{"_id":"6ae4e08dbc6e729016070246","slug":"meeting-for-park-adoption-sirsa-news-c-128-1-svns1027-167730-2026-10-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: पार्क गोद देने के लिए एक मंच अधिकारी व पार्षद, ग्रीन बेल्ट तक को गोद देने की योजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: पार्क गोद देने के लिए एक मंच अधिकारी व पार्षद, ग्रीन बेल्ट तक को गोद देने की योजना
Fri, 30 Oct 2026 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 30 Oct 2026 11:53 PM IST
विज्ञापन
सिरसा।चेयरमैन व जिला नगर आयुक्त बैठक लेते हुए। विभाग
- चेयरमैन वीर शांति स्वरूप की उपस्थिति में हुई बैठक, जिला नगर आयुक्त ने पार्षदों से ली रिपोर्ट
- साल भर विरोध करने वाले पार्षद भी संस्था के कामों से मिले संतुष्ट
फोटो-- - 22
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के पार्कों को नगर परिषद प्रशासन संस्थाओं को गोद देता है। वर्ष 2025 - 26 का अनुबंध के आधार पर गोद दिए गए पार्कों की विशेष रूप से समीक्षा की गई। शुक्रवार को चेयरमैन वीर शांति स्वरूप की उपस्थिति में जिला नगर आयुक्त ने विशेष बैठक की।
बैठक में पार्षदों और गोद लेने वाली संस्थाओं को विशेष रूप से बुलाया गया था। बैठक में डेढ़ घंटे तक संस्थाओं के पार्कों में किए गए कार्यों की समीक्षा हुई है। समीक्षा के आधार पर जो संस्थाएं बेहतर काम नहीं कर रही है, उन संस्थाओं के पार्क रद किए जाएंगे।
बैठक में विशेष रूप से सीएमजीजीए अप्रूव कुमार भी पहुंचे। बैठक में पार्षदों से उनके पार्कों के मौजूदा हालात की रिपोर्ट ली गई। कुछ पार्कों में काम करने वाली संस्थाओं के काम से पार्षदों ने संतुष्टि जाहिर की। कुछ का कार्य ठीक नहीं होने की बात कही।
विज्ञापन
अब जिला नगर आयुक्त अपने स्तर पर निर्णय लेंगे कि किन पार्कों की संस्थाओं को गोद देने का अनुबंध आगे जारी रखा जाएगा और किन का रद किया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार नगर परिषद के पास 90 के आसपास पार्क हैं। 22 पार्कों का गोद देने के अनुबंध को दो माह पहले रद कर दिया गया था।
ऐसे में मौजूदा समय में 52 पार्क संस्थाओं को गोद दिए गए हैं। इन पार्कों के रखरखाव को लेकर ही मंथन किया गया था। इस दौरान पार्षद गोपी सैनी, अनु मल्होत्रा, रमेश मेहता सहित नगर परिषद सचिव नरेश कुमार व एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
पार्कों में इन चीजों की मांग
जिम
झूले
आधुनिक लाइट
फुटपाथ
बैठने के लिए बेंच
हट
यह है पार्क गोद देने की प्रणाली
बेहतर काम करने पर अनुबंध आगे बढ़ाना-- नगर परिषद पार्कों के गोद लेने वाली संस्थाओं के कार्य की रिपोर्ट जेई और पार्षदों से लेता है। छह माह और सालाना रिपोर्ट के आधार पर बेहतर काम करने वाली संस्थाओं के अनुबंध को आगे बढ़ा दिया जाएगा।
ड्रा निकालकर-- बेहतर काम नहीं करने वाली संस्थाओं के पार्कों को वापस ले लिया जाता है। नगर परिषद के अधिकारी इन पार्कों को लेकर आवेदन संस्थाओं से मांगते हैं। संस्थाओं को पार्क देने के लिए ड्रा निकाला जाता है।
यह है मॉनिटरिंग व पेमेंट सिस्टम
नगर परिषद की ओर से गोद दिए गए पार्कों की प्रति माह मॉनिटरिंग जेई करते हैं। जेई मौके पर जाकर पार्क के हालात जांचते है और आसपास के लोगों से बातचीत करते हैं। संस्थाओं की कार्यप्रणाली की जांच करती है। जेई इसके साथ-साथ पार्षदों से संतुष्टि रिपोर्ट लेते हैं। उसी आधार पर पेमेंट जारी करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाती है।
कोट्स
पार्कों को गोद लेने वाली संस्थाओं और पार्षदों के साथ समीक्षा बैठक की गई है। पार्षदों ने कई संस्थाओं के कार्य को लेकर संतुष्टि जताई। कई पार्कों में सुविधाओं की कमी बताई है। इसलिए इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को आदेश दिए है कि वे पार्कों की कमियों को जल्द से जल्द दुरुस्त करें। पार्कों को लेकर जल्द ही आगामी निर्णय लिया जाएगा।
-सुरेंद्र बेनीवाल, जिला नगर आयुक्त।
विज्ञापन
- साल भर विरोध करने वाले पार्षद भी संस्था के कामों से मिले संतुष्ट
फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर के पार्कों को नगर परिषद प्रशासन संस्थाओं को गोद देता है। वर्ष 2025 - 26 का अनुबंध के आधार पर गोद दिए गए पार्कों की विशेष रूप से समीक्षा की गई। शुक्रवार को चेयरमैन वीर शांति स्वरूप की उपस्थिति में जिला नगर आयुक्त ने विशेष बैठक की।
बैठक में पार्षदों और गोद लेने वाली संस्थाओं को विशेष रूप से बुलाया गया था। बैठक में डेढ़ घंटे तक संस्थाओं के पार्कों में किए गए कार्यों की समीक्षा हुई है। समीक्षा के आधार पर जो संस्थाएं बेहतर काम नहीं कर रही है, उन संस्थाओं के पार्क रद किए जाएंगे।
विज्ञापन
बैठक में विशेष रूप से सीएमजीजीए अप्रूव कुमार भी पहुंचे। बैठक में पार्षदों से उनके पार्कों के मौजूदा हालात की रिपोर्ट ली गई। कुछ पार्कों में काम करने वाली संस्थाओं के काम से पार्षदों ने संतुष्टि जाहिर की। कुछ का कार्य ठीक नहीं होने की बात कही।
विज्ञापन
अब जिला नगर आयुक्त अपने स्तर पर निर्णय लेंगे कि किन पार्कों की संस्थाओं को गोद देने का अनुबंध आगे जारी रखा जाएगा और किन का रद किया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार नगर परिषद के पास 90 के आसपास पार्क हैं। 22 पार्कों का गोद देने के अनुबंध को दो माह पहले रद कर दिया गया था।
ऐसे में मौजूदा समय में 52 पार्क संस्थाओं को गोद दिए गए हैं। इन पार्कों के रखरखाव को लेकर ही मंथन किया गया था। इस दौरान पार्षद गोपी सैनी, अनु मल्होत्रा, रमेश मेहता सहित नगर परिषद सचिव नरेश कुमार व एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
पार्कों में इन चीजों की मांग
जिम
झूले
आधुनिक लाइट
फुटपाथ
बैठने के लिए बेंच
हट
यह है पार्क गोद देने की प्रणाली
बेहतर काम करने पर अनुबंध आगे बढ़ाना
ड्रा निकालकर
यह है मॉनिटरिंग व पेमेंट सिस्टम
नगर परिषद की ओर से गोद दिए गए पार्कों की प्रति माह मॉनिटरिंग जेई करते हैं। जेई मौके पर जाकर पार्क के हालात जांचते है और आसपास के लोगों से बातचीत करते हैं। संस्थाओं की कार्यप्रणाली की जांच करती है। जेई इसके साथ-साथ पार्षदों से संतुष्टि रिपोर्ट लेते हैं। उसी आधार पर पेमेंट जारी करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाती है।
कोट्स
पार्कों को गोद लेने वाली संस्थाओं और पार्षदों के साथ समीक्षा बैठक की गई है। पार्षदों ने कई संस्थाओं के कार्य को लेकर संतुष्टि जताई। कई पार्कों में सुविधाओं की कमी बताई है। इसलिए इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को आदेश दिए है कि वे पार्कों की कमियों को जल्द से जल्द दुरुस्त करें। पार्कों को लेकर जल्द ही आगामी निर्णय लिया जाएगा।
-सुरेंद्र बेनीवाल, जिला नगर आयुक्त।