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Sirsa News: खेल नर्सरियों में बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य
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सिरसा। जिले की सभी खेल नर्सरियों में अब खिलाड़ियों की उपस्थिति बायोमीट्रिक माध्यम से दर्ज करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि केवल नियमित हाजिरी करने वाले खिलाड़ियों को ही डाइट (पोषण) राशि मिलेगी। विभाग ने यह भी कहा है कि नर्सरी संचालक अब अपनी ओर से बायोमीट्रिक मशीनें खरीद कर लगाएंगे।
नए निर्देश के अनुसार नर्सरियों में प्रतिदिन आने वाले खिलाड़ियों की उपस्थिति बायोमीट्रिक हाजिरी से दर्ज करवानी होगी। बायोमीट्रिक हाजिरी के तरीकों में फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या अन्य प्रामाणिक तकनीक शामिल हो सकती है। हाजिरी के डिजिटल रिकॉर्ड से खिलाड़ियों की नियमितता, प्रशिक्षण में उपस्थिति और विभागीय रिपोर्टिंग पारदर्शी होगी।
डाइट राशि यानी खिलाड़ियों के पोषण/भत्ता अब केवल उन्हीं खिलाड़ियों को दी जाएगी जिनकी उपस्थिति निर्धारित मानदंड के अनुरूप होगी। जल्द ही जिला खेल विभाग की ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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नर्सरी संचालकों को बायोमीट्रिक मशीनें खुद खरीदनी होंगी
नए आदेशों के अनुसार, नर्सरी संचालकों को आवश्यक बायोमेट्रिक उपकरण अपनी लागत पर सुनिश्चित करने होंगे। विभाग की ओर से फिलहाल मशीनों की आपूर्ति का प्रावधान न होने के कारण संचालकों पर प्रारंभिक खर्च का बोझ आएगा। संचालक मशीन खरीदने, इंस्टॉल करने और उनके रखरखाव के उत्तरदायी स्वयं होंगे।
खिलाड़ियों में आएगी अनुशासन और नियमितता
इस नई व्यवस्था से खिलाड़ियों में अनुशासन और नियमितता बढ़ने की उम्मीद है। विभाग का मानना है कि इससे खिलाड़ी प्रशिक्षण में पूरी गंभीरता से हिस्सा लेंगे और उनके प्रदर्शन पर भी असर पड़ेगा।
बॉयोमीट्रिक से इस प्रकार होंगे फायदे
- बॉयोमीट्रिक से पारदर्शिता आएगी।
- डाइट राशि वितरण में गड़बड़ी का मौका कम होगा।
- खिलाड़ियों में अनुशासन व नियमितता आएगी।
- खिलाड़ियों की समय पालना और अनुशासन में सुधार की उम्मीद है।
- डेटा-आधारित निर्णय समय पर लिए जा सकेंगे।
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जिले के खिलाड़ियों की अब बॉयोमीट्रिक हाजिरी जरूरी की गई है। खिलाड़ियों को डाइट लेने के एक माह में 22 हाजिरी जरूरी है। इसके बाद ही खिलाड़ियों को डाइट मिल सकेगी।-- - जगदीप कुमार, जिला खेल अधिकारी, सिरसा।
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नए निर्देश के अनुसार नर्सरियों में प्रतिदिन आने वाले खिलाड़ियों की उपस्थिति बायोमीट्रिक हाजिरी से दर्ज करवानी होगी। बायोमीट्रिक हाजिरी के तरीकों में फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन या अन्य प्रामाणिक तकनीक शामिल हो सकती है। हाजिरी के डिजिटल रिकॉर्ड से खिलाड़ियों की नियमितता, प्रशिक्षण में उपस्थिति और विभागीय रिपोर्टिंग पारदर्शी होगी।
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डाइट राशि यानी खिलाड़ियों के पोषण/भत्ता अब केवल उन्हीं खिलाड़ियों को दी जाएगी जिनकी उपस्थिति निर्धारित मानदंड के अनुरूप होगी। जल्द ही जिला खेल विभाग की ओर से प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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नर्सरी संचालकों को बायोमीट्रिक मशीनें खुद खरीदनी होंगी
नए आदेशों के अनुसार, नर्सरी संचालकों को आवश्यक बायोमेट्रिक उपकरण अपनी लागत पर सुनिश्चित करने होंगे। विभाग की ओर से फिलहाल मशीनों की आपूर्ति का प्रावधान न होने के कारण संचालकों पर प्रारंभिक खर्च का बोझ आएगा। संचालक मशीन खरीदने, इंस्टॉल करने और उनके रखरखाव के उत्तरदायी स्वयं होंगे।
खिलाड़ियों में आएगी अनुशासन और नियमितता
इस नई व्यवस्था से खिलाड़ियों में अनुशासन और नियमितता बढ़ने की उम्मीद है। विभाग का मानना है कि इससे खिलाड़ी प्रशिक्षण में पूरी गंभीरता से हिस्सा लेंगे और उनके प्रदर्शन पर भी असर पड़ेगा।
बॉयोमीट्रिक से इस प्रकार होंगे फायदे
- बॉयोमीट्रिक से पारदर्शिता आएगी।
- डाइट राशि वितरण में गड़बड़ी का मौका कम होगा।
- खिलाड़ियों में अनुशासन व नियमितता आएगी।
- खिलाड़ियों की समय पालना और अनुशासन में सुधार की उम्मीद है।
- डेटा-आधारित निर्णय समय पर लिए जा सकेंगे।
जिले के खिलाड़ियों की अब बॉयोमीट्रिक हाजिरी जरूरी की गई है। खिलाड़ियों को डाइट लेने के एक माह में 22 हाजिरी जरूरी है। इसके बाद ही खिलाड़ियों को डाइट मिल सकेगी।