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नेशनल हाईवे से जोड़ने वाला रास्ता बंद करने पर बिफरे ग्रामीण
अमर उाला ब्यूरो/सिरसा
Updated Mon, 19 Dec 2016 12:53 AM IST
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प्रदर्शन करते ग्रामीण
- फोटो : amarujala
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वैदवाला मार्ग पर अंडरब्रिज बनाने की मांग को लेकर आसपास के गांवों के लोग रोड जाम कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे के निर्माण को भी रुकवा दिया। उन्होंने मांग पूरी न होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने बताया कि शहर से जोड़ने वाले दो मार्ग पहले ही बंद कर दिए गए हैं, अब एक मार्ग और बंद किया जा रहा है, जिससे दर्जनभर गांवों के लोगों को अपने खेतों तक जाने में भारी परेशानी होगी। उन्होंने अपनी मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
गांव वैदवाला से गुजरने वाले नेशनल हाईवे से जोड़ने वाले मार्ग को बंद करने पर आसपास के कई गांवों के लोग एकत्रित हुए। उन्होंने सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए नारेबाजी शुरू की और धरने पर बैठ गए। ग्रामीण सर्वजीत सिंह, बजजिंद्र सिंह, राकेश कुमार, सरबती देवी, मनजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, फुम्मण सिंह आदि ने बताया कि गांव दड़बी, वैदवाला, रसूलपुर, सिकंदरपुर, बरूवाली, हांडीखेड़ा सहित अन्य गांवों का ये मार्ग शहर से जोड़ता है।
उन्होंने बताया कि उनके गांवों को हाईवे निर्माण से पूर्व तीन मार्ग शहर से जोड़ते थे, लेकिन हाईवे निर्माण कार्य के दौरान दो रास्ते पहले ही बंद किए जा चुके हैं। अब इस अंतिम रास्ते को भी बंद किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य से पूर्व हाईवे प्राधिकरण ने ही इस मार्ग को चालू रखने अनुमति दी थी। यही नहीं सिरसा के सांसद द्वारा भी प्रस्ताव भेजकर रास्ते की मांग की गई थी, लेकिन इसके बावजूद इस मार्ग को बंद किया जा रहा है। लोगों ने कहा कि किसी भी सूरत में इस मार्ग को बंद नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें हिसार भेजा गया, इसके बाद चंडीगढ़ और वहां से फाइल दिल्ली भेजी गई, जिसका अब तक कोई जवाब नहीं आया है।
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यह है मामला
ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांवों की कुछ भूमि शहर के नजदीक है, जबकि कुछ भूमि गांव के नजदीक है। अब जहां उन्हें अपने खेतों में जाने के लिए दो से तीन किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। वहीं अगर ये मार्ग बंद होता है तो दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को सिकंदरपुर मार्ग से होकर आना पड़ेगा और करीब 15 से 18 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा, जोकि किसानों के लिए मुसीबत बन जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि उनके सामने सबसे बड़ी समस्या चारे की है। पशुचारा लाने के लिए रोज 35 से 38 किलोमीटर सफर तय नहीं किया जा सकता। इस दौरान हाईवे के निर्माण के लिए मिट्टी और सामग्री लेकर आ रहे डंपर को किसानों ने रोक दिया। लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे के नीचे से मार्ग बना दिया जाए तो उनकी सारी समस्या का समाधान हो जाएगा। इसके लिए वे लंबे समय से एनएच प्राधिकरण और सरकार से मांग उठाते आ रहे हैं। दरअसल नेशनल हाईवे का फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है। नक्शे के अनुसार गांव वैदवाला के पास एक मार्ग बंद हो जाएगा। इससे आसपास के गांवों के लोगों को भी परेशानी होगी।
कांग्रेसी नेता होशियारी लाल शर्मा ने दिया समर्थन
ग्रामीणों द्वारा दिए गए धरने की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता होशियारी लाल शर्मा मौके पर पहुंचे और उनसे समस्या के बारे में जानकारी ली। उन्होंने लोगों की समस्या को समझने के बाद उन्हें समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण लोगों को परेशान करने पर तुली हुई है। लोगों को इस प्रकार परेशान किया गया तो वे सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ ज्यादती नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे उनके साथ हैं।
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गांव वैदवाला से गुजरने वाले नेशनल हाईवे से जोड़ने वाले मार्ग को बंद करने पर आसपास के कई गांवों के लोग एकत्रित हुए। उन्होंने सरकार के खिलाफ रोष जताते हुए नारेबाजी शुरू की और धरने पर बैठ गए। ग्रामीण सर्वजीत सिंह, बजजिंद्र सिंह, राकेश कुमार, सरबती देवी, मनजीत सिंह, नरेंद्र सिंह, फुम्मण सिंह आदि ने बताया कि गांव दड़बी, वैदवाला, रसूलपुर, सिकंदरपुर, बरूवाली, हांडीखेड़ा सहित अन्य गांवों का ये मार्ग शहर से जोड़ता है।
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उन्होंने बताया कि उनके गांवों को हाईवे निर्माण से पूर्व तीन मार्ग शहर से जोड़ते थे, लेकिन हाईवे निर्माण कार्य के दौरान दो रास्ते पहले ही बंद किए जा चुके हैं। अब इस अंतिम रास्ते को भी बंद किया जा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण कार्य से पूर्व हाईवे प्राधिकरण ने ही इस मार्ग को चालू रखने अनुमति दी थी। यही नहीं सिरसा के सांसद द्वारा भी प्रस्ताव भेजकर रास्ते की मांग की गई थी, लेकिन इसके बावजूद इस मार्ग को बंद किया जा रहा है। लोगों ने कहा कि किसी भी सूरत में इस मार्ग को बंद नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें हिसार भेजा गया, इसके बाद चंडीगढ़ और वहां से फाइल दिल्ली भेजी गई, जिसका अब तक कोई जवाब नहीं आया है।
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यह है मामला
ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांवों की कुछ भूमि शहर के नजदीक है, जबकि कुछ भूमि गांव के नजदीक है। अब जहां उन्हें अपने खेतों में जाने के लिए दो से तीन किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। वहीं अगर ये मार्ग बंद होता है तो दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को सिकंदरपुर मार्ग से होकर आना पड़ेगा और करीब 15 से 18 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा, जोकि किसानों के लिए मुसीबत बन जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि उनके सामने सबसे बड़ी समस्या चारे की है। पशुचारा लाने के लिए रोज 35 से 38 किलोमीटर सफर तय नहीं किया जा सकता। इस दौरान हाईवे के निर्माण के लिए मिट्टी और सामग्री लेकर आ रहे डंपर को किसानों ने रोक दिया। लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे के नीचे से मार्ग बना दिया जाए तो उनकी सारी समस्या का समाधान हो जाएगा। इसके लिए वे लंबे समय से एनएच प्राधिकरण और सरकार से मांग उठाते आ रहे हैं। दरअसल नेशनल हाईवे का फोरलेन का निर्माण कार्य चल रहा है। नक्शे के अनुसार गांव वैदवाला के पास एक मार्ग बंद हो जाएगा। इससे आसपास के गांवों के लोगों को भी परेशानी होगी।
कांग्रेसी नेता होशियारी लाल शर्मा ने दिया समर्थन
ग्रामीणों द्वारा दिए गए धरने की सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ कांग्रेस नेता होशियारी लाल शर्मा मौके पर पहुंचे और उनसे समस्या के बारे में जानकारी ली। उन्होंने लोगों की समस्या को समझने के बाद उन्हें समर्थन देने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण लोगों को परेशान करने पर तुली हुई है। लोगों को इस प्रकार परेशान किया गया तो वे सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के साथ ज्यादती नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि वे उनके साथ हैं।