फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Jaat reservation, protest in Sec 19, police alert, Sirsa

जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर दिनभर फूली रही प्रशासन की सांसें

Mon, 20 Mar 2017 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा Updated Mon, 20 Mar 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
Jaat reservation, protest in Sec 19, police alert,  Sirsa
जाट आरक्षण आंदोलन - फोटो : bureau

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के तय आंदोलन के अनुसार 20 मार्च को दिल्ली कूच सरकार से वार्ता के बाद 15 दिन के लिए टल गया है। अब धरना पांच दिन तक और जारी रहेगा। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक शुक्रवार को स्वयं सिरसा आकर धरने को समाप्त करवाएंगे।

विज्ञापन


समिति द्वारा दिल्ली कूच टालने की सूचना मिलने से पूर्व सिरसा से लोग दिल्ली के लिए रवाना भी हो चुके थे। शनिवार शाम और रविवार सुबह लोग दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे, जो दिल्ली बॉर्डर तक पहुंच चुके थे। अब प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। इससे पूर्व जाटों की सरकार से कई बार वार्ता हुई थी पर वार्ता सफल नहीं हो पाने के कारण दिल्ली कूच कार्यक्रम तय था। सरकार के रवैये को देखने के लिए जाट 15 दिन तक इंतजार करेंगे। यदि उन्हें कार्रवाई होती दिखाई नहीं दी तो 15 दिन बाद दिल्ली कूच का कार्यक्रम तय हो सकता है।
विज्ञापन


अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष विनोद ढाका ने बताया कि समिति की ओर से संदेश मिला कि सरकार से वार्ता पर सहमति बन गई है, इसलिए सोमवार को दिल्ली कूच का कार्यक्रम रद्द किया गया है लेकिन धरने पांच दिन तक और चलेंगे, उसके बाद यशपाल मलिक सिरसा में धरनास्थल पर पहुंचकर धरना समाप्त करवाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि इससे पूर्व जो लोग दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे, उन्हें लौटने का संदेश दे दिया गया है। सेक्टर-19 में जाटों के धरने पर प्रशासन की पैनी नजर रही। गुप्तचर विभाग के कर्मचारी पल-पल की रिपोर्ट अधिकारियों को देते रहे।

जाटों ने भी दिल्ली कूच के लिए कमर कसी हुई थी पर शाम करीब पांच बजे उन्हें दिल्ली कूच कार्यक्रम रद्द करने का संदेश मिला। जिसके बाद सभी लोग धरने से उठकर अपने घरों को लौट गए। विकल पचार ने बताया कि दिल्ली कूच कार्यक्रम 15 दिन के लिए रद्द किया गया है। यदि हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 15 दिन बाद दिल्ली कूच कार्यक्रम फिर से बन सकता है। फिलहाल लोगों ने और प्रशासन ने राहत की सांस ली है। जाटों के धरने से उठने के बाद पुलिसकर्मी भी लौट गए।

समिति द्वारा 20 मार्च को दिल्ली कूच की घोषणा के बाद प्रशासन सतर्क हो गया था। सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रवाना होना था, लेकिन पुलिस बल द्वारा रुकावट के अंदेशे के चलते जाटों ने शनिवार को ही रवानगी शुरू कर दी। जिले से करीब एक सौ लोग शनिवार को और इतने ही लोग रविवार सुबह यहां से विभिन्न वाहनों पर दिल्ली के लिए रवाना हुए। सुबह 10 बजे सेक्टर-19 में रोजाना की भांति धरना शुरू हुआ।

रविवार को धरना 50वें दिन में प्रवेश कर गया। धरने की अध्यक्षता अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष विनोद ढाका ने की। इस अवसर पर रणधीर जोधकां, विकल पचार, कृष्ण ढाका, ख्यालीराम हंजीरा, जगदीश जोधकां, लादूराम जांगू, मांगे राम, धर्मवीर गोदारा, जगदीश गोदारा, अशोक गोदारा, नेकी राम सिहाग आदि उपस्थित थे।

प्रशासन लेता रहा पल-पल की खबर
जाट आंदोलन के तहत दिल्ली कूच से दो दिन पूर्व ही प्रशासन ने जाटों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी थी। मौके पर तैनात पुलिस कर्मी पल-पल की रिपोर्ट देते रहे। जाटों ने सभी को चकमा देने के लिए सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रवाना होने की बात कई दिन पूर्व ही कहना शुरू कर दी और शनिवार को लोग निजी वाहनों, बसों, ट्रेनों आदि में दिल्ली पहुंचने शुरू हो गए, ताकि वे दिल्ली तक पहुंच सकें। इसी कड़ी में रविवार सुबह विभिन्न गांवों से लोग रवाना हुए। जाटों ने स्पष्ट किया कि सोमवार को सिरसा से कोई ट्रैक्टर-ट्रॉली रवाना नहीं होगी।

धरने पर बैठे जाटों की रही वार्ता पर नजरें
धरने पर बैठे जाटों ने प्रदेश सरकार द्वारा गठित कमेटी से वार्ता पर पूरी नजरें गड़ाए रखीं। जैसे ही वार्ता में सहमति का संदेश मिला तो रविवार का धरना समाप्त कर दिया गया और दिल्ली कूच कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।

सुरक्षा के रहे कड़े प्रबंध
जाटों के धरनास्थल के पास सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। पुलिसकर्मी दिन भर तैनात रहे। इसके अलावा जाटों के आंदोलन के मद्देनजर पुलिस के जवानों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए।


पेट्रोल पंपों पर रहीं नजरें
जिला प्रशासन के निर्देशों के बाद सभी पंपों पर ट्रैैक्टरों में तेल डलवाने वालों की गहनता से पूछताछ की गई। इसके अलावा गेलन में तेल डालने से भी पंप संचालक गुरेज करते रहे। बता दें कि प्रशासन ने शनिवार को सभी पंपों के संचालकों को निर्देश दिए थे कि कोई भी व्यक्ति ट्रैक्टर में तेल डलवाता है या गेलन में तेल लेने आता है तो उसकी पूरी तहकीकात की जाए। इसी प्रकार ट्रैक्टर-ट्रॉली पर पांच या इससे ज्यादा लोगों को चढ़ने पर धारा 144 लगाई गई है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed