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अलेवा थाने के सात पुलिसकर्मियों का तबादला
जींद/ब्यूरो
Updated Fri, 18 Oct 2013 08:55 PM IST
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अलेवा थाने के सात पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया है। तबादले के सामूहिक लपेटे में थाना प्रभारी सत्यप्रकाश भी आए हैं। 25 सितंबर को अलेवा गांव की दलित छात्रा से रेप का मामला हुआ था।
पीड़िता के परिजनों ने अलेवा थाने के कर्मचारी व अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। आरोप में कहा गया था कि उन्हें धक्के मारकर थाने से बाहर भगा दिया गया। परिजनों ने एसपी बलवान सिंह राणा से मिलकर न्याय की गुहार लगाई थी। एसपी के आदेशानुसार डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने मामले की जांच के बाद अलेवा थाना प्रभारी सत्यप्रकाश को मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे।
डीएसपी के आदेशों के बाद पीड़ित छात्रा के बयान पर गांव के ही राजकंवल के खिलाफ दुराचार, जान से मारने की धमकी देने व एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था। वहीं एसपी बलवान सिंह राणा ने इन तबादलों को रूटीन प्रक्रिया बताया है। उन्होंने कहा कि दलित छात्रा के मामले से इन तबादलों का कोई संबंध नहीं है। दरअसल ये पुलिस कर्मी काफी लंबे समय से एक ही स्टेशन पर कार्यरत थे। लांग स्टे को तोड़ने के लिए इनके तबादले किए गए हैं।
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पीड़िता के परिजनों ने अलेवा थाने के कर्मचारी व अधिकारियों पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। आरोप में कहा गया था कि उन्हें धक्के मारकर थाने से बाहर भगा दिया गया। परिजनों ने एसपी बलवान सिंह राणा से मिलकर न्याय की गुहार लगाई थी। एसपी के आदेशानुसार डीएसपी वीरेंद्र सिंह ने मामले की जांच के बाद अलेवा थाना प्रभारी सत्यप्रकाश को मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे।
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डीएसपी के आदेशों के बाद पीड़ित छात्रा के बयान पर गांव के ही राजकंवल के खिलाफ दुराचार, जान से मारने की धमकी देने व एससीएसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया था। वहीं एसपी बलवान सिंह राणा ने इन तबादलों को रूटीन प्रक्रिया बताया है। उन्होंने कहा कि दलित छात्रा के मामले से इन तबादलों का कोई संबंध नहीं है। दरअसल ये पुलिस कर्मी काफी लंबे समय से एक ही स्टेशन पर कार्यरत थे। लांग स्टे को तोड़ने के लिए इनके तबादले किए गए हैं।
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