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एटीएम लुटेरों को पकड़ने में पुलिस नाकाम

Mon, 16 Nov 2015 01:13 AM IST
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो Updated Mon, 16 Nov 2015 01:13 AM IST
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Police failed to catch ATM robbers

एटीएम लुटेरों को सिरसा जिला काफी रास आया है। 17 महीने बाद भी सिरसा पुलिस उनतक पहुंचने में नाकाम साबित हुई है।

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लुटेरे सरसाई नगरी सिरसा से सात एटीएम उखाड़कर ले जा चुके हैं और आज भी पुलिस के हाथ बिलकुल खाली हैं। ईनाम का सहारा लेकर भी पुलिस एक वारदात की गुत्थी तक सुलझा नहीं सकी।

पुलिस उक्त सभी घटनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है एटीएम मामलों को लेकर पुलिस अधिकारियों की यह यह सोच बन चुकी है कि जब कभी कोई लुटेरा किसी वारदात में हत्थे चढ़ेगा तो सारी वारदातें अपने आप सुलझ जाएगी।
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सिरसा जिले से लुटेरे जून 2014 से लेकर अक्टूबर 2015 तक विभिन्न बैंकों के सात एटीएम उखाड़कर 50 लाख रुपये से अधिक राशि लूट चुके हैं।

सिरसा का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही पुलिस अधीक्षक संगीता कालिया ने शनिवार का पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की, लेकिन उन्होंने भी एटीएम लूटपाट की अनसुलझे मामलों को सुलझाने की दिशा में कोई आदेश जारी नहीं किया।
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ऐसे में यह समझा जा सकता है कि सिरसा पुलिस का ध्यान एटीएम लूटपाट वारदातों से पूरी तरह से हट चुका है।

पंजाब नेशनल बैंक से हुई शुरुआत
वारदातों का सिलसिला 28 जून 2014 की सुबह से शुरू हुआ था। पुलिस सुरक्षा प्रबंधों को ठेंगा दिखाकर इस दिन लुटेरे लालबत्ती चौके के पास पीएनबी एटीएम को उखाड़कर ले गए थे।

एटीएम में 15 लाख रुपये की नगदी थी। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मितेश जैन ने लुटेरों तक पहुंचने के लिए आठ टीमों का गठन किया, लेकिन पुलिस लुटेरों का कोई सुराग नहीं लगा पाई।

17 दिनों बाद ही सीबीआई को बनाया निशाना

पीएनबी वारदात के 17 दिनों बाद लुटेरों ने डिंग रोड स्थित एसबीआई एटीएम को निशाना बनाया और एटीएम उखाड़कर ले गए। इस एटीएम में 11 लाख रुपये की राशि थी।

एसबीआई का यह एटीएम डिंग पुलिस थाने से मात्र 200 मीटर दूर है। लुटेरे मात्र छह मिनट में एसबीआई एटीएम को उखाड़कर गाड़ी में डालकर ले गए।

लुटेरों ने एटीएम कक्ष के ऊपर सो रहे एक मजदूर को गन प्वाइंट पर भी बंधक बनाया। उसी मजदूर ने थाने में जाकर पुलिस को लूट की सूचना दी।

मात्र 17 दिन के अंदर दूसरी वारदात से पुलिस व्यवस्था से पूरी तरह से सवाल खड़ा हो गया और एसपी ने इसे चुनौती मानते हुए इसे केस नंबर एक का दर्जा देकर 12 टीमों का गठन किया पर अभी भी पुलिस के हाथ खाली हैं।

22 अगस्त को डबवाली मार्ग से एटीएम उखाड़ा

22 अगस्त 2014 को डबवाली के सिरसा रोड पर लुटेरों ने पीएनबी एटीएम को उखाड़ा। इस एटीएम में 13 लाख 79 हजार 300 रुपये की नगदी थी।

इसके बाद सितंबर में स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में एटीएम उखाड़कर ले जाने का प्रयास किया। 18 नंबवर को इलाहाबाद बैंक के एटीएम उखाड़ने की घटना पांचवीं वारदात थी।

29 मार्च 2015 को लुटेरों ने शिव चौक स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम को निशाना बनाया। लुटेरे चंद मिनटों में एटीएम उखाड़कर गाड़ी में लादकर फरार हो गए।

14 लाख रुपये की नगदी एटीएम में थी। इसके बाद अक्टूबर 2015 में डबवाली शहर के बीचों-बीच स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक को लुटेरों ने निशाना बना डाला।

पुलिस हर वारदात की भांति अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज किया, लेकिन उनका पता लगाने में आज तक सफलता हासिल नहीं कर पाई।

बेअसर साबित हुआ एक लाख का ईनाम

सिरसा के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मितेश जैन ने लुटेरों को पकड़ने के लिए एक लाख रुपये का ईनाम घोषित किया हुआ था, लेकिन इसका तनिक भी फायदा पुलिस को नहीं मिला।

पुलिस लुटेरों का कुछ भी पता नहीं लगा पाई। सैकड़ों बार पुलिस की टीमें राजस्थान व पंजाब में जाकर छापेमारी कर चुकी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लुटेरे इतने शातिर हैं कि कोई भी सबूत पीछे छोड़कर नहीं जाते।


एक छोटा सा ठोस सबूत ही लुटेरों तक पहुंचने के लिए काफी है, लेकिन ठोस सबूत अब तक नहीं मिला। तत्कालीन एसपी ने लुटेरों तक पहुंचे के लिए स्पेशल टीमें गठित की थी।

इसके बाद पुलिस अधीक्षक अश्विन शैणवी ने भी लुटेरों तक  पहुंचने के लिए ईनाम का सहारा लिया परंतु यह प्रयास भी विफल साबित होकर रह गया।

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