जाट आरक्षण : छावनी में तबदील हुआ लघु सचिवालय
जाट आंदोलन के आंच की आहट मिलने पर जिला पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। शुक्रवार को सुबह से ही लघु सचिवालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। प्रदर्शन करने की सूचना मिलने पर काफी पुलिस फोर्स प्रदर्शनकारियों की निगरानी मेें लगा दी गई। डीएसपी हेड क्वार्टर जगदीश काजला पर शहर शांति व्यवस्था स्थापित रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उपपुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में शहर थाना प्रभारी सुभाष बिश्रोई, सदर थाना प्रभारी राम सिंह, यातायात पुलिस प्रभारी अनिल सोढ़ी, सीआईए प्रभारी यादविंद्र सिंह व जिला निरीक्षक जगदीश जोशी अपनी-अपनी टीमों के साथ शाम तक सुरक्षा व्यवस्था में सचिवालय परिसर मेें डटे रहे। जाटों के प्रदर्शन निपटने के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वज्र वाहन व वाटन कैनन वाहन मौके पर तैनात किया गया। सभी थाना व चौकी प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी चौकसी रखें।
जाटों के आने से पहले डीसी हुई रवाना जाट प्रदर्शनकारियों के लघु सचिवालय की तरफ रवाना होने के बाद उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ सचिवालय से बाहर की ओर रवाना हो गईं। प्रदर्शनकारी उपायुक्त को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन डीसी के रवाना होने के बाद उप मंडलाधीश को ज्ञापन सौंपना पड़ा। वीरवार को पुलिस फोर्स को चकमा देकर फसल मुआवजे को लेकर सचिवालय परिसर में धरना दे रहे किसान कृषि मंत्री ओपी धनखड़ का पुतला लेकर डीसी आफिस परिसर में घुस गए थे। इस घटना से संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को पुलिस फोर्स ने मेन गेट पर मुस्तैदी से तैनात रही।
गुप्तचर विभाग की पैनी नजर सिरसा में आंदोलन की शुरुआत होने के साथ ही गुप्तचर विभाग ने जाटों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। जाट बहुल गांवों से पल-पल की रिपोर्ट साहिल की जा रही है। जाटों के आगामी कदम की जानकारियां ली जा रही हैं। जाट समुदाय ने जिले में आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए जाट धर्मशाला को अपना आफिस बनाया है। 24 घंटे इंटेलिजेंस कर्मचारियों की नजर धर्मशाला पर है।