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केंद्रीय विश्वविद्यालय में आरक्षण के लिए प्रदर्शन
महेंद्रगढ़/ब्यूरो।
Updated Sat, 19 Oct 2013 09:14 PM IST
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हरियाणा में केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा में दाखिलों और नौकरियों में आरक्षण के लिए शनिवार को गांव जाट, पाली के लोगों ने शहर के मुख्य बाजारों में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया।
समिति के संयोजक एवं गांव पाली के पूर्व सरपंच मलखान सिंह ने कहा कि जाट व पाली की पंचायत ने अपनी 483 एकड़ भूमि केविवि को भवन निर्माण के लिए दी थी। उनकी शर्त थी कि इसके बदले इन दोनों गांवों के बेरोजगार युवाओं, विद्यार्थियों को विवि में नौकरियों और दाखिलों में आरक्षण दिया जाएगा।
अब तक न तो दाखिलों में और न ही नौकरियों में गांव के किसी नौजवान को अवसर दिया गया। उन्होंने बताया कि बीती 28 जुलाई को कार्यकारी कुलपति ने संघर्ष समिति के सदस्यों को आश्वासन दिया था कि एक माह के भीतर उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को नए भवन में कक्षाएं आरंभ करने पर सहमति प्रदान की थी।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे संघर्ष समिति के सदस्य रुद्रपाल सिंह तंवर ने बताया कि जाट व पाली गांव के लोग तीन वर्षों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा था।
उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही संघर्ष समिति की मांगों को विवि प्रशासन ने नहीं माना तो ग्रामीण आरपार की लड़ाई लड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शन में समिति के उपप्रधान सुनील पंच, पूर्व प्रधान रणबीर सिंह, प्रकाशचंद, मनबीर सिंह, नेपाल सिंह, कुलदीप, अनिल, धर्मबीर, सुभाष क्रांतिकारी, मुकेश ठेकेदार शामिल थे।
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समिति के संयोजक एवं गांव पाली के पूर्व सरपंच मलखान सिंह ने कहा कि जाट व पाली की पंचायत ने अपनी 483 एकड़ भूमि केविवि को भवन निर्माण के लिए दी थी। उनकी शर्त थी कि इसके बदले इन दोनों गांवों के बेरोजगार युवाओं, विद्यार्थियों को विवि में नौकरियों और दाखिलों में आरक्षण दिया जाएगा।
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अब तक न तो दाखिलों में और न ही नौकरियों में गांव के किसी नौजवान को अवसर दिया गया। उन्होंने बताया कि बीती 28 जुलाई को कार्यकारी कुलपति ने संघर्ष समिति के सदस्यों को आश्वासन दिया था कि एक माह के भीतर उनकी मांगों को स्वीकार कर लिया जाएगा। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को नए भवन में कक्षाएं आरंभ करने पर सहमति प्रदान की थी।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे संघर्ष समिति के सदस्य रुद्रपाल सिंह तंवर ने बताया कि जाट व पाली गांव के लोग तीन वर्षों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा था।
उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही संघर्ष समिति की मांगों को विवि प्रशासन ने नहीं माना तो ग्रामीण आरपार की लड़ाई लड़ने से भी पीछे नहीं हटेंगे। प्रदर्शन में समिति के उपप्रधान सुनील पंच, पूर्व प्रधान रणबीर सिंह, प्रकाशचंद, मनबीर सिंह, नेपाल सिंह, कुलदीप, अनिल, धर्मबीर, सुभाष क्रांतिकारी, मुकेश ठेकेदार शामिल थे।