{"_id":"69e12067224edf822e0740a9","slug":"labours-protest-sirsa-news-c-128-1-sir1004-156763-2026-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: 55 साथियों की रिहाई के लिए लघु सचिवालय में गरजे मजदूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: 55 साथियों की रिहाई के लिए लघु सचिवालय में गरजे मजदूर
Thu, 16 Apr 2026 11:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 16 Apr 2026 11:16 PM IST
विज्ञापन
लघु सचिवालय में प्रदर्शन करते मजदूर।
श्रम मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
फोटो 24
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। न्यूनतम वेतनमान लागू करने व मानेसर में श्रमिक आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में वीरवार को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस की जिला कमेटी ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने श्रम मंत्री के नाम जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
जिला प्रधान नत्थूराम भारूखेड़ा ने कहा कि ट्रेड यूनियनों की ओर से 23 हजार 196 रुपये न्यूनतम वेतनमान तय करने पर सहमति बनी थी लेकिन सरकार ने इससे कम राशि घोषित कर दी। उन्होंने मांग की कि घोषित न्यूनतम वेतनमान को तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि न्यूनतम वेतन नोटिफिकेशन में भट्ठा मजदूरों को शामिल नहीं किया गया जो राज्य के करीब दो लाख मजदूरों के साथ अन्याय है।
प्रदर्शनकारियों ने मानेसर में श्रमिक आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए 55 मजदूरों की बिना शर्त रिहाई की भी मांग उठाई। भारूखेड़ा ने कहा कि मानेसर विवाद के लिए सरकार और उद्योग प्रबंधन दोनों जिम्मेदार हैं। लंबे समय से मजदूरी तय न होने के कारण मजदूरों को आंदोलन करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्टरियों में मजदूरों से 12 से 14 घंटे तक काम लिया जा रहा है जबकि ओवरटाइम और साप्ताहिक अवकाश भी नहीं दिया जा रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो 24
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। न्यूनतम वेतनमान लागू करने व मानेसर में श्रमिक आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में वीरवार को सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस की जिला कमेटी ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस तैनात रही। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने श्रम मंत्री के नाम जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
जिला प्रधान नत्थूराम भारूखेड़ा ने कहा कि ट्रेड यूनियनों की ओर से 23 हजार 196 रुपये न्यूनतम वेतनमान तय करने पर सहमति बनी थी लेकिन सरकार ने इससे कम राशि घोषित कर दी। उन्होंने मांग की कि घोषित न्यूनतम वेतनमान को तुरंत लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि न्यूनतम वेतन नोटिफिकेशन में भट्ठा मजदूरों को शामिल नहीं किया गया जो राज्य के करीब दो लाख मजदूरों के साथ अन्याय है।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों ने मानेसर में श्रमिक आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए 55 मजदूरों की बिना शर्त रिहाई की भी मांग उठाई। भारूखेड़ा ने कहा कि मानेसर विवाद के लिए सरकार और उद्योग प्रबंधन दोनों जिम्मेदार हैं। लंबे समय से मजदूरी तय न होने के कारण मजदूरों को आंदोलन करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्टरियों में मजदूरों से 12 से 14 घंटे तक काम लिया जा रहा है जबकि ओवरटाइम और साप्ताहिक अवकाश भी नहीं दिया जा रहा।
विज्ञापन