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एक गांव जहां हर घर डेंगू
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2015 01:33 AM IST
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वन विभाग ने इस साल हर घर हरियाली, घर-घर हरियाली योजना शुरू की थी। यह योजना सफल हुई या नहीं वो तो अलग बात है, पर गांव नेजिया में हर घर डेंगू, घर-घर डेंगू जरूर चरितार्थ हो रहा है।
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सिरसा से मात्र सात किलो मीटर दूर गांव नेजिया में घरों की संख्या अन्य गांवों के मुकाबले कम है पर यहां डेंगू के मरीजों की संख्या जिले के कुल डेंगू मरीजों से अधिक है।
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वहां जाकर देखें तो हर घर में डेंगू के मरीज हैं। इतना ही नहीं कई घरों में तो चार-पांच मरीज हैं। शहर का शायद ही कोई ऐसा अस्पताल होगा जहां पर इस गांव के डेंगू मरीजों का उपचार न हो रहा हो।
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अमर उजाला की टीम ने शनिवार को इस गांव का दौरा किया तो घरों में भी डेंगू के मरीज बिस्तर पर लेटे हुए मिले। ग्रामीणों की कहना है कि हर दिन आठ से दस मरीजों की रोज डेंगू की पुष्टि हो रही है।
इसके चलते अब तो रक्त जांच के लिए कर्मचारी गांव में आकर लोगों के सैंपल ले रहे हैं। गांव में डेंगू विकराल रूप धारण कर चुका है।
आश्चर्य की बात तो यह कि शहर की सीमा के पास स्थित इस गांव में फैली बीमारी से प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अब तक बेखबर है।
गांव नेजिया खेड़ा में डेढ़ सौ से अधिक लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। 70 से अधिक मरीजों का उपचार जारी है। कुछ निजी अस्पतालों द्वारा गांव में कर्मचारी भेजकर ब्लड के सैंपल लेने की सुविधा शुरू की गई है।
हर दिन गांव में आठ से दस लोगों को डेंगू की पुष्टि होने पर चिंतित ग्रामीणों ने शुक्रवार को स्थिति के बारे में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को दूरभाष के माध्यम से अवगत करवाया है।
गांव के युवक रमेश कड़वासरा ने बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को इस स्थिति से अवगत करवाने का प्रयास किया था पर उनसे संपर्क नहीं हो पाया जिसके बाद इंटरनेट से स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के दूरभाष संपर्क की खोज की और उन्हें गांव में डेंगू की स्थिति के बारे में बताया।
नेजिया में डेंगू के विकराल रूप धारण के कारणों का खुलासा न होने के कारण ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीण चाहते हैं कि डेंगू के कारणों का पता लगाने में शासन-प्रशासन मदद करे ताकि इस बीमारी की रोकथाम के उचित कदम उठाए जा सकें।
ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक प्रशासन की ओर से इसकी रोकथाम के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। गांव में जितने घर हैं डेंगू के मरीजों की संख्या भी उतनी ही है।
मेरे बेटे पंकज को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है उसका उपचार निजी अस्पताल से चल रहा है। मेरे पिता सूरजा राम बुखार था जिनकी शुक्रवार को डेंगू की पोजिटिव रिपोर्ट आ गई है। हमारे घर में दो लोगों को डेंगू हो गया है। अब तक कोई स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी गांव में नहीं आया है।
- बंगलाजीत, ग्रामीण
मुझे एक सप्ताह पूर्व डेंगू की पुष्टि हो गई थी दो दिन बाद ही मेरे बेटे शिशपाल को डेंगू की पुष्टि हो गई। इसी प्रकार मेरे परिवार में पुत्रवधु मंजू, भाई महावीर, भाई देवीलाल व पौत्री आरजू की भी डेंगू की पॉजिटिव रिपोर्ट आई है। सभी ने निजी अस्पतालों में उपचार करवाए हैं। इस बार फसल कमजोर रह गई उसके बाद बीमारी ने संकट में डाल दिया है।
- जगदीश, ग्रामीण डेंगू पीड़ित
गांव में डेंगू की स्थिति के बारे में विभाग को अवगत करवाया तो दो दिन पूर्व दो कर्मचारी और दो-चार घरों में जाकर औपचारिकता सी पूरी कर चले गए। लोगों को सूचित ही नहीं किया गया जिस कारण लोग अपनी बात नहीं कह सके और न ही उन्होंने डेंगू के बचाव से संबंधित कुछ बताया।
मैने कल स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को फोन कर बताया है ताकि कोई कार्रवाई हो और लोग डेंगू के चंगुल से बच सकें। मेरे घर के आसपास वाले सभी घरों में दो-दो, चार-चार डेंगू की मरीज बिस्तर में पड़े हैं।
- रमेश कड़वासरा
मेरे तो पूरे परिवार को ही डेंगू हो गया है। मेरी माता सामकी देवी, पुत्रवधु सुनीता व पौत्री का अब भी निजी अस्पताल में उपचार जारी है। प्रशासन को इतनी गंभीर स्थिति पर संज्ञान लेन चाहिए ताकि और लोग इस बीमारी की चपेट में आने से बच सकें। किसानों के लिए सीजन का समय पर पूरा गांव डेंगू से जूझ रहा है ऐसे में फसलों की बिजाई ही लेट हो जाएगी।
प्रभु बुडानियां, ग्रामीण
सर सैंपल कम पड़ गए कल आऊंगा
गांव के हनुमान मंदिर के पास बैठे ग्रामीणों ने बताया कि हर रोज की भांति आज भी प्राइवेट अस्पताल का कर्मचारी ब्लड के सैंपल लेने आया था। उसको जब ब्लड के सैंपल लेने के बारे में कहा तो उसने कहा कि सर मैं तो दस सैंपल भरने का सामान ही लेकर आया था जो पूरे हो गए हैं अब बाकी के सैंपल कल ही ले पाऊंगा। इस स्थिति से संभावित मरीजों की संख्या का अनुमान लगाया जा सकता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 147 डेंगू के मरीज पूरे जिले में
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. दीप ने बताया कि उनके पास आई रिपोर्ट के मुताबिक अब तक पूरे जिले में 147 डेंगू के मरीजों की पुष्टि हो चुकी है जबकि 594 मरीजों की संख्या संभावित में है। ग्रामीण क्षेत्र में ज्यादातर मरीजों को वायरल है जिसे लोग डेंगू मान लेते है।
उठाएंगे आवश्यक कदम
डेंगू का प्रकोप कम हो गया है। गांव नेजिया में सर्वे करवाएंगे और जो भी कारण होंगे उनकी खोज की जाएगी। गांव में इतने मरीजों की हमारे पास जानकारी नहीं हैं। गांव में फॉगिंग करवाई जाएगी ताकि मच्छर मर जाएं। विभाग द्वारा डेंगू की रोकथाम के लिए जो कदम उठाए जा रहे हैं उनके तहत नेजिया में भी प्रयास किए जाएंगे।
सूरजभान कंबोज, सीएमओ सिरसा