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Sirsa News: शिक्षा विभाग के मलबे की बोली पर हुआ विवाद, प्रशासन ने 4.32 लाख में फाइनल की बोली
Thu, 20 Jun 2024 12:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 20 Jun 2024 12:04 AM IST
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अधिकारी के समक्ष अपनी बात रखते ठेकेदार।
सिरसा। सिटी थाने के सामने बनी शिक्षा विभाग की सालों पुराने दो खंडहर भवनों के मलबे को हटाने के लिए बुधवार को नगर परिषद कार्यालय में बोली हुई। इस दौरान बाेलीदाताओं के निर्धारित समय से देरी से पहुंचने पर विवाद खड़ा हो गया। बोलीदाताओं ने जहां आरोप लगाया कि वह निर्धारित समय पर पहुंचे थे, वहीं कार्यकारी अधिकारी ने उनके सवा 11 बजे के बाद आने की बात कही। इसलिए उन्हें बोली में शामिल होने का अवसर नहीं मिला। वहीं नगर परिषद के अधिकारियों ने 4 लाख 32 हजार रुपये पर भवन के मलबे की बोली फाइनल कर दी।
हालांकि, बोली में शामिल होने का मौका नहीं मिलने पर बोलीदाताओं ने जिला नगर आयुक्त और उपायुक्त के समक्ष गुहार लगाई। उन्हें आश्वासन के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ। बता दें कि सिटी थाने के सामने शिक्षा विभाग के दो भवन सालों से खंडहर हालात में पड़े हैं। इन्हीं भवनों की जगह पर नगर परिषद प्रशासन की ओर से मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाई जानी है। एक साल पहले नगर परिषद की ओर से ठेकेदार को साढ़े सात लाख रुपये में ठेका दिया गया था। परंतु ठेकेदार 50 हजार रुपये की सिक्योरिटी राशि छोड़कर चला गया। इससे पूर्व भी 19 लाख के आस पास खंडहर भवनों की बोली हुई थी। उस दौरान भी काम सिरे नहीं चढ़ पाया था।
इस प्रकार हुआ विवाद
नगर परिषद की ओर से विज्ञापन जारी कर 19 जून को खंडहर भवनों की बोली होनी सुनिश्चित हुई थी। बोली के लिए 50 हजार रुपये की राशि जमा करवानी थी। यह राशि ऑनलाइन, नकद, डीडी के माध्यम से जमा करवानी थी। 11 बजे से लेकर 11 बजकर 10 मिनट तक जो बोलीदाता नगर परिषद कार्यालय पहुंचे, उन्हें कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह खनगवाल ने अपने कार्यालय में बोली में भाग लेने के लिए अनुमति दे दी। कई लोग बोली में शामिल होने से वंचित रह गए। कार्यालय के बाहर खड़े बोलीदाता दीनानाथ, मोहनलाल, ऋषि, संदीप, सुभाष आदि ने अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। कई बोलीदाता समय पर पहुंच गए थे, लेकिन उनके पास बैंक ड्राफ्ट न होने के चलते उन्हें बाहर निकाल दिया। जबकि उनका नाम भी लिस्ट में लिख लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कैश और ऑनलाइन राशि लेने से मना कर दिया। वहीं बोली खत्म होने के बाद करीब 15 मिनट तक अधिकारियों व बोली देने आए लोगों के बीच बहस हुई। बोलीदाता जगरूप सिंह, दिनेश ने कहा कि बोली के दिन ही नगर परिषद ने समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित करवाया है। इसके बावजूद भी हिसार, फतेहाबाद, जींद, बरवाला, उकलाना, नारनौल सहित अन्य जगह से भी ठेकेदार आए हैं।
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खंडहर भवनों का मलबा हटाने को लेकर सुबह 11 बजे बोली शुरू होनी थी। 11 बजकर 10 मिनट तक पहुंचने वाले ठेकेदाराें को बोली में बैठाया गया है। उसके बाद देरी से आने वालों को बोली में शामिल नियमानुसार नहीं किया जा सकता है। 4 लाख 32 हजार रुपये में मलबा हटाने का ठेका दिया गया है।
- अत्तर सिंह, ईओ नगर परिषद सिरसा।
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हालांकि, बोली में शामिल होने का मौका नहीं मिलने पर बोलीदाताओं ने जिला नगर आयुक्त और उपायुक्त के समक्ष गुहार लगाई। उन्हें आश्वासन के सिवाय कुछ हासिल नहीं हुआ। बता दें कि सिटी थाने के सामने शिक्षा विभाग के दो भवन सालों से खंडहर हालात में पड़े हैं। इन्हीं भवनों की जगह पर नगर परिषद प्रशासन की ओर से मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाई जानी है। एक साल पहले नगर परिषद की ओर से ठेकेदार को साढ़े सात लाख रुपये में ठेका दिया गया था। परंतु ठेकेदार 50 हजार रुपये की सिक्योरिटी राशि छोड़कर चला गया। इससे पूर्व भी 19 लाख के आस पास खंडहर भवनों की बोली हुई थी। उस दौरान भी काम सिरे नहीं चढ़ पाया था।
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इस प्रकार हुआ विवाद
नगर परिषद की ओर से विज्ञापन जारी कर 19 जून को खंडहर भवनों की बोली होनी सुनिश्चित हुई थी। बोली के लिए 50 हजार रुपये की राशि जमा करवानी थी। यह राशि ऑनलाइन, नकद, डीडी के माध्यम से जमा करवानी थी। 11 बजे से लेकर 11 बजकर 10 मिनट तक जो बोलीदाता नगर परिषद कार्यालय पहुंचे, उन्हें कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह खनगवाल ने अपने कार्यालय में बोली में भाग लेने के लिए अनुमति दे दी। कई लोग बोली में शामिल होने से वंचित रह गए। कार्यालय के बाहर खड़े बोलीदाता दीनानाथ, मोहनलाल, ऋषि, संदीप, सुभाष आदि ने अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। कई बोलीदाता समय पर पहुंच गए थे, लेकिन उनके पास बैंक ड्राफ्ट न होने के चलते उन्हें बाहर निकाल दिया। जबकि उनका नाम भी लिस्ट में लिख लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने कैश और ऑनलाइन राशि लेने से मना कर दिया। वहीं बोली खत्म होने के बाद करीब 15 मिनट तक अधिकारियों व बोली देने आए लोगों के बीच बहस हुई। बोलीदाता जगरूप सिंह, दिनेश ने कहा कि बोली के दिन ही नगर परिषद ने समाचार पत्र में विज्ञापन प्रकाशित करवाया है। इसके बावजूद भी हिसार, फतेहाबाद, जींद, बरवाला, उकलाना, नारनौल सहित अन्य जगह से भी ठेकेदार आए हैं।
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खंडहर भवनों का मलबा हटाने को लेकर सुबह 11 बजे बोली शुरू होनी थी। 11 बजकर 10 मिनट तक पहुंचने वाले ठेकेदाराें को बोली में बैठाया गया है। उसके बाद देरी से आने वालों को बोली में शामिल नियमानुसार नहीं किया जा सकता है। 4 लाख 32 हजार रुपये में मलबा हटाने का ठेका दिया गया है।
- अत्तर सिंह, ईओ नगर परिषद सिरसा।