Sirsa: घर से बरामद की करीब 83 हजार 545 नशीली गोलियां, आरोपी काबू; गांव मल्लेकां में करता था मेडिकल स्टोर
डीएसपी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी प्रदीप कुमार पहले गांव मल्लेकां में मेडिकल स्टोर करता था। नशीली दवाईयां बेचने के चलते मेकिडल स्टोर विभाग ने सील कर दिया था। उसके बाद भी प्रदीप कुमार निरंतर नशीली दवाईयां बेचने के धंधे में लगा हुआ था।
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सिरसा के रानियां रोड स्थित कांडा कॉलोनी में एक व्यक्ति को उसके घर से नशीली दवाईयां बेचते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी के घर से सीआईए की टीम ने 83 हजार 545 गोलियां की एक बड़ी खेप बरामद की। इस दौरान ड्रग्स विभाग के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया और कुछ दवाओं को सत्यापित कर कार्रवाई को कहां गया। वहीं, आरोपी के खिलाफ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा और रिमांड के दौरान दवाईयां कहां से खरीदकर लाया और उसके साथ और कौन कौन लोग जुड़े हुए है।
एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि सीआईए पुलिस को सूचना मिली थी कि कांडा कॉलोनी में एक घर के अंदर व्यक्ति नशे के लिए प्रयोग होने वाली दवाईयां बेचता है। सीआईए सिरसा व ड्रग्स विभाग की टीम बुधवार दिन में प्रदीप कुमार पुत्र जनक राज गांव मल्लेकां हाल कांडा कॉलोनी केलनियां रोड सिरसा के घर पर दबिश दी। दबिश के दौरान घर के अंदर सौफा सेट के पास गत्ते के बॉक्स रखे हुए थें। जब टीम ने बॉक्स खोलकर देखे तो उनमें नशे के लिए प्रयोग होने वाली गोलियां थाी।
कई घंटों की जांच के बाद सामने आया कि 1770 एनडीपीएस एक्ट के तहत आने वाली दवाईयां है। जबकि 81775 गोलियां ऐसी थी जो एनडीपीएस एक्ट में नहीं आती है, लेकिन उनका प्रयोग नशे के लिए बड़े स्तर पर किया जाता है। इन दवाओं को लेकर ड्रग्स कंट्रोलर अपने स्तर पर कार्रवाई करेंगे। पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने बताया कि बरामद की गई प्रतिबंधित व नशीली गोलियों के बरामद किए गए जखीरे की जांच की जा रही है और यदि जांच के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्ता पाई गई तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ।
नशा बेचने के चलते हुए था मेडिकल स्टोर सील
वहीं, डीएसपी विकास कुमार ने बताया कि आरोपी प्रदीप कुमार पहले गांव मल्लेकां में मेडिकल स्टोर करता था। नशीली दवाईयां बेचने के चलते मेकिडल स्टोर विभाग ने सील कर दिया था। उसके बाद भी प्रदीप कुमार निरंतर नशीली दवाईयां बेचने के धंधे में लगा हुआ था। डीएसपी ने कहा कि सभी मेडिकल संचालकों को पहले ही चेतावनी पुलिस प्रशासन दे चुका है। अब पुलिस सीधेतौर पर कार्रवाई करेगी।
इन दवाओं का किया जाता है गलत प्रयोग
एसपी विक्रांत भूषण ने बताया कि ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट में टैपेंटाडोल, प्रीगैबलिन, ज़ोपिक्लोन, सिग्नेचर इत्यादि गोलियां आती है। यह एनडीपीएस एक्ट में नही आती । इसलिए इन गोलियां का अक्सर नशे में प्रयोग हो रहा है । नशा तस्कर इन दवाओं का प्रयोग बड़े स्तर पर कर रहे हैं। इन दवाओं के बढ़ते प्रचलन में दवा विक्रेताओं की गतिविधियां संदिग्ध हो गई है। ऐसे में सभी थाना प्रभारियों को आदेश दिए है कि यदि कोई मेडिकल संचालक नशे की दवा बेचने की गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है तो उस पर सख्त कार्रवाई करें।