{"_id":"679fb9f0517a2955fd06baf4","slug":"navjot-took-up-handball-after-seeing-his-uncle-has-participated-in-national-level-competitions-sirsa-news-c-21-1-hsr1011-557505-2025-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: चाचा को देखकर नवजोत ने थामी हैंडबॉल, राष्ट्र स्तर तक की प्रतियोगिताओं में कर चुके भागीदारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: चाचा को देखकर नवजोत ने थामी हैंडबॉल, राष्ट्र स्तर तक की प्रतियोगिताओं में कर चुके भागीदारी
Mon, 03 Feb 2025 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 03 Feb 2025 12:01 AM IST
विज्ञापन
पदक के साथ नवरूप सिंह। स्रोत : स्वयं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अपने चाचा हैंडबॉल कोच नवजोत सिंह को देखकर गांव खैरेकां के नवरूप सिंह ने हैंडबॉल खिलाड़ी बनने की राह चुनी। वे हैंडबॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के लिए निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। अब तक वे राष्ट्र स्तर तक की प्रतियोगिताओं में भागीदारी कर चुके हैं और राज्य स्तर पर भी पदक जीत चुके हैं।
गांव खैरेकां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 11वीं कक्षा केे छात्र नवरूप सिंह का चयन हाल ही में हरियाणा की टीम में हुआ है। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 10 से 14 जनवरी तक तेलंगाना के महबूब नगर में राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमें नवरूप सिंह ने भाग लिया और अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने नेशनल स्कूल हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए हरियाणा की अंडर-17 आयु वर्ग की टीम में भाग लिया। वे गांव खैरेकां के खेल मैदान में ही सुबह - शाम अभ्यास करते हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -
पांच वर्ष से कर रहे हैंडबाॅल का अभ्यास
हैंडबॉल कोच नवजोत सिंह खिलाड़ी नवरूप सिंह के चाचा हैं। नवरूप सिंह ने बचपन में ही अपने चाचा के साथ हैंडबॉल के मैदान में जाना शुरू कर दिया था। वहां पर चाचा व अन्य खिलाड़ियों को देखकर नवरूप ने हैंडबॉल खेलने का मन बनाया। वे पिछले पांच वर्ष से हैंडबॉल का अभ्यास कर रहे हैं। उनके बड़े भाई जसकरण सिंह भी हैंडबॉल खेलते हैं। पिता हरपाल सिंह किसान हैं और माता हरदीप कौर गृहिणी हैं।
विज्ञापन
सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का है सपना
खिलाड़ी नवरूप सिंह ने बताया कि अब तक वो राष्ट्र स्तर तक खेल चुके हैं। वहीं आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपने देश का नाम रोशन करना चाहता हैं। इस सपने को पूरा करने के बाद वो देश की सेवा करना चाहते हैं। नवरूप ने बताया कि उसका सपना है कि वो भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करे।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- --
गांव खैरेंका के युवाओं की हैंडबॉल खेल में है रुचि
कोच नवजोत सिंह ने बताया कि गांव खैरेकां को हैंडबॉल खेल का गढ़ माना जाता है। पिछले 25 से 26 वर्ष से गांव के युवा इस खेल से जुड़े हुए हैं। गांव में कोई भी ऐसा घर नहीं है जिसमें कोई खिलाड़ी न निकला हो। वे स्वयं राष्ट्र स्तर तक खेल चुके हैं। राष्ट्र स्तर पर 2 सिल्वर और एक ब्रॉन्ज उनके नाम है। अब वो फतेहाबाद की हैंडबॉल एकेडमी में बतौर कोच अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- --
ये हैं नवरूप सिंह की उपलब्धियां
- राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता तेलंगाना में जनवरी 2025 में भागदारी
- राज्यस्तरीय हैंडबाॅल प्रतियोगिता- 2022 में सिल्वर मेडल
- जिलास्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता - 2021 में गोल्ड मेडल
- जिलास्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता - 2022 में गोल्ड मेडल
- जिलास्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता - 2024 में 2 गोल्ड मेडल
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
वर्जन
नवरूप सिंह मेहनती खिलाड़ी हैं। इससे पहले भी उन्होंने हरियाणा स्टेट की विभिन्न प्रतियोगिता में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। सुबह व शाम को नवरूप सिंह निरंतर अभ्यास करते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेलने का उसका सपना है।-- - नवजोत सिंह, हैंडबॉल कोच ।
विज्ञापन
सिरसा। अपने चाचा हैंडबॉल कोच नवजोत सिंह को देखकर गांव खैरेकां के नवरूप सिंह ने हैंडबॉल खिलाड़ी बनने की राह चुनी। वे हैंडबॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के लिए निरंतर अभ्यास कर रहे हैं। अब तक वे राष्ट्र स्तर तक की प्रतियोगिताओं में भागीदारी कर चुके हैं और राज्य स्तर पर भी पदक जीत चुके हैं।
गांव खैरेकां के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 11वीं कक्षा केे छात्र नवरूप सिंह का चयन हाल ही में हरियाणा की टीम में हुआ है। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 10 से 14 जनवरी तक तेलंगाना के महबूब नगर में राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। जिसमें नवरूप सिंह ने भाग लिया और अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने नेशनल स्कूल हैंडबॉल चैंपियनशिप के लिए हरियाणा की अंडर-17 आयु वर्ग की टीम में भाग लिया। वे गांव खैरेकां के खेल मैदान में ही सुबह - शाम अभ्यास करते हैं।
विज्ञापन
पांच वर्ष से कर रहे हैंडबाॅल का अभ्यास
हैंडबॉल कोच नवजोत सिंह खिलाड़ी नवरूप सिंह के चाचा हैं। नवरूप सिंह ने बचपन में ही अपने चाचा के साथ हैंडबॉल के मैदान में जाना शुरू कर दिया था। वहां पर चाचा व अन्य खिलाड़ियों को देखकर नवरूप ने हैंडबॉल खेलने का मन बनाया। वे पिछले पांच वर्ष से हैंडबॉल का अभ्यास कर रहे हैं। उनके बड़े भाई जसकरण सिंह भी हैंडबॉल खेलते हैं। पिता हरपाल सिंह किसान हैं और माता हरदीप कौर गृहिणी हैं।
विज्ञापन
सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने का है सपना
खिलाड़ी नवरूप सिंह ने बताया कि अब तक वो राष्ट्र स्तर तक खेल चुके हैं। वहीं आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपने देश का नाम रोशन करना चाहता हैं। इस सपने को पूरा करने के बाद वो देश की सेवा करना चाहते हैं। नवरूप ने बताया कि उसका सपना है कि वो भारतीय सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करे।
गांव खैरेंका के युवाओं की हैंडबॉल खेल में है रुचि
कोच नवजोत सिंह ने बताया कि गांव खैरेकां को हैंडबॉल खेल का गढ़ माना जाता है। पिछले 25 से 26 वर्ष से गांव के युवा इस खेल से जुड़े हुए हैं। गांव में कोई भी ऐसा घर नहीं है जिसमें कोई खिलाड़ी न निकला हो। वे स्वयं राष्ट्र स्तर तक खेल चुके हैं। राष्ट्र स्तर पर 2 सिल्वर और एक ब्रॉन्ज उनके नाम है। अब वो फतेहाबाद की हैंडबॉल एकेडमी में बतौर कोच अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
ये हैं नवरूप सिंह की उपलब्धियां
- राष्ट्रीय हैंडबॉल प्रतियोगिता तेलंगाना में जनवरी 2025 में भागदारी
- राज्यस्तरीय हैंडबाॅल प्रतियोगिता- 2022 में सिल्वर मेडल
- जिलास्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता - 2021 में गोल्ड मेडल
- जिलास्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता - 2022 में गोल्ड मेडल
- जिलास्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता - 2024 में 2 गोल्ड मेडल
वर्जन
नवरूप सिंह मेहनती खिलाड़ी हैं। इससे पहले भी उन्होंने हरियाणा स्टेट की विभिन्न प्रतियोगिता में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। सुबह व शाम को नवरूप सिंह निरंतर अभ्यास करते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेलने का उसका सपना है।