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Sirsa News: आयुष्मान और चिरायु योजना का डाटा मिसमैच, 35 फीसदी लाभार्थियों के नहीं बने कार्ड
Sat, 12 Aug 2023 09:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 12 Aug 2023 09:16 PM IST
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सिरसा। प्रदेश सरकार की चिरायु योजना हरियाणा 2022 के तहत अब भी जिले के करीब 35 प्रतिशत लोगों के कार्ड नहीं बन पाए हैं। इनमें से करीब 50 फीसदी का डाटा मिसमैच हो गया है। इसके कारण लाभार्थियों के कार्ड नहीं बन पा रहे और वे कार्यालयों के चक्कर काटने का मजबूर हैं। हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस संबंध में मुख्यालय को भी सूचना दी गई है।
सरकार ने इस वर्ष एक लाख 80 हजार से कम आय वाले लोगों की नई सूची तैयार कर पांच लाख 17 हजार 259 लोगों को चिरायु योजना में शामिल किया था। इनमें से अब तक तीन लाख 36 हजार 834 लोगों के चिरायु कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभी तक एक लाख 80 हजार 425 लोगों के कार्ड बनाने शेष हैे। इनमें से 50 फीसदी यानी 90 हजार लाभार्थी ऐसे हैं, जिनका आयुष्मान कार्ड में भी नाम शामिल था और उनका नंबर व संबंधित दस्तावेज न होने के कारण वह कार्ड नहीं बनवा पाए थे। इसके बाद अब चिरायु योजना की लिस्ट में नाम शामिल है। पंचिंग के दौरान उनका पहले ही डॉटा अपलोड होने की जानकारी मिल रही है। इसके कारण उनका अब पोर्टल पर दोबारा से डाटा अपलोड नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कार्ड न बनने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने चिरायु योजना में जिले के 28 निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया है।
विभाग भी मुख्यालय भेज चुका है शिकायत, नहीं हुआ समाधान
केंद्र सरकार ने 2011 में सर्वे के बाद आयुष्मान योजना में शामिल लोगों को पत्र भेजे गए थे। इसमें से कई समय अधिक निकलने के कारण कार्ड नहीं बनवा पाए। यहां तक की कई लोग जिला छोड़कर भी दूसरे राज्यों में चले गए। ऐसे में सरकार ने चिरायु योजना के तहत नए लोगों की लिस्ट तैयार की गई। इसमें भी पुराने लोगों का डाटा पोर्टल पर अपलोड कर दिया। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग भी अब कई बार मुख्यालय को शिकायत भेज चुका है, लेकिन कोई भी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
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लोगों को काटने पड़ रहे हैं चक्कर, नहीं मिल रहा लाभ
डाटा मिसमैच होने के कारण लोगों को भी इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग नागरिक अस्पताल में कार्ड बनवाने के लिए पहुंचते हैं, यहां पर उनकी पंचिंग व प्रमाण पत्रों की जांच की जाती है। लेकिन पहले ही दर्ज डाटा ऑनलाइन शो होने के कारण उन्हें वापस भेज दिया जाता है। ऐसे में लोगों को अधिकारियों के चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ता है।
आयुष्मान और चिरायु योजना का पोर्टल पर डाटा मिसमैच हुआ है। इसके कारण काफी लोगों के कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। पंचिंग होने के बाद पोर्टल पर पहले ही उनकी पूरी जानकारी दर्ज पाई जा रही है। जिले में अब तक तीन लाख 36 हजार 834 लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। एक लाख 80 हजार लाभार्थियों में से 50 फीसदी लोगों का डाटा मिस मैच होने के कारण कार्ड नहीं बन पा रहे।
- डॉ. प्रमोद शर्मा, उप सिविल सर्जन, सिरसा।
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सरकार ने इस वर्ष एक लाख 80 हजार से कम आय वाले लोगों की नई सूची तैयार कर पांच लाख 17 हजार 259 लोगों को चिरायु योजना में शामिल किया था। इनमें से अब तक तीन लाख 36 हजार 834 लोगों के चिरायु कार्ड बनाए जा चुके हैं। अभी तक एक लाख 80 हजार 425 लोगों के कार्ड बनाने शेष हैे। इनमें से 50 फीसदी यानी 90 हजार लाभार्थी ऐसे हैं, जिनका आयुष्मान कार्ड में भी नाम शामिल था और उनका नंबर व संबंधित दस्तावेज न होने के कारण वह कार्ड नहीं बनवा पाए थे। इसके बाद अब चिरायु योजना की लिस्ट में नाम शामिल है। पंचिंग के दौरान उनका पहले ही डॉटा अपलोड होने की जानकारी मिल रही है। इसके कारण उनका अब पोर्टल पर दोबारा से डाटा अपलोड नहीं हो पा रहा है। ऐसे में कार्ड न बनने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने चिरायु योजना में जिले के 28 निजी अस्पतालों को पैनल में शामिल किया है।
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विभाग भी मुख्यालय भेज चुका है शिकायत, नहीं हुआ समाधान
केंद्र सरकार ने 2011 में सर्वे के बाद आयुष्मान योजना में शामिल लोगों को पत्र भेजे गए थे। इसमें से कई समय अधिक निकलने के कारण कार्ड नहीं बनवा पाए। यहां तक की कई लोग जिला छोड़कर भी दूसरे राज्यों में चले गए। ऐसे में सरकार ने चिरायु योजना के तहत नए लोगों की लिस्ट तैयार की गई। इसमें भी पुराने लोगों का डाटा पोर्टल पर अपलोड कर दिया। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग भी अब कई बार मुख्यालय को शिकायत भेज चुका है, लेकिन कोई भी समाधान नहीं निकल पा रहा है।
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लोगों को काटने पड़ रहे हैं चक्कर, नहीं मिल रहा लाभ
डाटा मिसमैच होने के कारण लोगों को भी इस परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग नागरिक अस्पताल में कार्ड बनवाने के लिए पहुंचते हैं, यहां पर उनकी पंचिंग व प्रमाण पत्रों की जांच की जाती है। लेकिन पहले ही दर्ज डाटा ऑनलाइन शो होने के कारण उन्हें वापस भेज दिया जाता है। ऐसे में लोगों को अधिकारियों के चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ता है।
आयुष्मान और चिरायु योजना का पोर्टल पर डाटा मिसमैच हुआ है। इसके कारण काफी लोगों के कार्ड नहीं बन पा रहे हैं। पंचिंग होने के बाद पोर्टल पर पहले ही उनकी पूरी जानकारी दर्ज पाई जा रही है। जिले में अब तक तीन लाख 36 हजार 834 लोगों के कार्ड बनाए जा चुके हैं। एक लाख 80 हजार लाभार्थियों में से 50 फीसदी लोगों का डाटा मिस मैच होने के कारण कार्ड नहीं बन पा रहे।
- डॉ. प्रमोद शर्मा, उप सिविल सर्जन, सिरसा।