{"_id":"687d296ae26e0264bf0ee2ba","slug":"accused-of-getting-consent-form-filled-for-returning-tablet-sirsa-news-c-128-1-svns1027-141126-2025-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: टैबलेट वापस करने के लिए सहमति पत्र भरवाने का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: टैबलेट वापस करने के लिए सहमति पत्र भरवाने का आरोप
Sun, 20 Jul 2025 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 20 Jul 2025 11:07 PM IST
विज्ञापन
रोड़ी। प्रदेश सरकार की ई-अधिगम योजना के तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा नौंवी से बारहवीं के विद्यार्थियों को टैबलेट वितरित किए गए थे। मौजूदा शैक्षणिक सत्र में शिक्षा विभाग की ओर टैबलेट को लेकर डाटा उपलब्ध नहीं करवाया गया है। इस कारण टैबलेट को लेकर विकट समस्या पैदा हो गई है।
सिरसा जिले के बड़ागुड़ा ब्लॉक के रोड़ी स्थित पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से कथित तौर पर जबरदस्ती और गलत प्रयोग की बात कहकर टैबलेट वापस करने के लिए सहमति पत्र भरवाए जा रहे हैं। इसके लिए पत्र और ऑडियो भी वायरल हुआ है।
ई-अधिगम योजना का उद्देश्य डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना था। इसी आधार पर स्कूली बच्चों को टैबलेट बांटे गए थे। सरकार ने इस योजना में बदलाव करते हुए इस वर्ष सिम की सुविधा बंद कर दी है। बिना सिम सुविधा के बच्चे केवल इसे वाईफाई से ही चला सकते है। अभिभावकों और विद्यार्थियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि सरकार ने टैबलेट तो दिए, लेकिन उनकी उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना इंटरनेट और सिम के टैबलेट केवल एक महंगा गैजेट बनकर रह गया है।
विज्ञापन
वायरल ऑडियो ने खोली पोल
रोड़ी के सरकारी स्कूल की एक मिनट 15 सेकंड का ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें दसवीं कक्षा के कुणाल नामक छात्र के पिता और उसकी क्लास इंचार्ज के बीच बातचीत सामने आई है। ऑडियो में अभिभावक पूछता है कि टैबलेट के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर क्यों करवाए जा रहे हैं और यह प्रिंसिपल का आदेश है या सरकार का। जवाब में क्लास इंचार्ज कहती हैं कि अब टैब में कोई सिम तो चलते नहीं। सरकार पहले डाटा उपलब्ध करवाती थी। अब सरकार ने अब सिम तो देना नहीं है। अकेले टैब का बच्चे क्या करेंगे, अगर बच्चे लेंगे तो दुरुपयोग ही करेंगे। वह आगे अभिभावक से पूछती हैं कि क्या वे टैबलेट लेना चाहते हैं क्योंकि बिना सिम के टैबलेट बेकार है। अभिभावक भी सहमति जताते हुए कहता है कि बिना सिम के टैबलेट बेकार है।
सहमति पत्र में लिखी अजीब शर्तें
सहमति पत्र में लिखा गया है कि मैं आपके स्कूल का दसवीं कक्षा का विद्यार्थी हूँ। जो मुझे स्कूल में टैब दिए जा रहे हैं, वो हमें नहीं चाहिए, क्योंकि इसमें हमारे माता-पिता की सहमति नहीं है। कृपया हमें टैब नहीं दिए जाए। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन की ओर से बच्चों और उनके माता-पिता पर दबाव बनाकर यह सहमति पत्र भरवाया जा रहा है।
-- -
अभी तक टैब वापिस को लेकर कोई सरकारी आदेश नहीं आए है। मामले की जांच की जाएगी।
हरीश चावला, नोडल अधिकारी, ई-अधिगम
विज्ञापन
सिरसा जिले के बड़ागुड़ा ब्लॉक के रोड़ी स्थित पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से कथित तौर पर जबरदस्ती और गलत प्रयोग की बात कहकर टैबलेट वापस करने के लिए सहमति पत्र भरवाए जा रहे हैं। इसके लिए पत्र और ऑडियो भी वायरल हुआ है।
विज्ञापन
ई-अधिगम योजना का उद्देश्य डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना था। इसी आधार पर स्कूली बच्चों को टैबलेट बांटे गए थे। सरकार ने इस योजना में बदलाव करते हुए इस वर्ष सिम की सुविधा बंद कर दी है। बिना सिम सुविधा के बच्चे केवल इसे वाईफाई से ही चला सकते है। अभिभावकों और विद्यार्थियों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि सरकार ने टैबलेट तो दिए, लेकिन उनकी उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना इंटरनेट और सिम के टैबलेट केवल एक महंगा गैजेट बनकर रह गया है।
विज्ञापन
वायरल ऑडियो ने खोली पोल
रोड़ी के सरकारी स्कूल की एक मिनट 15 सेकंड का ऑडियो वायरल हुआ है। इसमें दसवीं कक्षा के कुणाल नामक छात्र के पिता और उसकी क्लास इंचार्ज के बीच बातचीत सामने आई है। ऑडियो में अभिभावक पूछता है कि टैबलेट के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर क्यों करवाए जा रहे हैं और यह प्रिंसिपल का आदेश है या सरकार का। जवाब में क्लास इंचार्ज कहती हैं कि अब टैब में कोई सिम तो चलते नहीं। सरकार पहले डाटा उपलब्ध करवाती थी। अब सरकार ने अब सिम तो देना नहीं है। अकेले टैब का बच्चे क्या करेंगे, अगर बच्चे लेंगे तो दुरुपयोग ही करेंगे। वह आगे अभिभावक से पूछती हैं कि क्या वे टैबलेट लेना चाहते हैं क्योंकि बिना सिम के टैबलेट बेकार है। अभिभावक भी सहमति जताते हुए कहता है कि बिना सिम के टैबलेट बेकार है।
सहमति पत्र में लिखी अजीब शर्तें
सहमति पत्र में लिखा गया है कि मैं आपके स्कूल का दसवीं कक्षा का विद्यार्थी हूँ। जो मुझे स्कूल में टैब दिए जा रहे हैं, वो हमें नहीं चाहिए, क्योंकि इसमें हमारे माता-पिता की सहमति नहीं है। कृपया हमें टैब नहीं दिए जाए। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन की ओर से बच्चों और उनके माता-पिता पर दबाव बनाकर यह सहमति पत्र भरवाया जा रहा है।
अभी तक टैब वापिस को लेकर कोई सरकारी आदेश नहीं आए है। मामले की जांच की जाएगी।
हरीश चावला, नोडल अधिकारी, ई-अधिगम