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ग्रामीण क्षेत्र की 4 छात्राओं ने किया जिले में टॉप, सोशल मीडिया से दूर रहकर पाया मुकाम
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जिला में द्वितीय स्थान प्राप्त करते वाली कोमल को आशीर्वाद देते माता - पिता ।
- फोटो : Sirsa
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सिरसा। कहते है कड़ी मेहनत से सब कुछ हासिल किया जा सकता है। ऐसा की कुछ कर दिखाया है। जिले की छात्राओं ने। सिरसा की 4 छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जिले में टॉप स्थान हासिल किया है।
इस दौरान सिरसा की कंचन ने प्राइवेट स्कूल में शिक्षा ग्रहण करते हुए 494 अंक प्राप्त कर जिला में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं दूसरी ओर भुर्टवाला की कोमल ने कंचन से एक कम 493 अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं नाथूसरी कलां की नेहा और माधोसिंघाना की सपना ने 492 अंक लेकर तृतीय स्थान पर अपना कब्जा किया है। तीनों ही छात्राओं ने कड़ी मेहनत करके जिला में थाक जमाई है। छात्राएं सोशल मीडिया से दूर रही और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रही है। पिछले एक साल से छात्राओं ने अपने समय का शिद्दत से प्रयोग करते हुए इस मुकाम को हासिल किया है।
कंचन, जिला टॉपर 494 अंक
494 अंक प्राप्त कर जिला में टॉप स्थान लेने वाली छात्रा कंचन ने दिन में 4 से 5 घंटे तक पढ़ाई की। कंचन बताती है कि उसने एकदम से परीक्षा के समय में पढ़ाई न करने हुए पूरे साल पढ़ाई की है। वहीं कंचन के पिता ओमप्रकाश ने बेटी की पढ़ाई के लिए मेवात में पुलिस की सरकारी नौकरी छोड़ दी। ओमप्रकाश बताते हैं कि वह सिरसा से दूर मेवात में नौकरी करते थे। जिस दौरान वो अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते। इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अब खेती कर रहे है। कंचन आगे डॉक्टर की पढ़ाई करना चाहती है। उसका सपना है कि डॉक्टर की पढ़ाई कर वो लोगों की सेवा करें।
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कोमल, जिले में द्वितीय स्थान पर
गांव भुर्टवाला की रहने वाली कोमल ने 493 अंक प्राप्त कर जिला में द्वितीय स्थान हासिल किया है। कोमल बताती है कि उसने सोशल मीडिया से दूरी बनकार ऑफलाइन पढ़ाई की। कोमल एम्स, दिल्ली में काम करना चाहती है। इस लक्ष्य रखकर ही उसने दसवीं में कड़ी मेहनत की है। आगे की पढ़ाई कोमल मेडिकल में कर डॉक्टर बनना चाहती है। कोमल के पिता प्रदीप कुमार जानवरों के डॉक्टर है और गांव में ही डिस्पेंसरी चलाते हैं। पिता को देखकर ही कोमल ने डॉक्टर बनने का सपना देखा।
सपना, जिले में तृतीय स्थान पर
माधोसिंघाना की सपना एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ती है। सपना ने 492 अंक लेकर जिला में तीसरा स्थान हासिल किया है। सपना ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया। सपना ने सोशल मीडिया से दूरी नहीं बनाई अपितु सोशल मीडिया का सही प्रयोग कर आज तृतीय स्थान पर आई है। सपना भी डॉक्टर बनना चाहती है। इसलिए 11वीं में मेडिकल संकाय में आगे की पढ़ाई करेगी। सपना ने परीक्षा की तैयारियों के दौरान किसी ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। अपितु अपने बलबूते सेल्फ स्टडी कर परीक्षा उत्तीर्ण की।
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इस दौरान सिरसा की कंचन ने प्राइवेट स्कूल में शिक्षा ग्रहण करते हुए 494 अंक प्राप्त कर जिला में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं दूसरी ओर भुर्टवाला की कोमल ने कंचन से एक कम 493 अंक लेकर दूसरा स्थान हासिल किया। वहीं नाथूसरी कलां की नेहा और माधोसिंघाना की सपना ने 492 अंक लेकर तृतीय स्थान पर अपना कब्जा किया है। तीनों ही छात्राओं ने कड़ी मेहनत करके जिला में थाक जमाई है। छात्राएं सोशल मीडिया से दूर रही और अपने लक्ष्य पर केंद्रित रही है। पिछले एक साल से छात्राओं ने अपने समय का शिद्दत से प्रयोग करते हुए इस मुकाम को हासिल किया है।
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कंचन, जिला टॉपर 494 अंक
494 अंक प्राप्त कर जिला में टॉप स्थान लेने वाली छात्रा कंचन ने दिन में 4 से 5 घंटे तक पढ़ाई की। कंचन बताती है कि उसने एकदम से परीक्षा के समय में पढ़ाई न करने हुए पूरे साल पढ़ाई की है। वहीं कंचन के पिता ओमप्रकाश ने बेटी की पढ़ाई के लिए मेवात में पुलिस की सरकारी नौकरी छोड़ दी। ओमप्रकाश बताते हैं कि वह सिरसा से दूर मेवात में नौकरी करते थे। जिस दौरान वो अपने बच्चों को समय नहीं दे पाते। इसलिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अब खेती कर रहे है। कंचन आगे डॉक्टर की पढ़ाई करना चाहती है। उसका सपना है कि डॉक्टर की पढ़ाई कर वो लोगों की सेवा करें।
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कोमल, जिले में द्वितीय स्थान पर
गांव भुर्टवाला की रहने वाली कोमल ने 493 अंक प्राप्त कर जिला में द्वितीय स्थान हासिल किया है। कोमल बताती है कि उसने सोशल मीडिया से दूरी बनकार ऑफलाइन पढ़ाई की। कोमल एम्स, दिल्ली में काम करना चाहती है। इस लक्ष्य रखकर ही उसने दसवीं में कड़ी मेहनत की है। आगे की पढ़ाई कोमल मेडिकल में कर डॉक्टर बनना चाहती है। कोमल के पिता प्रदीप कुमार जानवरों के डॉक्टर है और गांव में ही डिस्पेंसरी चलाते हैं। पिता को देखकर ही कोमल ने डॉक्टर बनने का सपना देखा।
सपना, जिले में तृतीय स्थान पर
माधोसिंघाना की सपना एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ती है। सपना ने 492 अंक लेकर जिला में तीसरा स्थान हासिल किया है। सपना ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी पर ध्यान दिया। सपना ने सोशल मीडिया से दूरी नहीं बनाई अपितु सोशल मीडिया का सही प्रयोग कर आज तृतीय स्थान पर आई है। सपना भी डॉक्टर बनना चाहती है। इसलिए 11वीं में मेडिकल संकाय में आगे की पढ़ाई करेगी। सपना ने परीक्षा की तैयारियों के दौरान किसी ट्यूशन का सहारा नहीं लिया। अपितु अपने बलबूते सेल्फ स्टडी कर परीक्षा उत्तीर्ण की।

बेटी सपना का जिला में तृतीय स्थान आने पर आशीर्वाद देते माता - पिता।- फोटो : Sirsa

कंचन अपने माता पिता के साथ जीत की खुशी की मनाती हुई।- फोटो : Sirsa