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Sirsa News: बुखार पीड़ित मासूम की संदिग्ध हालात में मौत
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ओढां। गांव ओढां में बुखार पीड़ित एक मासूम बच्ची की संदिग्ध हालत में अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। गांव ओढां निवासी इकबाल खान की बेटी करीब 10 वर्षीय फिजा खान को बीते वीरवार को अचानक बुखार हो गया। परिजन उसे ओढां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लेकर गए।
चिकित्सकों के बच्ची को दाखिल करने के कुछ देर बाद ही बुखार तेज हो गया और वह बेहोश हो गई। काफी देर तक उपचार किए जाने के बावजूद भी उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे सिरसा रेफर कर दिया। परिजन फिजा को सिरसा के एक निजी अस्पताल में ले गए।
बताया जा रहा है कि निजी अस्पताल में उपचार के दौरान फिजा को दौरे पड़ने शुरू हो गए। उसे खून की उल्टी आनी शुरू हो गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक ने उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर दिया। मेडिकल कॉलेज में बच्ची को इमरजेंसी में दाखिल कर उपचार शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।
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हालांकि, निजी अस्पताल में फिजा की डेंगू की जांच भी करवाई गई, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। परिजनों के मुताबिक बच्ची को कभी दौरे नहीं पड़ते थे, लेकिन बुखार आने के बाद उसके दौरे पड़ने शुरू हो गए और उसे अंदर से रक्तस्राव शुरू हो गया। फिजा इकबाल की इकलौती बेटी थी, जिसको उसने गोद लिया था। गांव ओढां में बाबा रामदेव मंदिर के निकट के वार्ड में बुखार व प्लेटलेट्स कम होने के काफी मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हुए थे।
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जब बच्ची को अस्पताल में लाया गया तो उसको करीब 108 डिग्री बुखार था। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने करीब एक घंटे तक उपचार किया। जब बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो उसे रेफर कर दिया। परिजनों ने बच्ची की हमें पूरी हिस्ट्री तो नहीं बताई। मौत का कारण तेज बुखार के बाद बच्ची का दिमाग डैमेज होना हो सकता है।-- डॉ. सुमित जैन, एसएमओ, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ओढां।
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चिकित्सकों के बच्ची को दाखिल करने के कुछ देर बाद ही बुखार तेज हो गया और वह बेहोश हो गई। काफी देर तक उपचार किए जाने के बावजूद भी उसके स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे सिरसा रेफर कर दिया। परिजन फिजा को सिरसा के एक निजी अस्पताल में ले गए।
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बताया जा रहा है कि निजी अस्पताल में उपचार के दौरान फिजा को दौरे पड़ने शुरू हो गए। उसे खून की उल्टी आनी शुरू हो गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक ने उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर दिया। मेडिकल कॉलेज में बच्ची को इमरजेंसी में दाखिल कर उपचार शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान बच्ची ने दम तोड़ दिया।
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हालांकि, निजी अस्पताल में फिजा की डेंगू की जांच भी करवाई गई, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। परिजनों के मुताबिक बच्ची को कभी दौरे नहीं पड़ते थे, लेकिन बुखार आने के बाद उसके दौरे पड़ने शुरू हो गए और उसे अंदर से रक्तस्राव शुरू हो गया। फिजा इकबाल की इकलौती बेटी थी, जिसको उसने गोद लिया था। गांव ओढां में बाबा रामदेव मंदिर के निकट के वार्ड में बुखार व प्लेटलेट्स कम होने के काफी मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती हुए थे।
जब बच्ची को अस्पताल में लाया गया तो उसको करीब 108 डिग्री बुखार था। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने करीब एक घंटे तक उपचार किया। जब बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ तो उसे रेफर कर दिया। परिजनों ने बच्ची की हमें पूरी हिस्ट्री तो नहीं बताई। मौत का कारण तेज बुखार के बाद बच्ची का दिमाग डैमेज होना हो सकता है।