{"_id":"585597f14f1c1be85164a5bd","slug":"original-note-duplicate-note-deposit-in-bank-customer","type":"story","status":"publish","title_hn":"असली नोटों के बीच नकली नोट रख बैंक में जमा करवाने आया उपभोक्ता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
असली नोटों के बीच नकली नोट रख बैंक में जमा करवाने आया उपभोक्ता
अमर उाला ब्यूरो/सिरसा
Updated Sun, 18 Dec 2016 01:24 AM IST
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- फोटो : ANI
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शहर के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में शनिवार को एक उपभोक्ता असली नोट के बीच नकली नोट डालकर जमा करवाने आया। बैंक कर्मचारी की आंखें नकली नोट को पहचाने में धोखा खा गई लेकिन जब नोट गिनती के लिए मशीन में डाले गए तो मशीन ने 500-500 के 14 नोट निकालकर अलग कर दिए। यह देखकर कर्मचारी हैरान रह गए। उन्होंने नकली सात हजार मूल्य के नोटों को कब्जे में ले लिया। उपभोक्ता ने नोट वापस मांगने लगा लेकिन बैंक वालों ने ये देने से इंकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों में विवाद हो गया और उपभोक्ता अपने साथी के साथ बैंक से भाग खड़ा हुआ।
जानकारी के अनुसार सुभाष चौक के समीप स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में उपभोक्ता हरीश कुमार दोपहर सवा 12 बजे आया। हरीश ने 49 हजार 500 रुपये बैंक में जमा करवाने थे। उसने 500 रुपये के 99 नोट बैंक कर्मचारी को जमा करने के लिए दिए। कर्मचारी ने नोट गिनने के लिए मशीन में डाले तो मशीन ने 14 नोट निकालकर अलग कर दिए। कर्मचारी को पता लग गया कि ये नोट नकली हैं। उसने उपभोक्ता हरीश कुमार से कहा कि ये नोट नकली हैं और इनको नष्ट किया जाएगा लेकिन हरीश नोट वापस मांगने लगा। बैंक कर्मचारी ने नोट देने से इंकार किया तो उसने जोर जबरदस्ती शुरू कर दी। बैंक के सभी कर्मचारी एकजुट हो गए तो हरीश अपने साथी के साथ भाग खड़ा हुआ।
ब्रांच मैनेजर सोन कुसरे ने घटना की सूचना पुलिस को दी। शहर थाना पुलिस बैंक में पहुंची और उपभोक्ता खाते से उसका पता और मोबाइल नंबर हासिल किया। पुलिस ने बैंक में लगे खुफिया कैमरों से हरीश व उसके साथी की फोटो देखी।
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पुलिस ने आरोपियों को दो लाख रुपये सहित दबोचा
आरोपी उपभोक्ता हरीश का मोबाइल नंबर पुलिस ने ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन कोर्ट कॉलोनी में मिली। पुलिस ने तुरंत मौके पर दबिश दी तो हरीश अपने साथी नवीन कुमार निवासी कोर्ट कॉलोनी के साथ बैग लेकर खड़ा मिला। दोनों को हिरासत मेें लेकर बैग की तलाशी ली तो उसमें 500-500 रुपये के पुराने नोट मिले। नोटों की गिनती की तो राशि दो लाख रुपये निकली। पुलिस को शंका हुई कि ये नोट नकली हैं। पुलिस ने बैंक अधिकारियों से इन रुपयों की जांच करवाई तो ये नोट असली निकले। ये राशि बैंक पुलिस ने जब्त कर ली है। आयकर विभाग को इसकी सूचना दी गई है।
एक ही सीरीज के हैं नकली नोट
मशीन ने जिन 14 नकली नोटों की पहचान की है वे एक ही सीरीज के हैं। पुलिस को संदेह है कि हरीश के पास एक ही सीरीज के नकली नोटों की पूरी गड्डी है। वह असली नोटों के बीच नकली नोट डालकर वह बैंकों में जमा करवाता आ रहा है। जांच अधिकारी राम सिंह का कहना है कि हरीश व नवीन से पूछताछ करके ये पता लगाया जा रहा है कि दोनों के कौन-कौन से बैंकों में खाते हैं और अब तक इन खातों में कितनी राशि वे जमा करवा चुके हैं। ये नकली नोट कहां से लेकर आए इस बारे में जानने के लिए पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है।
पुलिस को उम्मीद है कि हरीश के जरिए नकली नोटों कारोबार करने वाले गिरोह तक पहुंचा जा सकता है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हरीश पुराने नोट बदलने का काम भी कर रहा था। जनता अस्पताल में हररोज लाखों रुपये की नई करेंसी जमा होती है। 20 प्रतिशत पर पुराने नोटों को नई करेंसी में बदला जाता है।
जनता अस्पताल मेें लिपिक है हरीश
आरोपी हरीश कुमार गांधी कॉलोनी का रहने वाला है और जनता अस्पताल में लिपिक के पद पर कार्यरत है। उसका साथी नवीन कुमार कोर्ट कॉलोनी में रहता है। उक्त दोनों के खिलाफ केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया गया है। दोनों से नकली नोटों को लेकर कड़ी पूछताछ जारी है। नकली नोटों के संबंध में कुछ अहम जानकारी मिली है। नकली नोट की खेप हरीश को कौन सप्लाई करता था। इसका पता लगाया जा रहा है।
-राम सिंह, इंचार्ज शहर थाना सिरसा।
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जानकारी के अनुसार सुभाष चौक के समीप स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में उपभोक्ता हरीश कुमार दोपहर सवा 12 बजे आया। हरीश ने 49 हजार 500 रुपये बैंक में जमा करवाने थे। उसने 500 रुपये के 99 नोट बैंक कर्मचारी को जमा करने के लिए दिए। कर्मचारी ने नोट गिनने के लिए मशीन में डाले तो मशीन ने 14 नोट निकालकर अलग कर दिए। कर्मचारी को पता लग गया कि ये नोट नकली हैं। उसने उपभोक्ता हरीश कुमार से कहा कि ये नोट नकली हैं और इनको नष्ट किया जाएगा लेकिन हरीश नोट वापस मांगने लगा। बैंक कर्मचारी ने नोट देने से इंकार किया तो उसने जोर जबरदस्ती शुरू कर दी। बैंक के सभी कर्मचारी एकजुट हो गए तो हरीश अपने साथी के साथ भाग खड़ा हुआ।
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ब्रांच मैनेजर सोन कुसरे ने घटना की सूचना पुलिस को दी। शहर थाना पुलिस बैंक में पहुंची और उपभोक्ता खाते से उसका पता और मोबाइल नंबर हासिल किया। पुलिस ने बैंक में लगे खुफिया कैमरों से हरीश व उसके साथी की फोटो देखी।
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पुलिस ने आरोपियों को दो लाख रुपये सहित दबोचा
आरोपी उपभोक्ता हरीश का मोबाइल नंबर पुलिस ने ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन कोर्ट कॉलोनी में मिली। पुलिस ने तुरंत मौके पर दबिश दी तो हरीश अपने साथी नवीन कुमार निवासी कोर्ट कॉलोनी के साथ बैग लेकर खड़ा मिला। दोनों को हिरासत मेें लेकर बैग की तलाशी ली तो उसमें 500-500 रुपये के पुराने नोट मिले। नोटों की गिनती की तो राशि दो लाख रुपये निकली। पुलिस को शंका हुई कि ये नोट नकली हैं। पुलिस ने बैंक अधिकारियों से इन रुपयों की जांच करवाई तो ये नोट असली निकले। ये राशि बैंक पुलिस ने जब्त कर ली है। आयकर विभाग को इसकी सूचना दी गई है।
एक ही सीरीज के हैं नकली नोट
मशीन ने जिन 14 नकली नोटों की पहचान की है वे एक ही सीरीज के हैं। पुलिस को संदेह है कि हरीश के पास एक ही सीरीज के नकली नोटों की पूरी गड्डी है। वह असली नोटों के बीच नकली नोट डालकर वह बैंकों में जमा करवाता आ रहा है। जांच अधिकारी राम सिंह का कहना है कि हरीश व नवीन से पूछताछ करके ये पता लगाया जा रहा है कि दोनों के कौन-कौन से बैंकों में खाते हैं और अब तक इन खातों में कितनी राशि वे जमा करवा चुके हैं। ये नकली नोट कहां से लेकर आए इस बारे में जानने के लिए पुलिस आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है।
पुलिस को उम्मीद है कि हरीश के जरिए नकली नोटों कारोबार करने वाले गिरोह तक पहुंचा जा सकता है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हरीश पुराने नोट बदलने का काम भी कर रहा था। जनता अस्पताल में हररोज लाखों रुपये की नई करेंसी जमा होती है। 20 प्रतिशत पर पुराने नोटों को नई करेंसी में बदला जाता है।
जनता अस्पताल मेें लिपिक है हरीश
आरोपी हरीश कुमार गांधी कॉलोनी का रहने वाला है और जनता अस्पताल में लिपिक के पद पर कार्यरत है। उसका साथी नवीन कुमार कोर्ट कॉलोनी में रहता है। उक्त दोनों के खिलाफ केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किया गया है। दोनों से नकली नोटों को लेकर कड़ी पूछताछ जारी है। नकली नोटों के संबंध में कुछ अहम जानकारी मिली है। नकली नोट की खेप हरीश को कौन सप्लाई करता था। इसका पता लगाया जा रहा है।
-राम सिंह, इंचार्ज शहर थाना सिरसा।