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Sirsa News: ग्रीन बेल्ट पर कब्जे की हाईकोर्ट में शिकायत होने पर गर्माया विवाद, धरने पर बैठे लोग

Wed, 17 Apr 2024 02:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Wed, 17 Apr 2024 02:30 AM IST
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Controversy heated up after complaint in High Court regarding encroachment on green belt, people sitting on dharna
श्याम बगीची के बाहर धरने पर बैठे लोग। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। ग्रीन बेल्ट पर कब्जे को लेकर हाईकोर्ट में शिकायत के बाद विवाद गरमा गया है। मंगलवार को श्याम बगीची के मुख्य गेट पर महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने धरना शुरू कर दिया। ग्रीन बेल्ट में मंदिर से लेकर अन्य निर्माण करने वाली धार्मिक व सामाजिक संस्थाएं भी धरने पर एकजुट नजर आई।
नियमानुसार एनजीटी एक्ट के तहत ग्रीन बेल्ट में मंदिर व अन्य निर्माण कार्य नहीं किया जा सकता है। हाईकोर्ट की याचिका के बाद मंदिर पर प्रशासन की ओर से कभी भी कार्रवाई हो सकती है। इसी भय से श्याम बगीची व अन्य ग्रीन बेल्टों में निर्माण करने वाले लोग एक मंच आ गए और अपना विरोध जताया। धरने पर बैठे श्याम बगीची के प्रधान पवन गर्ग व अन्य श्याम भक्तों ने हाईकोर्ट में शिकायत करने वाले लोगों को नास्तिक बताया। उन्होंने कहा कि 36 बिरादरी के लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा रहा है। यदि संस्था ने मंदिर बनाकर ग्रीन बेल्ट में कब्जा किया है तो टाउन पार्क में मजार बनी हुई है। उस मजार पर तो प्रशासन ने आज तक कार्रवाई नहीं की। यदि मंदिर को तोड़ने की कार्रवाई की गई तो महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग सभी विरोध करेंगे। हमारी प्रशासन से मांग है कि कुछ नास्तिक लोगों के कारण लोगों की भावनाओं को आहत न करें।
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नशा करने वालों को अड्डा बनी हुई थी ग्रीन बेल्ट, स्वच्छ और सुंदर बना दिया तो कब्जा नजर आने लगा
धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि ग्रीन बेल्ट में पहले छोटा मंदिर होता था। मंदिर को बड़ा किया गया है। पूरी ग्रीन बेल्ट में गंदगी रहती थी और नशा करने वालों का अड्डा बनी हुई था। अब मंदिर समिति ने ग्रीन बेल्ट को स्वच्छ व सुंदर बना दिया है तो कुछ लोगों को कब्जा नजर आने लगा है। मंदिर बनाने की अनुमति को लेकर दस्तावेज नगर परिषद के पास ही है, वहीं पेश करेंगे।
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तोरण द्वार बनाने को लेकर दिया गोलमोल जवाब
मंडी के तीन नंबर गेट पर तोरण द्वार बनाने को लेकर प्रशासनिक अनुमति को लेकर लोगों ने गोलमोल जवाब दिया। श्याम बगीची के प्रबंधन की मानें तो धार्मिक लोगों ने एक-एक ईंट अपने पास से दी है। यह धार्मिक कार्य है, कोई कब्जा नहीं किया जा रहा है। अनुमति को लेकर संस्था के लोग कोई स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाए। जानकारी के अनुसार तोरण द्वार को लेकर उपायुक्त व एचएसवीपी विभाग की ओर से कोई अनुमति नहीं दी गई।


यह है एनजीटी का नियम एनजीटी एक्ट के अनुसार ग्रीन बेल्ट में पेड़-पौधे ही लगाए जा सकते हैं ताकि यातायात बढ़ने के साथ पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। ग्रीन बेल्ट में कोई निर्माण नहीं हो सकता है। कोई रास्ता तक ग्रीन बेल्ट से नहीं निकाला जा सकता है। एनजीटी एक्ट के तहत संबंधित प्रशासन को कार्रवाई करना अनिवार्य होता है।



वर्जन
ग्रीन बेल्ट हमारे पास नहीं है। सभी ग्रीन बेल्ट एचएसवीपी के पास है। इन सभी को लेकर एचएसवीपी कार्रवाई करेगा।
- अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी।
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