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भाभी की तलाश में निकले थे, रास्ते में दोस्त का घोंटा गला
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2015 01:44 AM IST
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डिंग रेलवे स्टेशन पर 14 माह पहले हुई कालांवाली के एक भोजनालय संचालक की हत्या मामले को जीआरपी ने सुलझा लिया है। हत्याकांड को अंजाम देने वाला कोई ओर नहीं मृतक का जिगरी दोस्त जसबीर सिंह निकला।
रेलवे पुलिस ने हत्यारोपी जसबीर सिंह निवासी कालांवाली को सोमवार सुबह अदालत में पेश करके दो दिन का रिमांड हासिल किया है।
जीआरपी थाना प्रभारी सकतर सिंह का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान हत्यारोपी के निशान देही पर कई ठोस सबूत जुटाए जाएंगे।
खास बात है कि शुरुआत में जीआरपी ने ढाबा संचालक मुकेश कुमार उर्फ टिणिया की मौत के मामले में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की बात सामने आई तो पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके जांच शुरू की।
नशे में निकले बोल ने पुलिस को दिया सुराग
हत्यारे तक पहुंचना पुलिस के लिए काफी चुनौती पूर्ण रहा। जांच अधिकारी एवं जीआरपी थाना प्रभारी सकतर सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों की तरफ से न तो किसी पर संदेह जताया गया और न ही उनसे कोई अहम जानकारी मिली।
ऐसे में ढाबा संचालक मुकेश कुमार के साथ जिन लोगों की बोलचाल थी, उनकी जानकारी जुटाकर गुप्तचर को उनके पीछे लगा दिया गया।
कुछ दिन पहले गुप्तचर ने कालांवाली निवासी जसवीर सिंह को अहाते पर शराब के नशे में मृतक मुकेश के संबंध में कुछ बोलते हुए सुना।
जांच अधिकारी सकतर सिंह का कहना है कि गुप्तचर की इस सूचना ने उन्हें कुछ दिशा दी। रविवार को पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो जसबीर सिंह ने अपराध कबूल कर लिया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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उसे नहीं मारता तो वह मुझे मार देता साहब
ढाबा संचालक मुकेश उर्फ टिणिया मेरा जिगरी यार था। उसकी पत्नी कई महीनों से लापता थी जिस कारण मुकेश परेशान रहता था।
24 अगस्त 2014 की रात को मुकेश और मैंने कालांवाली रेलवे स्टेशन पर शराब पी थी। मैंने मुकेश से कहा कि भाभी की तलाश में जींद से वाया सिरसा होकर हिसार जाने वाले ट्रेन में सवार होकर हिसार जाएंगे।
ट्रेन में सवार होकर हम दोनों सिरसा आ रहे थे अचानक मेरे मुंह से मुकेश की पत्नी के बारे में कुछ गलत बोल निकल गए॥। इसको लेकर हम दोनों में तू-तू मैं-मैं हो गई।
मुकेश ने मुझे धमकी दी कि तुझे ट्रेन से नीचे फेंक दूंगा। ट्रेन डिंग पहुंची तो मुकेश स्टेशन पर रखी बेंच पर बैठ गया।
मुझे लगा कि अगर मैंने मुकेश को नहीं मारा तो वह मुझे मार देगा। नशा ज्यादा होने के चलते मैं अच्छा-बुरा नहीं सोच सका और अपने साफे से बेंच पर बैठे मुकेश का गला घोंट दिया।
जसबीर सिंह, हत्यारोपी
यह था पूरा मामला
मूल रूप से महेंद्रगढ़ जिला निवासी मुकेश कुमार पिछले 12 सालों से कालांवाली में रहता था। उसने यहां भोजनालय खोल रखा था। 24 अगस्त 2014 को डिंग रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस को वह मृत हालत में मिला।
उसके गले में फंदा था ऐसे में शुरुआत में मृतक के रिश्तेदारों को यही लगा कि उसने आत्महत्या की है। पुलिस ने सभी का बयान दर्ज करके इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की थी।
छह जुलाई 2015 को मुकेश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई जिसमें उसकी हत्या किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद सिरसा जीआरपी थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।
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रेलवे पुलिस ने हत्यारोपी जसबीर सिंह निवासी कालांवाली को सोमवार सुबह अदालत में पेश करके दो दिन का रिमांड हासिल किया है।
जीआरपी थाना प्रभारी सकतर सिंह का कहना है कि रिमांड अवधि के दौरान हत्यारोपी के निशान देही पर कई ठोस सबूत जुटाए जाएंगे।
खास बात है कि शुरुआत में जीआरपी ने ढाबा संचालक मुकेश कुमार उर्फ टिणिया की मौत के मामले में इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई कर थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की बात सामने आई तो पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके जांच शुरू की।
नशे में निकले बोल ने पुलिस को दिया सुराग
हत्यारे तक पहुंचना पुलिस के लिए काफी चुनौती पूर्ण रहा। जांच अधिकारी एवं जीआरपी थाना प्रभारी सकतर सिंह ने बताया कि मृतक के परिजनों की तरफ से न तो किसी पर संदेह जताया गया और न ही उनसे कोई अहम जानकारी मिली।
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ऐसे में ढाबा संचालक मुकेश कुमार के साथ जिन लोगों की बोलचाल थी, उनकी जानकारी जुटाकर गुप्तचर को उनके पीछे लगा दिया गया।
कुछ दिन पहले गुप्तचर ने कालांवाली निवासी जसवीर सिंह को अहाते पर शराब के नशे में मृतक मुकेश के संबंध में कुछ बोलते हुए सुना।
जांच अधिकारी सकतर सिंह का कहना है कि गुप्तचर की इस सूचना ने उन्हें कुछ दिशा दी। रविवार को पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो जसबीर सिंह ने अपराध कबूल कर लिया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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उसे नहीं मारता तो वह मुझे मार देता साहब
ढाबा संचालक मुकेश उर्फ टिणिया मेरा जिगरी यार था। उसकी पत्नी कई महीनों से लापता थी जिस कारण मुकेश परेशान रहता था।
24 अगस्त 2014 की रात को मुकेश और मैंने कालांवाली रेलवे स्टेशन पर शराब पी थी। मैंने मुकेश से कहा कि भाभी की तलाश में जींद से वाया सिरसा होकर हिसार जाने वाले ट्रेन में सवार होकर हिसार जाएंगे।
ट्रेन में सवार होकर हम दोनों सिरसा आ रहे थे अचानक मेरे मुंह से मुकेश की पत्नी के बारे में कुछ गलत बोल निकल गए॥। इसको लेकर हम दोनों में तू-तू मैं-मैं हो गई।
मुकेश ने मुझे धमकी दी कि तुझे ट्रेन से नीचे फेंक दूंगा। ट्रेन डिंग पहुंची तो मुकेश स्टेशन पर रखी बेंच पर बैठ गया।
मुझे लगा कि अगर मैंने मुकेश को नहीं मारा तो वह मुझे मार देगा। नशा ज्यादा होने के चलते मैं अच्छा-बुरा नहीं सोच सका और अपने साफे से बेंच पर बैठे मुकेश का गला घोंट दिया।
जसबीर सिंह, हत्यारोपी
यह था पूरा मामला
मूल रूप से महेंद्रगढ़ जिला निवासी मुकेश कुमार पिछले 12 सालों से कालांवाली में रहता था। उसने यहां भोजनालय खोल रखा था। 24 अगस्त 2014 को डिंग रेलवे स्टेशन पर रेलवे पुलिस को वह मृत हालत में मिला।
उसके गले में फंदा था ऐसे में शुरुआत में मृतक के रिश्तेदारों को यही लगा कि उसने आत्महत्या की है। पुलिस ने सभी का बयान दर्ज करके इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई की थी।
छह जुलाई 2015 को मुकेश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई जिसमें उसकी हत्या किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद सिरसा जीआरपी थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।