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Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   50 years Data is go online Now in one click

अब एक क्लिक में होगा 50 साल का डाटा ऑनलाइन

Thu, 23 Mar 2017 12:17 AM IST
amarujala/Sirsa
amarujala/Sirsa Updated Thu, 23 Mar 2017 12:17 AM IST
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नगर परिषद सिरसा से जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निकलवाने के लिए अब लोगाें को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। अब एक क्लिक में डाटा कंप्यूटर स्क्रीन पर होगा। इससे कर्मचारी और आवेदक दोनों का समय भी बचेगा। प्रदेश सरकार की ओर से वर्ष 1966 से 2016 तक के 50 वर्षों के जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड की स्कैनिंग व डिजिटलाइजेशन करने का कार्य जारी है।  
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सरकार द्वारा प्रदेश की सभी नगर निगमों, नगर परिषदों, नगरपालिकाओं के अलावा स्वास्थ्य विभाग से जन्म-मृत्यु का रिकॉर्ड मंगवाया गया है। रिकॉर्ड की स्कै निंग और डिजिटलाइज करने का कार्य हारट्रोन की ओर से किया जा रहा है। सिरसा नगर परिषद की ओर से वर्ष 2005 से 2011 तक का जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड हारट्रोन पंचकूला को भिजवा दिया गया है। वहां से डाटा वापस आने में करीब एक महीने का समय लगेगा। तब तक लोगों को इस अवधि के दौरान के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र नगर परिषद सिरसा कार्यालय से उपलब्ध नहीं हो पाएंगे। हारट्रोन द्वारा वर्ष 1966 से 2004 तक 38 वर्षों के जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड की तो स्कैनिंग की जाएगी, जबकि वर्ष 2005 से 2016 तक के 12 सालों के रिकॉर्ड को डिजिटलाइज किया जाएगा। नगर परिषद द्वारा अभी तो 2005 से 2011 तक के सात वर्षों का रिकॉर्ड भेजा गया है। ये रिकॉर्ड पंचकूला से वापस आने के बाद परिषद द्वारा वर्ष 2012 से 2014 तक का रिकॉर्ड भिजवाया जाएगा।
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योजना के अंत में वर्ष 1966 से 2004 तक का जन्म-मृत्यु डाटा स्कैनिंग के लिए हारट्रोन को भेजा जाएगा। सारा काम सिरे चढ़ने के साथ ही लोगों को रिकॉर्ड हासिल करने के लिए होने वाली परेशानी से भी छुटकारा मिल जाएगा। अभी तक की यह स्थिति यह थी कि व्यक्ति जब नप की जन्म-मृत्यु खिड़की पर प्रमाण पत्र निकलवाने के लिए पहुंचता है तो उसे समस्याओं से दो चार होना पड़ता है। कभी कंप्यूटर खराब मिलता है तो कभी कर्मचारी सीट पर नहीं मिलता। स्टाफ की कमी के चलते प्रमाण हासिल करने समय बर्बाद हो जाता है। पर इन प्रमाण पत्रों की स्कैनिंग और डिजिटलाइजेशन होने के बाद कंप्यूटर पर एक क्लिक में 50 वर्षों का जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड सामने होगा। कर्मचारी को बर्थडे अथवा डेथ सर्टिफिकेट बनाने में देरी नहीं होगी और आवेदक को भी राहत मिलेगी।
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कर्मचारी और आवेदक दोनों का समय बचेगा
नगर परिषद का जन्म-मृत्यु रिकॉर्ड अभी तक कंप्यूटराइज्ड नहीं था। स्टाफ की भी कमी रहती है। ऐसे में प्रमाण पत्र बनाने में समय लगता है। दिन में कई आवेदन आते हैं। रिकॉर्ड से एक-एक डेट देखकर ढूंढने, मिलान करने से लेकर प्रमाण पत्र बनाने तक काफी समय लग जाता है। कंप्यूटराइज्ड होने के बाद एक क्लिक में डाटा उपलब्ध होगा। कर्मचारी और आवेदक दोनों का समय बचेगा।
गुरशरण सिंह, कर अधीक्षक, नगरपरिषद, सिरसा।
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