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दवाइयां लेने के लिए मरीजों की लग रही कतार, नियमों का नहीं हो रहा पालन
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नागरिक अस्पताल में जांच करवाने आए बुजुर्ग जमीन पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करते हुए।
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। कई राज्यों में अब कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग अभी अलर्ट दिखाई नहीं दे रहा है। नागरिक अस्पताल में पहुंचने वाले मरीज और कर्मचारी बिना मास्क और सामाजिक दूरी का उल्लंघन करते हुए नजर आ रहे हैं। अस्पताल में पर्ची बनवाने से लेकर दवाई लेने की खिड़की पर भी मरीजों की कतार देखने को मिल रही है। मरीजों के बीच अक्सर दवाइयां लेने को मारामारी मची रहती है।
सिरसा के नागरिक अस्पताल में हर रोज करीब एक हजार मरीज जांच करवाने के लिए पहुंचते हैं। मरीज बिना मास्क के ही अस्पताल में प्रवेश करते हुए दिखाई देते हैं। मरीजों के मास्क नहीं लगा होने पर रोकटोक करने के लिए यहां पर कोई भी कर्मचारी दिखाई नहीं देता। अस्पताल में भीड़ अधिक होने के कारण यहां पर कोरोना तेजी से फैलने का डर भी बना रहता हैं। अधिकारियों की ओर से नियमों का पालन करवाने के लिए हिदायत दी जाती है। हालांकि कर्मचारी हिदायतों पर अमल नहीं करते।
सुबह आठ बजे से एक बजे तक पर्ची कटवाने के लिए मचती है आपाधापी
सुबह आठ बजे से ही मरीज जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचते हुए दिखाई देते हैं। यहां पर दोपहर एक बजे तक ओपीडी की पर्ची कटवाने के लिए मरीजों की कतार लगना आम बात हो गई है। मरीजों को पर्ची कटवाने के लिए आधे से एक घंटे तक का समय लगता है, जिसके बाद मरीज की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर उन्हें संबंधित डॉक्टर के पास भेज दिया जाता हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण डॉक्टर के केबिन के बाहर ही मरीज कतार में लगे हुए दिखाई देते हैं। इसके पश्चात मरीजों को सैंपल करवाने के साथ-साथ दवाई भी लिखकर दे दी जाती है। ऐसे में एक जगह से दूरी जगह पर लाइन में लगे मरीज परेशान होते हुए दिखाई देते रहते है।
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डिस्पेंसरी की दो खिड़कियां रहती है बंद
नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी में कर्मचारियों की कमी होने के कारण यहां पर दो खिड़कियां बंद दिखाई दी, जबकि दो खिड़कियों से महिलाओं व पुरुषों को दवाई दी जा रही थी। कर्मचारियों की कमी होने के कारण मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मरीजों को दवाई लेने के लिए एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। भीड़ अधिक होने के कारण यहां पर भी नियमों का पालन होता हुआ दिखाई नहीं देता।
10 हजार बच्चों को ही लगी कोरोना वैक्सीन की पहली डोज
कई राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ने के कारण अब हरियाणा में भी मामलों के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कोरोना से बचाव के लिए विभाग की ओर से कोई भी तैयार दिखाई नहीं दे रही। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 60 हजार 12 से 14 वर्ष के लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जानी है। हालांकि इनमें से केवल 10,500 के करीब लाभार्थियों को वैक्सीन की डोज लग पाई है। वहीं, जिले में अभी कोरोना के सैंपलों में भी कुछ खास गति नहीं दिखाई दे रही। जिले में हर रोज 500 के करीब लोगों के सैंपल लिए जा रहे है। हालांकि जिले में अभी कोई भी मरीज कोरोना संक्रमित नहीं है।
कोरोना से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को मास्क लगाने व सामाजिक दूरी बनाने को लेकर हिदायत दी जाती है। अगर कोई मरीज आशंकित पाया जाता है तो उसके सैंपल लिए जा रहे हैं।
डॉ. बूधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा।
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सिरसा के नागरिक अस्पताल में हर रोज करीब एक हजार मरीज जांच करवाने के लिए पहुंचते हैं। मरीज बिना मास्क के ही अस्पताल में प्रवेश करते हुए दिखाई देते हैं। मरीजों के मास्क नहीं लगा होने पर रोकटोक करने के लिए यहां पर कोई भी कर्मचारी दिखाई नहीं देता। अस्पताल में भीड़ अधिक होने के कारण यहां पर कोरोना तेजी से फैलने का डर भी बना रहता हैं। अधिकारियों की ओर से नियमों का पालन करवाने के लिए हिदायत दी जाती है। हालांकि कर्मचारी हिदायतों पर अमल नहीं करते।
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सुबह आठ बजे से एक बजे तक पर्ची कटवाने के लिए मचती है आपाधापी
सुबह आठ बजे से ही मरीज जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचते हुए दिखाई देते हैं। यहां पर दोपहर एक बजे तक ओपीडी की पर्ची कटवाने के लिए मरीजों की कतार लगना आम बात हो गई है। मरीजों को पर्ची कटवाने के लिए आधे से एक घंटे तक का समय लगता है, जिसके बाद मरीज की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर उन्हें संबंधित डॉक्टर के पास भेज दिया जाता हैं। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण डॉक्टर के केबिन के बाहर ही मरीज कतार में लगे हुए दिखाई देते हैं। इसके पश्चात मरीजों को सैंपल करवाने के साथ-साथ दवाई भी लिखकर दे दी जाती है। ऐसे में एक जगह से दूरी जगह पर लाइन में लगे मरीज परेशान होते हुए दिखाई देते रहते है।
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डिस्पेंसरी की दो खिड़कियां रहती है बंद
नागरिक अस्पताल की डिस्पेंसरी में कर्मचारियों की कमी होने के कारण यहां पर दो खिड़कियां बंद दिखाई दी, जबकि दो खिड़कियों से महिलाओं व पुरुषों को दवाई दी जा रही थी। कर्मचारियों की कमी होने के कारण मरीजों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मरीजों को दवाई लेने के लिए एक से डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। भीड़ अधिक होने के कारण यहां पर भी नियमों का पालन होता हुआ दिखाई नहीं देता।
10 हजार बच्चों को ही लगी कोरोना वैक्सीन की पहली डोज
कई राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ने के कारण अब हरियाणा में भी मामलों के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि कोरोना से बचाव के लिए विभाग की ओर से कोई भी तैयार दिखाई नहीं दे रही। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 60 हजार 12 से 14 वर्ष के लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जानी है। हालांकि इनमें से केवल 10,500 के करीब लाभार्थियों को वैक्सीन की डोज लग पाई है। वहीं, जिले में अभी कोरोना के सैंपलों में भी कुछ खास गति नहीं दिखाई दे रही। जिले में हर रोज 500 के करीब लोगों के सैंपल लिए जा रहे है। हालांकि जिले में अभी कोई भी मरीज कोरोना संक्रमित नहीं है।
कोरोना से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को मास्क लगाने व सामाजिक दूरी बनाने को लेकर हिदायत दी जाती है। अगर कोई मरीज आशंकित पाया जाता है तो उसके सैंपल लिए जा रहे हैं।
डॉ. बूधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा।