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Sirsa News: ओलावृष्टि से धान की फसल को 80 प्रतिशत तक नुकसान, मुआवजे की आस में किसान
Fri, 30 Oct 2026 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 30 Oct 2026 12:31 AM IST
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क्षेत्र में ओलावृष्टि से प्रभावित धान की फसल का निरीक्षण करती एसडीएम अदिति सिंघानिया।
एसडीएम अदिति सिंघानिया ने नानुआना, सुल्तानपुरिया सहित प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण
फोटो-- - 3,4,5
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। रानियां क्षेत्र में 24 अक्तूबर को हुई ओलावृष्टि से किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कटाई के करीब पहुंची धान की फसल को 70 से 80 फीसदी तक क्षति होने का दावा किया जा रहा है। बुधवार को ऐलनाबाद की एसडीएम अदिति सिंघानिया ने नानुआना और सुल्तानपुरिया सहित कई प्रभावित गांवों का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान किसानों ने अपनी बर्बाद हुई फसल दिखाते हुए उचित मुआवजे की मांग की। ओलावृष्टि से ओटू, फतेहपुरिया, नानुआना, सुल्तानपुरिया, मोहम्मदपुरिया, लहरांवाली ढाणी, रामपुर थेड़ी और रानियां क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ धान की फसल प्रभावित हुई है।
खेतों में धान झड़कर गिरने से उत्पादन पर व्यापक असर पड़ा है। किसानों ने बताया कि बोआई के समय बारिश कम होने से सिंचाई के लिए भूमिगत पानी का सहारा लेना पड़ा था। महंगे कृषि संसाधनों और कड़ी मेहनत के बाद फसल तैयार हुई थी, लेकिन ओलावृष्टि ने इसे बर्बाद कर दिया। इससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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फसल नुकसान का आकलन
एसडीएम अदिति सिंघानिया ने किसानों को आश्वासन दिया कि फसल नुकसान की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की तकनीकी टीम जल्द ही प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करेगी। फसल बीमा करवाने वाले किसानों को नियमानुसार बीमा कंपनी से दावा मिलेगा। वहीं, बिना बीमा वाले किसानों के लिए सरकार क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलेगी। किसानों को इस पोर्टल पर खराब फसल का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना होगा, ताकि उसका सत्यापन हो सके।
विशेष गिरदावरी और मुआवजे की उम्मीद
प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रभावित किसानों को अब फसल नुकसान के सही आकलन और विशेष गिरदावरी की उम्मीद है। किसानों ने मांग की है कि नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर उन्हें जल्द राहत प्रदान की जाए। इससे आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को सहारा मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार लोकेश शर्मा, कृषि विभाग सिरसा के एसडीओ जितेंद्र अहलावत और खंड कृषि अधिकारी गुरदीप सिंह भी मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। रानियां क्षेत्र में 24 अक्तूबर को हुई ओलावृष्टि से किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कटाई के करीब पहुंची धान की फसल को 70 से 80 फीसदी तक क्षति होने का दावा किया जा रहा है। बुधवार को ऐलनाबाद की एसडीएम अदिति सिंघानिया ने नानुआना और सुल्तानपुरिया सहित कई प्रभावित गांवों का दौरा किया।
निरीक्षण के दौरान किसानों ने अपनी बर्बाद हुई फसल दिखाते हुए उचित मुआवजे की मांग की। ओलावृष्टि से ओटू, फतेहपुरिया, नानुआना, सुल्तानपुरिया, मोहम्मदपुरिया, लहरांवाली ढाणी, रामपुर थेड़ी और रानियां क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ धान की फसल प्रभावित हुई है।
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खेतों में धान झड़कर गिरने से उत्पादन पर व्यापक असर पड़ा है। किसानों ने बताया कि बोआई के समय बारिश कम होने से सिंचाई के लिए भूमिगत पानी का सहारा लेना पड़ा था। महंगे कृषि संसाधनों और कड़ी मेहनत के बाद फसल तैयार हुई थी, लेकिन ओलावृष्टि ने इसे बर्बाद कर दिया। इससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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फसल नुकसान का आकलन
एसडीएम अदिति सिंघानिया ने किसानों को आश्वासन दिया कि फसल नुकसान की जानकारी उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग की तकनीकी टीम जल्द ही प्रभावित गांवों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन करेगी। फसल बीमा करवाने वाले किसानों को नियमानुसार बीमा कंपनी से दावा मिलेगा। वहीं, बिना बीमा वाले किसानों के लिए सरकार क्षतिपूर्ति पोर्टल खोलेगी। किसानों को इस पोर्टल पर खराब फसल का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना होगा, ताकि उसका सत्यापन हो सके।
विशेष गिरदावरी और मुआवजे की उम्मीद
प्रशासन के आश्वासन के बाद प्रभावित किसानों को अब फसल नुकसान के सही आकलन और विशेष गिरदावरी की उम्मीद है। किसानों ने मांग की है कि नुकसान का निष्पक्ष आकलन कर उन्हें जल्द राहत प्रदान की जाए। इससे आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को सहारा मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान नायब तहसीलदार लोकेश शर्मा, कृषि विभाग सिरसा के एसडीओ जितेंद्र अहलावत और खंड कृषि अधिकारी गुरदीप सिंह भी मौजूद रहे।