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नोटबंदी के खिलाफ गरजे कांग्रेसी, तंवर और हुड्डा समर्थकों में दिखी गुटबाजी
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Sat, 07 Jan 2017 12:14 AM IST
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नोटबंदी
- फोटो : bureau
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केंद्र सरकार के नोटबंदी के निर्णय से आम जनता को हुई परेशानी के विरोध में शुक्रवार को कांग्रेस की ओर से शुक्रवार को लघु सचिवालय में रोष-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में कांग्रेस की गुटबाजी देखने को मिली।
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शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे हुड्डा गुट के होशियारी लाल शर्मा लघु सचिवालय प्रांगण में दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। बाद में तंवर गुट के कार्यकर्ता करीब 12 बजे लघु सचिवालय पहुंचे। जब इन्हंे होशियारी लाल शर्मा ने धरने में बुलाया तो ये शामिल नहीं हुए। तंवर गुट के कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस प्रकार इनकी गुटबाजी सामने आई। हालांकि बाद में होशियारी लाल शर्मा कार्यकर्ताओं के साथ तंवर गुट के प्रदर्शन में शामिल हो गए।
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सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ऑब्जर्वर एवं राजस्थान की पूर्व विधायक विजय लक्ष्मी के नेतृत्व में लघु सचिवालय पहुंचे। इस अवसर पर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक तंवर की पत्नी अवंतिका माकन तंवर भी विशेष तौर पर पहुंची।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता कांग्रेस के प्रदेश महासचिव नवीन केडिया ने की। प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय के मुख्य गेट के सामने खडे़ होकर मोदी और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करने लगे तो मजबूरी में दूसरे गुट के लोग भी उनके बीच आकर शामिल हो गए। विजय लक्ष्मी ने संबोधित किया कि देश में मोदी की सरकार बनने के बाद अराजकता का माहौल बना हुआ है।
श्वेत पत्र जारी करे सरकार
विजय लक्ष्मी ने पीएम मोदी से मांग है कि नोटबंदी को लेकर श्वेत पत्र जारी किया जाए। देश को बताया जाए कि नोटबंदी से देश को कितना आर्थिक नुकसान हुआ, कैश लेने के लिए बैंक और एटीएम की कतार में लगे लोगों की मौत मामले में कितना मुआवजा दिया या नहीं दिया तो क्यों नहीं दिया। उन्होंने मांग की है कि नोटबंदी से मजदूरों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है, ऐसे में उनकी मजदूरी दोगुनी की जाए, आयकर का दायरा बढ़ाया जाए।
नोटबंदी की आड़ में हुआ सबसे बड़ा घोटाला : अवंतिका
अवंतिका माकन तंवर ने कहा कि मोदी सरकार गरीबों की दुश्मन है और इस शासन में देश का विकास थम गया है। देश को रोजाना अपने भाषणों से दिवास्वप्न दिखाने वाले मोदी हकीकत में कुछ नहीं कर पा रहे, जिससे देश का आम जनमानस दुखी और परेशान है।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी का सबसे अधिक शिकार देश का आम आदमी हुआ है। आज पूरा देश सभी काम छोड़कर बैंकों और एटीएम की लाइनों में लगने को विवश है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी की आड़ में देश का सबसे बड़ा घोटाला हुआ है। बड़ी संख्या में लाखों-करोड़ का हेरफेर हुआ है।
नोटबंदी को लेकर पूरा देश आक्रोशित
कांग्रेस प्रदेश महासचिव नवीन केडिया ने कहा कि मोदी सरकार की नोटबंदी के निर्णय से पूरा देश आक्रोशित है। इस निर्णय ने देशवासियों से रोजगार छीन लिया है और उन्हें बेहद परेशानी में डाल दिया है। बैंकों की लाइनों में खड़े लोगों की मौतों पर सरकार का मुंह बंद है। उनके पीड़ित परिवारों को किसी तरह का मुआवजा तक नहीं दिया गया। कांग्रेस मांग करती है कि बैंकों में व्यवस्था सुधारी जाए और पीड़ित परिवारों को राहत देते हुए मुआवजा दिया जाए।
डीडीपीओ को लौटाया
जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी प्रीतपाल जब प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन लेने धरनास्थल पर पहुंचे तो कांग्रेस नेता नवीन केडिया, पर्यवेक्षक विजय लक्ष्मी और अवंतिका तंवर ने कहा कि डीसी शरणदीप कौर बराड़ उनके बीच में आकर ज्ञापन लें, वे किसी अन्य अधिकारी को ज्ञापन नहीं देंगे।
डीडीपीओ ने बताया कि डीसी इस समय एक जरूरी बैठक में मौजूद हैं, वे नहीं आ सकती, इस पर कांग्रेस नेताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ देर बाद डीडीपीओ ने आकर प्रदर्शनकारियों से कहा कि पांच लोग डीसी को ज्ञापन देने उनके कार्यालय में जा सकते हैं। इस पर विजय लक्ष्मी, अवंतिका तंवर माकन, पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल, नवीन केडिया, होशियारी लाल शर्मा, कुलदीप गदराना, भूपेेश मेहता आदि ज्ञापन देने चले गए। भीतर जाने को लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच काफी धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस के जिला प्रभारी भूपेंद्र गंगवा बाहर ही रह गए।
ये रखीं मांगें
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीसी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा, जिसमें नोटबंदी के निर्णय का विरोध दर्ज करवाया गया और लोगों को हो रही परेशानी को दूर करने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों में मोदी सरकार विरोधी नारे लिखी पट्टिकाएं ली हुई थीं। उन्होंने मोदी सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। ज्ञापन देने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर पूर्व विधायक भरत सिंह बैनीवाल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता होशियारी लाल शर्मा, भूपेश मेहता, लादूराम पूनिया, ओमप्रकाश केहरवाला, भूपेंद्र गंगवा, कुलदीप गदराना, संगीत कुमार, सुरजीत भावदीन, डॉ. सुभाष जोधपुरिया, पाला सिंह कंबोज, गोपाल कंबोज, कुलदीप भांभू, श्याम मेहता, उर्मिल भारद्वाज, सतपाल मेहता, हरीश सोनी, तिलकराज चंदेल, राजू बजाज, मनमोहन मिड्ढा, अनिल शर्मा, ओमप्रकाश लुहानी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता उपस्थित थे।
कांग्रेस में दिखी गुटबाजी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पहले कांग्रेस भवन पहुंचने को कहा गया, बाद में आदेश हुआ कि कार्यकर्ता सीधे लघु सचिवालय पहुंचे। होशियारी लाल शर्मा समर्थकों साथ पहुंचे और दरी बिछाकर नारे लगाने लगे। 12 बजे तक कार्यकर्ताओं की संख्या 20 तक नहीं हुई। हजकां से कांग्रेस में आए नेताओं की संख्या भी ज्यादा रही।
दूसरी ओर तंवर गुट के लोग उनके आवास पर एकत्रित हुए औैर सैकड़ों की संख्या में नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और गेट के सामने नारेबाजी शुरू कर दी। उधर, धरने पर बैठे लोगों ने उन्हें धरनास्थल पर आने को कहा, लेकिन वे नहीं आए। आखिर में धरने पर बैठे लोग उठकर प्रदर्शन में शामिल हो गए। प्रदर्शन के बाद नवीन केडिया ने कुछ कांग्रेस नेताओं को भीड़ न जुटाने को लेकर खरी-खरी सुनाई।