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बप्पां में रहस्यमयी बीमारी से एक और मासूम की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Mon, 19 Sep 2016 12:39 AM IST
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बड़ागुढा खंड के गांव बप्पां में शनिवार की रात छह वर्षीय एक बच्ची की रहस्यमयी मौत हो गई। पिछले एक सप्ताह के अंतराल में गांव में ये दूसरी मौत है। इससे पहले 12 सितंबर को बग्गा सिंह के आठ वर्षीय मासूम इकलौते पुत्र खुशप्रीत की मौत हो गई थी। उक्त मासूम को 4-5 दिन से बुखार व जुकाम की शिकायत थी तथा उसकी गर्दन पर अचानक सूजन आ गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। शनिवार को जंटा सिंह की छह वर्षीय पुत्री गगनदीप कौर की मौत भी लगभग ऐसे ही हुई है। परिजनों के मुताबिक गगनदीप को शुक्रवार की शाम बुखार व जुकाम की शिकायत थी, लेकिन शनिवार को उसे सांस लेने में तकलीफ होने के चलते परिजन सिरसा के एक निजी अस्पताल में ले गए जहां देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों के अनुसार उन्हें मौत की वजह गलघोटू बताई गई है।
गांव में एक सप्ताह के अंतराल में दो मासूम अज्ञात बीमारी से मौत का ग्रास बन चुके हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग सिर्फ बातों से इतिश्री करता नजर आ रहा है। एक सप्ताह पूर्व खुशप्रीत की मौत पर भी विभाग ने यह कहकर इतिश्री कर दी थी कि मृतक की कोई मेडिकल रिपोर्ट नहीं है, जिसके आधार पर मौत को गलघोटू नहीं माना जा सकता। मामला जानकारी में आने के बाद विभाग ने सर्वे करवाने की बात कहकर बड़ागुढा सीएचसी से कुछ कर्मचारियों ने उक्त मोहल्ले के दो तीन घरों में जाकर सर्वे की रिपोर्ट बनाकर भेज दी थी।
इससे पहले भी दो मासूम बने हैं ग्रास
बता दें कि 11 माह पूर्व भी बुर्जभंगू व बप्पां में दो मासूम बच्चों की मौत हुई थी जिन्हें बुखार के बाद गले में सुजन की शिकायत थी जिनमें से एक मौत को विभागीय अधिकारियों ने गलघोटू बताया था।
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हां मुझे जानकारी मिली है कि बच्ची की मौत हुई है हमनें सूचना मिलते ही गांव में दो चिकित्सकों के नेतृत्व में टीम भेजकर सर्वे शुरू करवाया है। बाकि बच्ची की मौत जिस हॉस्पिटल में हुई है वहां के सैंपल में कुछ ऐसा नहीं पाया गया है। हम पूरे गांव में सर्वे करवा रहे हैं।
डॉ. सूरजभान कंबोज, सिविल सर्जन
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गांव में एक सप्ताह के अंतराल में दो मासूम अज्ञात बीमारी से मौत का ग्रास बन चुके हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग सिर्फ बातों से इतिश्री करता नजर आ रहा है। एक सप्ताह पूर्व खुशप्रीत की मौत पर भी विभाग ने यह कहकर इतिश्री कर दी थी कि मृतक की कोई मेडिकल रिपोर्ट नहीं है, जिसके आधार पर मौत को गलघोटू नहीं माना जा सकता। मामला जानकारी में आने के बाद विभाग ने सर्वे करवाने की बात कहकर बड़ागुढा सीएचसी से कुछ कर्मचारियों ने उक्त मोहल्ले के दो तीन घरों में जाकर सर्वे की रिपोर्ट बनाकर भेज दी थी।
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इससे पहले भी दो मासूम बने हैं ग्रास
बता दें कि 11 माह पूर्व भी बुर्जभंगू व बप्पां में दो मासूम बच्चों की मौत हुई थी जिन्हें बुखार के बाद गले में सुजन की शिकायत थी जिनमें से एक मौत को विभागीय अधिकारियों ने गलघोटू बताया था।
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हां मुझे जानकारी मिली है कि बच्ची की मौत हुई है हमनें सूचना मिलते ही गांव में दो चिकित्सकों के नेतृत्व में टीम भेजकर सर्वे शुरू करवाया है। बाकि बच्ची की मौत जिस हॉस्पिटल में हुई है वहां के सैंपल में कुछ ऐसा नहीं पाया गया है। हम पूरे गांव में सर्वे करवा रहे हैं।
डॉ. सूरजभान कंबोज, सिविल सर्जन