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Sirsa News: मत्स्य विभाग की योजनाओं का लाभ उठाकर मत्स्य पालक आर्थिक रूप से बनें सशक्त
Tue, 28 Jan 2025 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 28 Jan 2025 11:32 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रदेश सरकार ने राज्य के मत्स्य पालकों को सशक्त बनाने के लिए मत्स्य विभाग की योजनाओं के माध्यम से विभिन्न योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं का लाभ उठाकर मत्स्य पालक आर्थिक रूप से सशक्त बन सकता है।
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि मत्स्य पालक योजनाओं को लेकर भ्रांतियों पर ध्यान न दें। विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना व मत्स्य बीज और चारा वितरण योजना जैसी अनेकों कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए मछली पालकों को ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। इसके तहत उन्हें सब्सिडी व प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
उन्होंने बताया कि किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए मत्स्य पालक को ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण के लिए नजदीकी मत्स्य विभाग कार्यालय से संपर्क करें या हरियाणा मत्स्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजना व समेकित योजना के तहत मछली बेचने के लिए रेहड़ी, जाल, सोलर ट्यूबवेल, व लोडिंग तथा अनलोडिंग दोपहिया व्हीकल आदि का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन कर्ता की पात्रता व विभाग में बजट की उपलब्धता के आधार पर डायरेक्ट बेनीफिट्स योजना के तहत संबंधित व्यक्ति के खाते में सीधा लाभ दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि जिला के सभी खंडों में कृषि स्तर पर कम उपजाऊ व खाली पड़ी पंचायती भूमि को पंचायती अधिनियम के तहत संबंधित पंचायत द्वारा खुली बोली के तहत आठ वर्ष के लिए अधिकृत पट्टे पर लेते हुए मीठे जल क्षेत्र की मछली पालन व खारे पानी में सफेद झींगा का पालन करते हुए अपनी आमदनी बढ़ाई जा सकती है तथा दूसरों को भी रोजगार दिया जा सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें। यदि कोई व्यक्ति बिचौलिए या दलाल के चक्कर में आकर योजना को लाभ से वंचित रहता है, तो उसकी जिम्मेदारी विभाग की नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग मत्स्य पालन को अपनाकर आत्मनिर्भर बनें और राज्य में नीली क्रांति का सपना साकार हो। इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। इसलिए नागरिक अफवाहों से बचें और योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाएं।
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सिरसा। प्रदेश सरकार ने राज्य के मत्स्य पालकों को सशक्त बनाने के लिए मत्स्य विभाग की योजनाओं के माध्यम से विभिन्न योजनाएं लागू की हैं। इन योजनाओं का लाभ उठाकर मत्स्य पालक आर्थिक रूप से सशक्त बन सकता है।
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि मत्स्य पालक योजनाओं को लेकर भ्रांतियों पर ध्यान न दें। विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना व मत्स्य बीज और चारा वितरण योजना जैसी अनेकों कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए मछली पालकों को ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। इसके तहत उन्हें सब्सिडी व प्रशिक्षण और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
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उन्होंने बताया कि किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए मत्स्य पालक को ऑनलाइन पंजीकरण करवाना होगा। पंजीकरण के लिए नजदीकी मत्स्य विभाग कार्यालय से संपर्क करें या हरियाणा मत्स्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के लिए चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजना व समेकित योजना के तहत मछली बेचने के लिए रेहड़ी, जाल, सोलर ट्यूबवेल, व लोडिंग तथा अनलोडिंग दोपहिया व्हीकल आदि का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन कर्ता की पात्रता व विभाग में बजट की उपलब्धता के आधार पर डायरेक्ट बेनीफिट्स योजना के तहत संबंधित व्यक्ति के खाते में सीधा लाभ दिया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि जिला के सभी खंडों में कृषि स्तर पर कम उपजाऊ व खाली पड़ी पंचायती भूमि को पंचायती अधिनियम के तहत संबंधित पंचायत द्वारा खुली बोली के तहत आठ वर्ष के लिए अधिकृत पट्टे पर लेते हुए मीठे जल क्षेत्र की मछली पालन व खारे पानी में सफेद झींगा का पालन करते हुए अपनी आमदनी बढ़ाई जा सकती है तथा दूसरों को भी रोजगार दिया जा सकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करें। यदि कोई व्यक्ति बिचौलिए या दलाल के चक्कर में आकर योजना को लाभ से वंचित रहता है, तो उसकी जिम्मेदारी विभाग की नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक लोग मत्स्य पालन को अपनाकर आत्मनिर्भर बनें और राज्य में नीली क्रांति का सपना साकार हो। इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। इसलिए नागरिक अफवाहों से बचें और योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवाएं।