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Sirsa News: धिंगतानियां और भंभूर-सलारपुर खरीफ चैनल के निर्माण की मांग को लेकर किसानों का धरना जारी
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किसानाें के धरने पर किसानों से बातचीत करते हुए गाेबिंद कांडा।
सिरसा। धिंगतानियां खरीफ चैनल और भंभूर-सलारपुर खरीफ चैनल के निर्माण की मांग को लेकर संयुक्त किसान संघ संघर्ष समिति के बैनर तले लघु सचिवालय में धरना सोमवार को भी जारी रहा। सोमवार को वरिष्ठ भाजपा नेता गोबिंद कांडा किसानों के धरने पर पहुंचे।
गोबिंद ने बताया कि विधायक गोपाल कांडा के प्रयास से सरकार ने 15 लाख के बजाय अब 30 लाख प्रति एकड़ जमीनों का भाव देगी। 70 प्रतिशत किसानों के शपथ पत्र मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इन दोनों चैनल का निर्माण कार्य होने पर 15 गांवों में सिंचाई के लिए पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। इस पर किसानों ने उनसे प्रदेश सरकार की ओर से जारी आदेश की कॉपी मांगी तो वे दिखाई नहीं पाए।
बता दें कि धिंगतानियां खरीफ चैनल और भंभूर-सलारपुर खरीफ चैनल के निर्माण की मांग को लेकर संयुक्त किसान संघ संघर्ष समिति के बैनर तले लघु सचिवालय में धिंगतानियां, मंगाला, मोडिया खेड़ा, चौबुर्जा, रंगडी, नटार, शहीदांवाली, खाजा खेड़ा, बेगू, रामनगरियां, सलारपुर, भंभूर, ढाणी जस्साराम, नानकपुर, टीटू खेड़ा और चकराइयां के किसान धरने पर बैठे हुए हैं।
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धरनारत किसान हरफूल सिंह, शहीदांवाली के पूर्व सरपंच सुखदेव सिंह, रामेश्वर भाकर, भूपेंद्र सिंह सलारपुर आदि ने कहा कि कई सालों से धिंगतानियां खरीफ चैनल और भंभूर-सलारपुर खरीफ चैनल को ठीक कर पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। साल 2014 में सीएम की घोषणा पर प्रपोजल तैयार हुआ था, लेकिन इस पर अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
गोबिंद से मांगी कॉपी तो नहीं दिखा पाए
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रधान हीरा सिंह औलख ने कहा कि भाजपा नेता गोबिंद कांडा धरने पर आए थे। विधायक का मैसेज देते हुए बताया कि 30 लाख रुपये प्रति एकड़ सरकार उन्हें देगी। जिसकी मंजूरी मुख्यमंत्री ने दी है। जब हमने उनसे सरकार की ओर से जारी पत्र की कॉपी मांगी तो वह हमें दिखा नहीं पाए। किसान अपनी आगामी रणनीति बनाने में जुटे है। जल्द ही किसानों की ओर से प्रत्येक गांव में विधायक, सांसद और सरकार के खिलाफ रोड शो होगा।
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गोबिंद ने बताया कि विधायक गोपाल कांडा के प्रयास से सरकार ने 15 लाख के बजाय अब 30 लाख प्रति एकड़ जमीनों का भाव देगी। 70 प्रतिशत किसानों के शपथ पत्र मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि इन दोनों चैनल का निर्माण कार्य होने पर 15 गांवों में सिंचाई के लिए पानी की समस्या का समाधान हो जाएगा। इस पर किसानों ने उनसे प्रदेश सरकार की ओर से जारी आदेश की कॉपी मांगी तो वे दिखाई नहीं पाए।
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बता दें कि धिंगतानियां खरीफ चैनल और भंभूर-सलारपुर खरीफ चैनल के निर्माण की मांग को लेकर संयुक्त किसान संघ संघर्ष समिति के बैनर तले लघु सचिवालय में धिंगतानियां, मंगाला, मोडिया खेड़ा, चौबुर्जा, रंगडी, नटार, शहीदांवाली, खाजा खेड़ा, बेगू, रामनगरियां, सलारपुर, भंभूर, ढाणी जस्साराम, नानकपुर, टीटू खेड़ा और चकराइयां के किसान धरने पर बैठे हुए हैं।
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धरनारत किसान हरफूल सिंह, शहीदांवाली के पूर्व सरपंच सुखदेव सिंह, रामेश्वर भाकर, भूपेंद्र सिंह सलारपुर आदि ने कहा कि कई सालों से धिंगतानियां खरीफ चैनल और भंभूर-सलारपुर खरीफ चैनल को ठीक कर पेयजल उपलब्ध करवाया जाए। साल 2014 में सीएम की घोषणा पर प्रपोजल तैयार हुआ था, लेकिन इस पर अभी तक काम शुरू नहीं हो पाया है।
गोबिंद से मांगी कॉपी तो नहीं दिखा पाए
संयुक्त किसान मोर्चा के प्रधान हीरा सिंह औलख ने कहा कि भाजपा नेता गोबिंद कांडा धरने पर आए थे। विधायक का मैसेज देते हुए बताया कि 30 लाख रुपये प्रति एकड़ सरकार उन्हें देगी। जिसकी मंजूरी मुख्यमंत्री ने दी है। जब हमने उनसे सरकार की ओर से जारी पत्र की कॉपी मांगी तो वह हमें दिखा नहीं पाए। किसान अपनी आगामी रणनीति बनाने में जुटे है। जल्द ही किसानों की ओर से प्रत्येक गांव में विधायक, सांसद और सरकार के खिलाफ रोड शो होगा।