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प्रतिबंध के बावजूद बिजली कर्मचारी हड़ताल पर अड़े, प्रशासन मुस्तैद

Wed, 29 Jun 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Wed, 29 Jun 2016 01:28 AM IST
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aggitation in sirsa, aggitaion against govt., aggitation by electricians, Strike call, copy
प्रदर्शन करते बिजली कर्मचारी - फोटो : Bureau

बिजली निगम की 23 सब-यूनिटों को ठेके पर देने के विरोध में ज्वाइंट एक्शन कमेटी पावर के आह्वान पर 29 और 30 जून को हड़ताल के समर्थन में कर्मचारियों ने मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान एस्मा लागू करने के विरोध में सिरसा के जनसंगठनों ने सोमवार को बाजारों में विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे दो दिन की हड़ताल मे शामिल होंगे पर कामकाज बाधित नहीं करेंगे।

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सर्वकर्मचारी संघ के बैनर तले सोमवार को विभिन्न कर्मचारी संगठन, वन मजदूर संघ, अखिल भारतीय किसान यूनियन, कामगार यूनियन से जुडे़ लोग टाउन पार्क में एकत्रित हुए  जहां पर पहले एक सभा का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान मदनलाल खोथ, डॉ. हर रतन गांधी व नौजवान सभा के नेता टोनी सागू ने की जबकि संचालन सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव सोहन सिंह रंधावा ने किया।
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जनसंगठनों ने हरियाणा सरकार को चेतावनी दी कि यदि आंदोलनरत कर्मचारियों के विरुद्ध किसी तरह की उत्पीड़न की कार्रवाई की गई तो सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। सरकार को धौंस की बजाय बातचीत के माध्यम से कर्मचारियों की मांगों का समाधान करना चाहिए। इसके बाद सभी विभागों के कर्मचारी कतार में लग गए और  हाथ में मशाल लेकर जुलूस के रूप में लालबत्ती चौक, ओवरब्रिज से होते हुए 33 केवी बिजलीघर में पहुंचकर प्रदर्शन खत्म किया।
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कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने से पूर्व कर्मचारी वर्ग से लोक लुभावने वादे किए थे पर सत्ता में आने के बाद से ही सरकार कर्मचारियों का शोषण करने में लगी हुई है। आए दिन कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का फरमान सुनाया जा रहा है। सत्ता में आने के बाद से लेकर अब तक सरकार रोजगार देने की बजाय काफी लोगों को बेरोजगार कर चुकी है।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि एस्मा जैसा काला कानून लागू कर सरकार कर्मचारियों की आवाज को दबाना चाहती है, लेकिन कर्मचारी सरकार के ऐसे हथकंडों से डरने वाले नहीं हैं और डटकर ऐसे कानूनों का सामना करेंगे। उन्होंने मांग की कि बिजली निगम के 23 उपमंडलों का ठेका रद्द किया जाए, कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, वर्कलोड के अनुसार पावर कॉरपोरेशन में रिक्त पड़े 70 हजार पदों पर नियमित भर्ती की जाए, ताकि बेरोजगार नौजवानों को रोजगार मिल सके।

सोमवार के प्रदर्शन में सर्वकर्मचारी संघ, हरियाणा कर्मचारी महासंघ, अखिल भारतीय किसान सभा, जनवादी नौजवान सभा, भवन निर्माण कामगार यूनियन, खेत मजदूर यूनियन, आईटीआई. कर्मचारी संघ, हेमसा, चौथा दर्जा कर्मचारी यूनियन, रिटायर्ड कर्मचारी संघ, सर्व कच्चा कर्मचारी संघ, वन मजदूर संघ, मेकेनिकल वर्कर्स यूनियन, रोडवेज कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने भाग लिया। प्रदर्शन को सुरजीत अरोड़ा, शिवकुमार शर्मा, कृपाशंकर त्रिपाठी, नंदन टडियाल, विजय ढुकड़ा, महेंद्र शर्मा, अशोक पटवारी, गीता देवी, चैन सिंह नागोकी, कृष्ण लाल सैनी, रमेश सैनी, रामराज राय, प्रताप सिंह, त्रिलोक नागोकी आदि ने संबोधित किया।

डबवाली। प्रदेश सरकार के प्रतिबंध के बावजूद मंगलवार देर शाम से बिजली कर्मचारियों की दो दिवसीय हड़ताल शुरू हो रही है। ऐसे में प्रशासन सख्त है, नरमी बरतने के मूड में नहीं है। बिजली निगम ने मंडल डबवाली के आठ सब स्टेशनों को संवेदनशील करार दिया है। इसके साथ ही सभी 19 सबस्टेशनों की वीडियोग्राफी करवाई होगी। बड़ी लाईने पुलिस बल के हवाले कर दी गई हैं। लगातार 48 घंटों तक पुलिस पाटी पेट्रोलिंग करेंगी।

सोमवार को बीडीपीओ कार्यालय में एसडीएम प्रशांत कुमार, बिजली निगम मंडल डबवाली के अभियंता डीआर वर्मा, एसडीई मोहन लाल, एसडीई सुनील लहगा, शहर तथा सदर थाना प्रभारियों ने विभिन्न महकमों, सरपंचों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। एसडीएम प्रशांत कुमार ने कहा कि धरना, प्रदर्शन या फिर स्ट्राईक किसी समस्या का हल नहीं। पिछले दिनों प्रदेश में हुए जाट आंदोलन के चलते अनुमानित 36 हजार करोड़ रुपये  का नुक्सान हुआ।

जरा सोचें, यह किस पर पड़ेगा। 28 जून की शाम से बिजली कर्मचारी हड़ताल पर जा रहे हैं। ऐसा पहली बार है कि किसी सरकार ने हड़ताल को प्रतिबंधित किया हो। वह भी नोटिफिकेशन जारी करके। एसडीएम ने कहा कि सरकार की हिदायतों के अनुसार प्रत्येक सबस्टेशन की वीडियोग्राफी होगी। वीडियोग्राफी में जो भी कर्मचारी लॉ एंड ऑर्डर बिगाड़ता हुआ मिला तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।

अगर कोई कर्मचारी डयूटी पर तैनात कर्मचारियों को भी हड़ताल के लिए भड़काएंगे तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी। उन्होंने सरपंचों को गांवों में ठिकरी पहरा लगाए जाने के आदेश दिए। बिजली निगम के मंडल अभियंता डीआर वर्मा ने बताया कि हड़ताल का प्रभाव आमजन पर न पड़े, इसके लिए निगम एक निजी कंपनी तथा आऊटसोर्स पर तैनात कर्मचारियों की सेवाएं लेगा।

इसके अतिरिक्त पूर्व कर्मचारियों को भी बुलाया गया है। मंडल अभियंता ने बताया कि अगर कोई कच्चा कर्मचारी हड़ताल में भाग लेगा तो अपना करियर समाप्त कर लेगा। चूंकि राज्य सरकार की हिदायत है कि ऐसा करने वाले कर्मचारी को रेगुलर करते समय उपयुक्त नहीं माना जाएगा।

नुहियांवाली तथा चोरमार तक आने वाली 440 तथा 220 केवी लाइन खेतों से होकर पहुंचती हैं। इन लाइनों का सबसे अधिक खतरा है। पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टियां लगातार निगरानी रखेंगी। रोड़ी, कालांवाली, आसाखेड़ा, औढ़ां, शेरगढ़, डबवली, रिसालियाखेड़ा तथा चोरमार स्थित सबस्टेशन को संवेदनशील करार दिया गया है। मंडल डबवाली में 19 सबस्टेशन आते हैं। सभी की वीडियोग्राफी होगी। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए दो इंजीनियर बुलाए गए हैं।
-डीआर वर्मा, मंडल अभियंता बिजली निगम, डबवाली

सिरसा जिले में धारा 144 लागू
आगामी 29 व 30 जून को सर्व कर्मचारी संघ व हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी की ओर से की जाने वाली राज्यस्तरीय हड़ताल को देखते हुए जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से धारा 144 लागू की है। जिलाधीश शरणदीप कौर बराड़ ने दंड प्रक्रिया नियमावली 1973 की धारा 144 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला सिरसा में पांच या इससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाया है। इन आदेशों के उल्लंघनकर्ता भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दंड के पात्र होंगे। ये आदेश पुलिस तथा अन्य सरकारी अधिकारी/कर्मचारी जो अपनी ड्यूटी पर तैनात हो पर लागू नहीं होंगे। ये आदेश 29 जून से लेकर हड़ताल समाप्त होने तक लागू रहेंगे तथा आवश्यकता अनुसार इन्हें आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

डीसी के आदेश पर युवा देंगे ठीकरी पहरा
सिरसा। बिजली कर्मचारियों की दो दिन की हड़ताल के देखते हुए जिलाधीश शरणदीप कौर बराड़ ने नौजवानों की उनके अपने-अपने क्षेत्र में ठीकरी पहरे पर ड्यूटी लगाई है। ये युवा 28 जून से हड़ताल खत्म होने तक बिजली बाधित करने की वारदात को रोकने, सार्वजनिक संपत्ति व आम नागरिकों की जानमाल की सुरक्षा एवं बचाव हेतु ठीकरी पहरा देंगे।


डीसी ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इस कार्य को करवाने की जिम्मेदारी पूर्ण रुप से पुलिस अधीक्षक, उपमंडल अधिकारी  सिरसा, डबवाली, ऐलनाबाद, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी सिरसा, जिले के सभी तहसीलदार, उप तहसीलदार तथा खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, कार्यकारी अधिकारी/सचिव नगर परिषद, नगर पालिकाएं एवं सभी ग्राम पंचायतों की होगी।

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