शेर बेस बॉलों पर लंबे स्ट्रोक मारते हैं। लेकिन दोनों टीमों के बल्लेबाजों को स्विंग बॉलिंग से परेशानी होती है।
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स्विंग बॉलिंग पर काफी प्रेक्टिस की है। टीम में उमेश यादव तथा इशांत शर्मा मेरी मदद करते हैं। मेरी बॉलिंग पर खास नजर रखकर, कमियां सुधारने के लिए टिप्स देते हैं। सरां ने एक रहस्य से पर्दा उठाते हुए बताया कि ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान लगातार तीन मैच खेलने के बाद कंधे में दिक्कत आ गई थी। जिसकी वजह से वह चौथा तथा पांचवां वन-डे नहीं खेल पाया था। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुकाबले पंजाब में खेलों की तरफ ज्यादा ध्यान दिया जाता है।
क्रिकेट की बात करें तो जिला स्तर पर चयनित खिलाड़ियों का कैंप लगता है। इसके बाद स्टेट तथा रणजी के लिए खिलाड़ी निकाले जाते हैं। दो टीमें बनाकर आपस में परफॉरमेंस देखी जाती है। हरियाणा में ऐसा कुछ नहीं होता। मैंने पंजाब से ट्राई किया। द्वितीय चरण में मेरा सिलेक्शन हो गया। पंजाब में मोहाली, पटियाला, जालंधर, अमृतसर, लुधियाना ऐसे जिले हैं, यहां से खिलाड़ी निकलकर बाहर आ रहे हैं।
पुलिस वाले ने बॉक्सर बनने का ऑफर दिया था
अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर सरां ने अपने दिल की बात सांझी करते हुए कहा कि बॉक्सर बनने के लिए एक पुलिसकर्मी ने ऑफर दिया था। उनकी बात मानकर प्रेक्टिस शुरू की। बचपन से ही क्रिकेट की ओर ज्यादा रुझान था। ऐसे में ट्रायल दिया। ट्रायल में नंबर एक रेंक मिला।
वेरी बुलाते हैं टीम सदस्य
सरां ने बताया कि मेरा नाम वरिंदर सरां काफी बड़ा है। ऐसे में विराट कोहली तथा शिखर धवन ने मुझे पहली बार वेरी के नाम से बुलाया। तब से सभी टीम के बाकी सदस्य भी मुझे शॉर्ट नेम वेरी कहकर ही बुलाते हैं।
अंग्रेजी में हाथ तंग है
अंग्रेजी समझ लेता हूं, लेकिन बोलने में कठिनाई होती है। एक टीवी इंटरव्यू के दौरान अंग्रेजी का फेर समझ नहीं आया। ऐसे में पंजाब के खिलाड़ी मनदीप सिंह ने मदद की। उन्होंने मेरे लिए ट्रांसलेटर का काम किया।
तीन माह बाद कुछ घंटों के लिए घर आया हूं
क्रिकेटर सरां के अनुसार वह तीन माह बाद चंडीगढ़ से कुछ घंटों के लिए आए हैं। शाम को वापिस चंडीगढ़ लौटना है। फिर ऑस्ट्रेलिया दौरे की तैयारियों में जुट जाऊंगा।
जुटने लगे फैन
सरां डबवाली में कांग्रेस नेता जग्गा सिंह बराड़ के रिश्तेदार हैं। वे मंगलवार को चंडीगढ़ से सीधा उनके घर ही आए थे। जैसे ही उनके आने की खबर पता चली तो उनके फैन बराड़ के निवास स्थान पर जुटने लगे। युवाओं ने उनके साथ सेल्फी की, तो कुछ लोगों ने फोटो करवाई। इस मौके पर के उनके पिता बलवीर सिंह, चचेरे भाई काजलदीप सिंह भी मौजूद थे।
नेशनल एंटी डोंपिंग एजेंसी (नाडा) ने नरसिंह को क्लीन चिट दे दी है। मेरा मानना है कि जिस खिलाड़ी ने सात-आठ साल तक कड़ी मेहनत की हो, वह प्रतिबंधित दवाईयों का सेवन नहीं कर सकता। मैं साईं सेंटर में नहीं गया। मुझे नहीं मालूम वहां क्या होता है। लेकिन यह कह सकता हूं कि नरसिंह के खिलाफ साजिश हो रही थी। वे अब ओलंपिक जाएंगे, मैं बहुत खुश हूं। उम्मीद करता हूं कि इस बार देश के खिलाड़ी गजब का प्रदर्शन करते हुए मेडल लेकर वापिस लौटेंगे। मैं यह भी कहूंगा कि खिलाड़ियों को नाडा की प्रस्तावित दवाइयां ही प्रयोग करनी चाहिए।
-वरिंदर सरां, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी